# अजमेर के सुधर्म सागर स्थित जैन मंदिर में ताले तोड़कर दानपात्र और चांदी के बर्तन ले उड़े चोर

> अजमेर के जयपुर रोड स्थित जैन मंदिर से अज्ञात चोर दानपेटी और चांदी के बर्तनों समेत करीब 7 से 8 लाख रुपये का कीमती सामान चुराकर फरार हो गए। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की मदद से मामले की छानबीन कर रही है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-11-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/ajmer-ke-sudharm-sagar-sthita-jain-temple-men-tale-torakara-danapatra-aura-chandi-ke-bartana-le-ure-chora-54265 · **Language:** Hindi
**Tags:** अजमेर, जैन मंदिर चोरी, गेगल थाना, सुधर्म सागर कॉलोनी, अजमेर क्राइम, राजस्थान पुलिस

अजमेर में आवासीय मकानों और व्यापारिक दुकानों के बाद अब चोरों ने धार्मिक स्थलों पर भी हाथ साफ करना शुरू कर दिया है। गेगल थाना इलाके के अंतर्गत जयपुर रोड पर बनी सुधर्म सागर कॉलोनी के जैन मंदिर में अज्ञात बदमाशों ने सेंधमारी कर एक बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दिया। यह पूरी वारदात उस समय सामने आई जब शनिवार की सुबह श्रद्धालु नियमित पूजा-अर्चना के लिए मंदिर परिसर पहुंचे। मंदिर के मुख्य द्वार का ताला खुला देखकर लोगों को अनहोनी की आशंका हुई और अंदर जाने पर पूरा सामान अस्त-व्यस्त मिला।

## सुबह मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने देखा बिखरा हुआ सामान
शनिवार तड़के जब श्रद्धालु दर्शन के उद्देश्य से पहुंचे, तो उन्हें मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार पहले से खुला दिखाई दिया। अंदर प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं के होश उड़ गए, क्योंकि मंदिर के भीतरी हिस्से में रखी अलमारी के ताले टूटे हुए थे और वहां मौजूद सामान फर्श पर इधर-उधर बिखरा पड़ा था। जब उपस्थित लोगों ने मंदिर का बारीकी से मुआयना किया, तो पता चला कि वहां स्थापित दानपेटी अपनी जगह से पूरी तरह गायब थी। इसके अलावा अलमारी में सुरक्षित रखे गए पूजा के चांदी के बर्तन और अन्य मूल्यवान वस्तुएं भी चोर समेट कर ले गए थे।

## लाखों रुपये के नुकसान से श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश
घटना की खबर फैलते ही मंदिर प्रबंधन कमेटी के पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में मंदिर परिसर में जमा हो गए। कमेटी के सदस्यों ने तत्काल पूरे नुकसान का आंकलन शुरू किया। शुरुआती जांच में सामने आया कि चोर दानपात्र में जमा नकदी और चांदी के बर्तनों समेत लगभग 7 से 8 लाख रुपये का सामान चोरी करके ले जाने में कामयाब रहे हैं। मंदिर से जुड़े मुकेश की पत्नी नीतू ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि इस दुस्साहसिक वारदात से क्षेत्र के श्रद्धालुओं और समिति के सदस्यों में गहरा रोष और असुरक्षा का माहौल बन गया है।

## गेगल थाना पुलिस ने शुरू की सीसीटीवी फुटेज की जांच
मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों द्वारा घटना की त्वरित जानकारी दिए जाने के बाद गेगल थाना पुलिस का दल तुरंत मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मंदिर समिति की शिकायत के आधार पर अज्ञात चोरों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज कर तफ्तीश आरंभ कर दी है। बदमाशों की शिनाख्त और उनकी आवाजाही का सुराग लगाने के लिए मंदिर और आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की गहन जांच की जा रही है। पुलिस दल यह पता लगाने में जुटा है कि चोर मंदिर परिसर में किस रास्ते से दाखिल हुए थे और चोरी को अंजाम देने के बाद किस ओर भागे हैं।

## इसका आप पर असर
धार्मिक स्थलों पर बढ़ती चोरी की घटनाएं स्थानीय नागरिकों और मंदिर प्रबंधन समितियों के लिए सुरक्षा संबंधी सतर्कता बढ़ाने का सीधा संदेश हैं।

