# अजमेर के शिवपुरा में दर्दनाक हादसा, कुएं में डूब रही पत्नी को बचाने कूदे पति की भी गई जान

> अजमेर जिले के पीसांगन थाना क्षेत्र के शिवपुरा गांव में कुएं से पानी भरते समय गिरी 28 वर्षीय हीरादेवी को बचाने के लिए उसका पति नोरतसिंह रावत भी कूद गया, जिससे दोनों की डूबकर मौत हो गई।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/ajmer-ke-shivpura-men-dardanaka-hadasa-kuen-men-duba-rahi-patni-ko-bachane-kude-pati-ki-bhi-gai-jana-46737 · **Language:** Hindi
**Tags:** अजमेर, पीसांगन, हादसा, कुआं हादसा, राजस्थान पुलिस, एसडीआरएफ

राजस्थान के अजमेर जिले में पीसांगन पुलिस थाना इलाके के शिवपुरा गांव में रविवार की शाम एक दर्दनाक हादसा पेश आया। कृषि कार्य के दौरान खेत पर मौजूद एक गहरे कुएं से पानी निकालते वक्त पैर फिसल जाने से अट्ठाईस वर्षीय हीरादेवी गहरे जलस्तर में गिर गईं। खेत में पास ही कार्य कर रहे उनके तीस वर्षीय पति नोरतसिंह रावत ने जब अपनी जीवनसंगिनी को कुएं में गिरते और डूबते देखा, तो उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना तत्काल कुएं में छलांग लगा दी। कुएं के भीतर अत्यधिक गहरा पानी होने और बाहर निकलने का कोई ठोस सहारा न मिल पाने की वजह से दोनों पानी के भीतर समा गए और दम घुटने व डूबने से दोनों की जान चली गई।

## ग्रामीणों की कोशिशें रहीं नाकाम, प्रशासन को दी गई सूचना
खेत से उठी चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम में जुटे ग्रामीण और किसान तुरंत मौके की तरफ दौड़े। देखते ही देखते कुएं के चारों ओर भारी संख्या में स्थानीय निवासियों का जमावड़ा लग गया। वहां मौजूद ग्रामीणों ने फौरन रस्सियों और पारंपरिक संसाधनों के जरिए दंपती को सकुशल बाहर निकालने के गंभीर प्रयास किए। हालांकि कुएं की विकट गहराई और भीतर पानी की हलचल के चलते ग्रामीणों की कोई भी शुरुआती कोशिश कामयाब नहीं हो पाई। हालात बेकाबू होते देख प्रत्यक्षदर्शियों ने अविलंब पीसांगन थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासनिक तंत्र को दुर्घटना की जानकारी दी।

## देर रात तक चला विशेष टीमों का साझा बचाव अभियान
हादसे की खबर पाते ही पीसांगन थानाधिकारी पारुल यादव पुलिस जाब्ते के साथ फौरन मौके पर पहुंचीं। कुएं की स्थिति और खतरे को देखते हुए अजमेर मुख्यालय से एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की विशेष आपदा राहत टुकड़ियों को तलब किया गया। स्थानीय पुलिस बल, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस के जवानों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभालते हुए बड़े पैमाने पर सघन बचाव अभियान शुरू किया। कई घंटों की लगातार मशक्कत के उपरांत देर रात जाकर दोनों के शवों को गहरे पानी से बाहर निकालने में सफलता हासिल हुई।

## अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए गए शव, गांव में पसरा मातम
पानी से बाहर निकाले जाने के बाद पुलिस ने दोनों पार्थिव शरीरों को अपने संरक्षण में लेकर समीपवर्ती अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखवा दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार सोमवार के दिन परिजनों की मौजूदगी में दोनों शवों का विधिवत पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद अंतिम संस्कार हेतु शव परिजनों के सुपुर्द किए जाएंगे। पुलिस प्रशासन ने आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए मामले की वैधानिक जांच प्रारंभ कर दी है। इस अचानक हुए हादसे से शिवपुरा गांव में गहरा शोक छा गया है।

## इसका आप पर असर
यह दुखद घटना कृषि क्षेत्रों में खुले और असुरक्षित कुओं के आसपास काम करने वाले किसानों और ग्रामीणों के लिए सुरक्षा संबंधी गंभीर चेतावनी प्रस्तुत करती है।

