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  "type": "article",
  "title": "अजमेर में स्टील के गिलास में पटाखा रखकर फोड़ना पड़ा भारी, धमाके से उड़े टुकड़ों की चपेट में आने से चार बच्चे घायल",
  "summary": "अजमेर के शंकर नगर नगरा इलाके में बच्चों द्वारा स्टील के गिलास में पटाखा रखकर फोड़ने से हुए जोरदार धमाके में चार बच्चे घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है।",
  "content": "दीपावली के पर्व पर आतिशबाजी के दौरान बरती जाने वाली जरा सी लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है, इसका एक गंभीर मामला राजस्थान के अजमेर से सामने आया है। यहां बच्चों द्वारा की गई एक खतरनाक हरकत की वजह से चार मासूम बच्चे बुरी तरह घायल हो गए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।\n\nस्टील के गिलास में रखा था पटाखा\nयह पूरी घटना अजमेर शहर के शंकर नगर नगरा इलाके की है। जानकारी के सामने आया है कि कुछ बच्चे इलाके में पटाखे जला रहे थे। इसी दौरान उन्होंने एक खतरनाक प्रयोग करते हुए स्टील के गिलास के अंदर पटाखा रखकर उसमें आग लगा दी। जैसे ही पटाखे में विस्फोट हुआ, उसके तेज दबाव से स्टील का मजबूत गिलास भी कई टुकड़ों में फटकर बिखर गया।\n\nविस्फोट के नुकीले टुकड़ों से घायल हुए बच्चे\nविस्फोट के बाद स्टील के गिलास के तीखे और नुकीले टुकड़े आसपास खड़े बच्चों को जा लगे। इस अचानक हुए हादसे से घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और परिजन तुरंत बच्चों को अस्पताल ले जाने की व्यवस्था में जुट गए। हादसे की चपेट में आने से कुल चार बच्चे घायल हुए हैं।\n\nअस्पताल में चल रहा है इलाज\nघायल हुए चारों बच्चों में से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें तुरंत अजमेर के जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा उनका इलाज किया जा रहा है और एक बच्चे का ऑपरेशन भी जारी है। वहीं, अन्य दो बच्चों को इस दुर्घटना में मामूली चोटें आई हैं।\n\nपुलिस और प्रशासन की अपील\nघटना की सूचना मिलते ही अलवर गेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी जुटाई। इस हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि त्योहारों पर आतिशबाजी करते वक्त पूरी सावधानी बरतें। बच्चों को कभी भी अकेले पटाखे न चलाने दें और उनके आसपास बड़ों की मौजूदगी अनिवार्य रखें। किसी भी धातु के गिलास, बोतल, डिब्बे या अन्य बंद बर्तनों के अंदर पटाखे रखकर बिल्कुल न फोड़ें, क्योंकि ऐसा करने से उनके टुकड़े शरीर में घुस सकते हैं और जानलेवा साबित हो सकते हैं।\n\nइसका आप पर असर\nत्योहारी सीजन में आतिशबाजी करते समय बरती जाने वाली लापरवाही गंभीर शारीरिक नुकसान और अस्पताल के चक्कर काटने का कारण बन सकती है।\n\n• भारत में: देश भर में हर साल त्योहारों पर आतिशबाजी के दौरान बच्चों के घायल होने के मामले सामने आते हैं। माता-पिता और अभिभावकों को बच्चों को अकेले पटाखे जलाने से रोकना चाहिए और हमेशा उनकी निगरानी करनी चाहिए।\n• अजमेर में: शंकर नगर नगra और आसपास के इलाकों में रहने वाले परिवारों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। किसी भी बंद डिब्बे या कांच-स्टील के बर्तन में पटाखे रखकर फोड़ने से बचें ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह हादसा बच्चों द्वारा कम उम्र में बिना किसी बड़ों की देखरेख के खतरनाक तरीके से पटाखे जलाने के कारण हुआ। बंद बर्तनों के अंदर बारूद फटने से दबाव बहुत बढ़ जाता है, जिससे धातु के टुकड़े तेज गति से बाहर आकर शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं।\n\n• खतरनाक प्रयोग: बच्चों ने धातु के बर्तन के भीतर पटाखा रखकर उसे बंद कर दिया था, जिससे विस्फोट का दायरा सीमित हो गया और धातु का गिलास तेज दबाव के कारण फट गया।\n• निगरानी की कमी: मौके पर किसी वयस्क या बड़े व्यक्ति के मौजूद न होने के कारण बच्चों को ऐसा खतरनाक कदम उठाने से रोका नहीं जा सका।\n• सुरक्षा नियमों की अनदेखी: खुले स्थान पर सुरक्षित तरीके से आतिशबाजी करने के बजाय बंद वस्तुओं के प्रयोग से इस तरह के विस्फोटक हादसे अक्सर सामने आते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यह दुर्घटना कहाँ हुई?\nयह दुर्घटना अजमेर के शंकर नगर नगरा इलाके में हुई।\n\n2. हादसा कैसे हुआ?\nबच्चों ने एक स्टील के गिलास के अंदर पटाखा रखकर उसमें आग लगा दी थी, जिससे हुए तेज धमाके के कारण गिलास फट गया।\n\n3. इस हादसे में कितने बच्चे घायल हुए?\nइस हादसे में कुल चार बच्चे घायल हुए हैं।\n\n4. घायल बच्चों को कहाँ भर्ती कराया गया है?\nगंभीर रूप से घायल बच्चों को अजमेर के जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) अस्पताल में भर्ती कराया गया है।\n\n5. बच्चों की मौजूदा स्थिति क्या है?\nचार में से दो बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं और एक का ऑपरेशन किया जा रहा है, जबकि दो अन्य बच्चों को मामूली चोटें लगी हैं।",
  "url": "https://trendkia.com/rajasthan/ajmer-me-steel-ke-glass-me-patakha-rakhkar-phodna-pada-bhari-57507",
  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-11-07",
  "tags": [
    "अजमेर समाचार",
    "पटाखा हादसा",
    "बाल सुरक्षा",
    "दीपावली दुर्घटना",
    "जेएलएन अस्पताल अजमेर",
    "अलवर गेट थाना"
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