- **भारत में:** देश भर के धार्मिक ट्रस्टों और सामाजिक संस्थाओं को अपने परिसरों में दानपेटी और कीमती संपत्तियों की सुरक्षा के लिए कड़े उपाय लागू करने की आवश्यकता है। केंद्रीय और राज्य स्तर पर सुरक्षा मानकों के तहत मजबूत लॉकर और आधुनिक निगरानी तंत्र अपनाना बेहद जरूरी हो गया है।
- **अजमेर में:** स्थानीय निवासियों और मंदिर समितियों को अपने परिसरों में तत्काल सक्रिय सीसीटीवी कैमरे और रात्रि सुरक्षा गार्ड तैनात करने चाहिए। पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग के साथ-साथ मोहल्लों में सतर्कता समितियां बनाकर संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना थाने को दें।
- **मंदिर प्रबंधन:** धार्मिक ट्रस्टों को दानपात्रों में बड़ी मात्रा में नकदी जमा रखने के बजाय रोजाना या नियमित अंतराल पर बैंक में जमा कराने की आदत डालनी चाहिए। चांदी और सोने के भारी बर्तनों को खुले में रखने के बजाय सुरक्षित बैंक लॉकर या मजबूत तिजोरियों में ही रखा जाना चाहिए।
- **श्रद्धालुओं के लिए:** पूजा स्थलों पर आने वाले नागरिकों को अपने आसपास संदिग्ध व्यक्तियों या खुली खिड़की-दरवाजों की जानकारी तुरंत समिति को देनी चाहिए। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सतर्क नागरिक बनकर स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सहयोग करें।

## ऐसा क्यों हुआ
अजमेर में आवासीय और व्यावसायिक परिसरों के बाद धार्मिक स्थल की सुरक्षा में सेंध लगने के पीछे कई सुरक्षात्मक खामियां जिम्मेदार रही हैं।

- **प्रत्यक्ष कारण:** अज्ञात चोरों ने रात के सन्नाटे का फायदा उठाते हुए मंदिर के मुख्य गेट और अलमारी के ताले तोड़कर दानपात्र तथा चांदी के बर्तनों पर हाथ साफ कर दिया। पुलिस अब तक अपराधियों की पहचान स्थापित करने के लिए निगरानी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
- **अनुकूल परिस्थितियां:** मंदिर परिसर में रात के समय किसी स्थायी सुरक्षा गार्ड की अनुपस्थिति और बाहरी सुरक्षा के अभाव ने बदमाशों को आसानी से अंदर घुसने का अवसर दिया। दानपात्र में नकदी और अलमारी में चांदी के सामान की मौजूदगी ने भी चोरों का ध्यान आकर्षित किया।
- **अपराध का दायरा:** शहर के विभिन्न इलाकों में घरों और दुकानों में लगातार हो रही सेंधमारी के बाद अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्होंने सीधे धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। इस प्रवृत्ति से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
- **आगामी कदम:** पुलिस प्रशासन द्वारा आसपास के मार्गों की वीडियो फुटेज खंगाली जा रही है ताकि चोरों के प्रवेश और निकास मार्ग का सुराग मिल सके। मामले में औपचारिक रिपोर्ट दर्ज करने के बाद संदिग्धों की धरपकड़ के लिए विशेष टीमें जुटी हुई हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. चोरी की यह घटना अजमेर के किस इलाके में हुई?
यह घटना अजमेर के गेगल थाना क्षेत्र के अंतर्गत जयपुर रोड पर स्थित सुधर्म सागर कॉलोनी के जैन मंदिर में हुई।

### 2. चोर मंदिर से क्या-क्या सामान लेकर फरार हुए?
चोर मंदिर में रखी दानपेटी, पूजा के चांदी के बर्तन और अन्य मूल्यवान वस्तुएं चुराकर ले गए।

### 3. मंदिर से चोरी हुए सामान की कुल अनुमानित कीमत कितनी है?
चोरी गए सामान और नकदी की अनुमानित कीमत लगभग 7 से 8 लाख रुपये बताई गई है।

### 4. घटना की जानकारी सबसे पहले किसे और कब हुई?
शनिवार सुबह जब श्रद्धालु नियमित दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे, तब मुख्य गेट खुला देखकर उन्हें चोरी का पता चला।

### 5. पुलिस चोरों की तलाश के लिए क्या कदम उठा रही है?
गेगल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._