- **भारत में:** देश भर के ग्रामीण इलाकों में खुले कुओं पर सुरक्षा रेलिंग या जाली लगाने की आवश्यकता पुनः रेखांकित हुई है। किसान परिवारों को जल निष्कर्षण और सिंचाई के समय पर्याप्त सावधानी बरतने और अकेले जोखिम न उठाने की सलाह दी जाती है।
- **अजमेर में:** पीसांगन और आसपास के ग्रामीण इलाकों में खेतों पर बने पारंपरिक गहरे कुओं की सुरक्षा समीक्षा पर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज होगी। ग्रामीणों को आपातकालीन स्थिति में बिना सुरक्षा उपकरण गहरे पानी में कूदने के बजाय तत्काल रस्सियों अथवा राहत टीमों की सहायता लेने की सीख मिलती है।
- **कृषि कार्य सुरक्षा:** खेतों में जल स्रोतों के मुहाने पर सुरक्षा दीवार अथवा सुरक्षात्मक ग्रिल का होना अनिवार्य जीवनरक्षक उपाय है। पंचायत और स्थानीय निकायों द्वारा ऐसे खुले जल स्रोतों को ढकने अथवा सुरक्षित करने हेतु दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए।
- **आपातकालीन प्रतिक्रिया:** किसी के गहरे जल में गिरने पर बिना तैराकी दक्षता अथवा लाइफ जैकेट के तुरंत कूदना दोहरा नुकसान पहुंचा सकता है। ग्रामीणों को हमेशा नजदीकी पुलिस या एसडीआरएफ टीम को तुरंत सूचना देने और फ्लोटिंग उपकरण फेंकने को प्राथमिकता देनी चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
यह हादसा खेत में बने खुले और गहरे कुएं से जल निकालते समय अचानक पैर फिसल जाने तथा बिना सुरक्षा साधनों के आनन-फानन में बचाव के प्रयास के कारण हुआ।

- **असुरक्षित कार्य परिस्थितियां:** हीरादेवी खेत के कुएं से पानी खींच रही थीं, जहां मुहाने पर पैर फिसलने से उनका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे गहरे पानी में जा गिरीं। कृषि कुओं के किनारे अक्सर फिसलन भरी मिट्टी या कम ऊंची मुंडेर होने के कारण ऐसे जोखिम बने रहते हैं।
- **त्वरित और जोखिम भरा बचाव प्रयास:** अपनी पत्नी को डूबते देख नोरतसिंह रावत ने बिना सोचे-समझे तुरंत कुएं में छलांग लगा दी। अत्यधिक पानी और कुएं में चढ़ने या टिकने के लिए कोई सहारा मौजूद न होने से दोनों पानी में फंस गए।
- **संसाधनों का अभाव:** मौके पर मौजूद ग्रामीणों के पास गहरे पानी से निकालने के लिए पेशेवर गोताखोरी उपकरण या लाइफ सेविंग गियर मौजूद नहीं थे। इसके चलते एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की प्रशिक्षित टीमों के पहुंचने तक बचाव कार्य देर रात तक खिंच गया।

## सवाल-जवाब

### 1. यह हादसा किस स्थान और किस दिन हुआ?
यह हादसा राजस्थान के अजमेर जिले में पीसांगन थाना क्षेत्र के शिवपुरा गांव में रविवार शाम को हुआ।

### 2. मृतक पति-पत्नी के नाम और उम्र क्या हैं?
मृतक महिला का नाम 28 वर्षीय हीरादेवी और उनके पति का नाम 30 वर्षीय नोरतसिंह रावत है।

### 3. महिला कुएं में कैसे गिरी?
खेत में बने गहरे कुएं से पानी निकालते समय अचानक पैर फिसल जाने के कारण महिला कुएं में गिर गई थी।

### 4. पति ने कुएं में छलांग क्यों लगाई?
पास ही खेत में काम कर रहे पति ने अपनी पत्नी को डूबते देखकर उसे बचाने के लिए बिना देर किए कुएं में छलांग लगा दी थी।

### 5. ग्रामीणों द्वारा किए गए बचाव के शुरुआती प्रयास क्यों असफल रहे?
कुएं की अत्यधिक गहराई और पानी के बहाव के कारण ग्रामीणों के प्राथमिक प्रयास सफल नहीं हो सके।

### 6. बचाव अभियान में किन टीमों ने भाग लिया?
पीसांगन थाना पुलिस के साथ अजमेर से बुलाई गई एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की विशेष टीमों ने संयुक्त अभियान चलाया।

### 7. शवों को कुएं से कब बाहर निकाला जा सका?
राहत और बचाव टीमों की कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद देर रात दोनों शवों को कुएं से बाहर निकाला गया।

### 8. प्रशासन द्वारा शवों के संबंध में आगे क्या कार्रवाई की जा रही है?
शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है, जहां सोमवार को परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम करवाकर शव सौंपे जाएंगे।

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