# अजमेर के पुष्कर में 10 नवंबर से सजेगा अंतरराष्ट्रीय मेला, 8 दिनों के सांस्कृतिक उत्सव का पूरा कार्यक्रम जारी

> राजस्थान के अजमेर जिले में 10 नवंबर से अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेला शुरू हो रहा है, जहां 17 से 24 नवंबर तक मुख्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, प्रतियोगिताएं और संगीत संध्याएं आयोजित होंगी.

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-11-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/ajmer-ke-pushkar-men-10-navnbara-se-sajega-antararashtriya-mela-8-dinon-ke-sanskritika-utsava-ka-pura-karyakrama-jari-55422 · **Language:** Hindi
**Tags:** पुष्कर मेला, अजमेर, राजस्थान पर्यटन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, ऊंट मेला, पुष्कर सरोवर

राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल पुष्कर एक बार फिर लोक संस्कृति, पारंपरिक खेलों और पशु मेले के अनूठे संगम का गवाह बनने जा रहा है. 10 नवंबर से अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेले का अनौपचारिक आगाज होने जा रहा है. इस वार्षिक उत्सव में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को ऊंटों की चाल, घोड़ों के हैरतअंगेज करतब और पशुओं की दुर्लभ व आकर्षक नस्लें देखने को मिलेंगी. रंग-बिरंगे परिधान, राजस्थानी रीति-रिवाज और लोक परंपराएं इस पूरे आयोजन को बेहद खास बनाएंगी. आयोजन स्थल पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है.

मेले के प्रारंभिक दिनों में पशुओं की खरीद-फरोख्त और प्राथमिक गतिविधियां शुरू हो जाएंगी, जबकि पर्यटन विभाग के तत्वावधान में आयोजित होने वाले आधिकारिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का सिलसिला 17 नवंबर से शुरू होकर 24 नवंबर तक चलेगा. इस पूरे सप्ताह में राजस्थानी संगीत, नृत्य, पारंपरिक खेल, पशु स्पर्धाएं और संगीत संध्याएं दर्शकों का मनोरंजन करेंगी.

## 17 नवंबर को ध्वजारोहण, महाआरती और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
पर्यटन विभाग के सांस्कृतिक आयोजनों की औपचारिक शुरुआत 17 नवंबर को सुबह 10 बजे मेला मैदान पर होगी. इस दौरान विशेष पूजा-अर्चना, ध्वजारोहण और नगाड़ा वादन किया जाएगा. पहले ही दिन स्कूली छात्राओं के बीच मांडना बनाने की प्रतियोगिता और समूह नृत्य के कार्यक्रम रखे गए हैं. इसके अलावा स्थानीय नागरिकों और विदेशी सैलानियों के बीच एक दोस्ताना फुटबॉल मैच खेला जाएगा. शाम 6 बजे पुष्कर सरोवर के पवित्र घाटों पर दीपदान, आकर्षक रंगोली और भव्य महाआरती की जाएगी. रात के समय मेला मैदान में स्थानीय व प्रदेश भर से आए लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे.

## पारंपरिक खेल, ऊंट श्रृंगार और ग्रामीण स्पर्धाएं
आयोजन के दूसरे दिन 18 नवंबर को मेला मैदान में पारंपरिक देसी खेलों का रोमांच देखने को मिलेगा. यहां स्थानीय लोगों और विदेशी पर्यटकों के बीच लंगड़ी टांग, सतोलिया और गिल्ली डंडा जैसे मुकाबले होंगे. साथ ही ऊंटों का श्रृंगार और ऊंट नृत्य प्रतियोगिता मुख्य आकर्षण रहेंगी. 19 नवंबर का दिन ग्रामीण खेलकूद और पशु कौशल के नाम रहेगा. इस दिन अश्व नृत्य प्रतियोगिता के साथ-साथ कबड्डी मैच, रस्साकशी और वॉलीबॉल की रोमांचक ग्रामीण खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी.

## शिल्पग्राम में फूड एंड क्राफ्ट, विदेशी मेहमानों के लिए मूंछ और पगड़ी स्पर्धा
20 नवंबर से पुष्कर के शिल्पग्राम में फूड एंड क्राफ्ट महोत्सव का शुभारंभ होगा, जहां हस्तशिल्प और क्षेत्रीय व्यंजनों के स्टॉल सजेंगे. शाम को सरोवर तट पर महाआरती के बाद मेला मैदान में कबीर कैफे बैंड अपनी सांगीतिक प्रस्तुति देगा. 21 नवंबर को विदेशी सैलानियों के लिए विशेष तौर पर पगड़ी बांधने, तिलक लगाने और मूंछ प्रतियोगिता का आयोजन रखा गया है. इसी दिन ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिताओं के अंतिम मुकाबले खेले जाएंगे. शाम को सरोवर पर महाआरती संपन्न होने के बाद पद्मश्री अनवर खान और गुलाबो समेत विख्यात राजस्थानी लोक कलाकार मंच संभालेंगे.

## अमित मिश्रा और स्वरूप खान की संगीत संध्याएं, 'लगान' स्टाइल क्रिकेट मैच
22 नवंबर के दिन महिलाओं के लिए खास मटका दौड़ और म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिताएं रखी गई हैं. शाम की महाआरती के बाद मेला मैदान पर बॉलीवुड गायक अमित मिश्रा अपनी प्रस्तुति देंगे. 23 नवंबर को प्रसिद्ध फिल्म लगान की शैली पर आधारित पारंपरिक क्रिकेट मैच खेला जाएगा, जिसमें रोचक वेशभूषा और नियम देखने को मिलेंगे. इसी दिन शाम को लोक प्रस्तुतियों के साथ बॉलीवुड गायक स्वरूप खान अपनी गायकी का जादू बिखेरेंगे.

## 24 नवंबर को प्रतियोगिताओं का समापन और पुरस्कार वितरण
आठ दिवसीय इस सांस्कृतिक महाकुंभ का समापन 24 नवंबर को मेला मैदान पर औपचारिक समारोह के साथ होगा. अंतिम दिन कला जत्था यात्रा, समूह नृत्य, मटका दौड़, रस्साकशी और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न होंगे. विभिन्न आयोजनों और प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को मंच पर पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे. शाम के समय पुष्कर सरोवर के घाटों पर होने वाली भव्य महाआरती के साथ पर्यटन विभाग के सभी सांस्कृतिक आयोजनों का विधिवत समापन हो जाएगा.

## इसका आप पर असर
पुष्कर मेला राजस्थान की स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन उद्योग और बाहर से आने वाले यात्रियों के यात्रा कार्यक्रम को सीधे प्रभावित करता है.

- **राजस्थान में:** अजमेर और पुष्कर के होटल, टैक्सी चालक और स्थानीय व्यापारी इस दौरान भारी मांग और कारोबार में उछाल देखेंगे. यात्रा करने वाले पर्यटकों को कमरे पहले से आरक्षित करने और यात्रा की समय-सारणी का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है.
- **भारत भर में:** सांस्कृतिक और पशु मेले में रुचि रखने वाले देश भर के सैलानियों को 10 से 24 नवंबर के बीच का भ्रमण कार्यक्रम तैयार करने में मदद मिलेगी. जो लोग मुख्य संगीत और पारंपरिक प्रतियोगिताओं का आनंद लेना चाहते हैं, वे 17 से 24 नवंबर के बीच यात्रा की योजना बना सकते हैं.
- **पशुपालकों और किसानों के लिए:** राजस्थान और पड़ोसी राज्यों के पशुपालक 10 नवंबर से ही पशुओं की खरीद और बिक्री के लिए मेले में पहुंच सकते हैं. ऊंटों और घोड़ों की प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को अपनी तैयारी समय से पूरी करनी होगी.
- **कला और शिल्प प्रेमियों के लिए:** 20 नवंबर से शिल्पग्राम में शुरू होने वाले फूड एंड क्राफ्ट मेले में आगंतुकों को पारंपरिक हस्तशिल्प और राजस्थानी व्यंजनों का अनुभव मिलेगा. खरीदारी और खानपान के शौकीन लोग अपनी यात्रा इसी अनुसार तय कर सकते हैं.

## ऐसा क्यों हुआ
पुष्कर मेला प्रतिवर्ष कार्तिक मास में आयोजित होने वाला एक पारंपरिक उत्सव है, जो धार्मिक आस्था और पशु व्यापार दोनों का केंद्र रहा है.

- **वार्षिक परंपरा:** पुष्कर मेले का आयोजन हर साल हिंदू पंचांग के कार्तिक महीने में किया जाता है, जो सदियों पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है. इसी अवसर पर देश भर से श्रद्धालु पुष्कर सरोवर में स्नान और दीपदान के लिए पहुंचते हैं.
- **पर्यटन को बढ़ावा:** राजस्थान पर्यटन विभाग मेले के जरिए राज्य की समृद्ध लोक कला, संगीत और पारंपरिक खेलों को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करता है. इससे अंतरराष्ट्रीय और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा मिलता है.
- **पशु व्यापार और सांस्कृतिक संगम:** ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालक सदियों से ऊंट, घोड़े और मवेशियों की खरीद-बिक्री के लिए यहां जुटते हैं. समय के साथ इस व्यापारिक केंद्र को सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं और आधुनिक संगीत कार्यक्रमों से जोड़ दिया गया.

## सवाल-जवाब

### 1. पुष्कर मेले की शुरुआत कब से होगी?
पुष्कर मेले की अनौपचारिक शुरुआत 10 नवंबर से होगी, जबकि पर्यटन विभाग के सांस्कृतिक कार्यक्रम 17 नवंबर से शुरू होंगे.

### 2. पर्यटन विभाग के सांस्कृतिक कार्यक्रम कब से कब तक चलेंगे?
पर्यटन विभाग के कार्यक्रम 17 नवंबर से 24 नवंबर तक आयोजित किए जाएंगे.

### 3. मेले का औपचारिक उद्घाटन 17 नवंबर को किस तरह होगा?
मेले का औपचारिक उद्घाटन 17 नवंबर को सुबह 10 बजे मेला मैदान में पूजा, ध्वजारोहण और नगाड़ा वादन के साथ होगा.

### 4. शिल्पग्राम में फूड एंड क्राफ्ट महोत्सव कब शुरू होगा?
शिल्पग्राम में फूड एंड क्राफ्ट महोत्सव की शुरुआत 20 नवंबर से होगी.

### 5. मेले में कौन-कौन से प्रसिद्ध बॉलीवुड गायक प्रस्तुति देंगे?
मेले में 22 नवंबर को बॉलीवुड गायक अमित मिश्रा और 23 नवंबर को गायक स्वरूप खान अपनी प्रस्तुतियां देंगे.

### 6. विदेशी पर्यटकों के लिए कौन सी प्रतियोगिताएं रखी गई हैं?
विदेशी पर्यटकों के लिए फुटबॉल मैच, लंगड़ी टांग, सतोलिया, गिल्ली डंडा, पगड़ी बांधने, तिलक और मूंछ प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी.

### 7. मेले का समापन कब और कैसे होगा?
मेले का समापन 24 नवंबर को विभिन्न प्रतियोगिताओं के पुरस्कार वितरण और पुष्कर सरोवर पर शाम की महाआरती के साथ होगा.

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