# अलवर के मालाखेड़ा में बाइक सवारों को कुचला, गुस्साए ग्रामीणों ने छह घंटे थमाया रास्ता

> अलवर के मालाखेड़ा में भड़कोल बस स्टैंड के पास तेज रफ्तार वाहन की टक्कर में दो युवकों की मौत हो गई, जिसके बाद ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर लगभग छह घंटे तक मालाखेड़ा-लक्ष्मणगढ़ मार्ग जाम रखा।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/alavara-ke-malakhera-men-baika-savaron-ko-kuchala-gussae-graminon-ne-chhaha-ghnte-thamaya-rasta-29041 · **Language:** Hindi
**Tags:** अलवर हादसा, मालाखेड़ा, सड़क हादसा, मार्ग जाम, मुआवजा मांग, बाइक हादसा, राजस्थान पुलिस

अलवर के मालाखेड़ा इलाके में सोमवार को हुए एक सड़क हादसे ने पूरे कस्बे को हिला दिया, जब भड़कोल बस स्टैंड के नजदीक एक तेज रफ्तार वाहन ने बाइक पर सवार दो युवकों को अपनी जद में ले लिया। टक्कर की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि दोनों को बचने का मौका ही नहीं मिला और उनकी जान वहीं थम गई। पहचान की प्रक्रिया के बाद मृतकों के नाम राम सिंह सैनी और करण सिंह यादव बताए गए।

## पल भर में मौके पर जुट गई भीड़
हादसे की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से लोग भड़कोल बस स्टैंड की तरफ दौड़ पड़े। दो नौजवानों की इस तरह अचानक मौत ने इलाके में गुस्से की लहर पैदा कर दी। परिजनों और ग्रामीणों ने शव उठाने से इनकार करते हुए उन्हें सड़क पर ही रख दिया और मालाखेड़ा-लक्ष्मणगढ़ मार्ग पर धरने पर बैठ गए। कुछ ही देर में सड़क के दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं और यह गतिरोध करीब छह घंटे तक बना रहा। रोडवेज की बसें, दफ्तर जा रहे कर्मचारी और आम राहगीर इस अवरोध में फंसे रहे और कई लोगों को घूमकर दूसरे रास्तों से अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।

## दूध बेचने निकला था, हादसे का शिकार बन गया
शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे के वक्त एक व्यक्ति दूध बेचने के लिए बाइक से जा रहा था। इसी दौरान एक तेज रफ्तार मारुति गाड़ी ने पीछे से आकर उसकी बाइक को जबरदस्त टक्कर मार दी। टक्कर की जोरदार आवाज सुनकर आसपास खड़ा एक और शख्स भी गाड़ी की जद में आ गया। दोनों को इतनी गंभीर चोटें आईं कि मौके पर ही उनकी सांसें थम गईं। हादसे के बाद कार चालक वहां से भाग निकला, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया।

## परिवारों ने रखी 50 लाख मुआवजे की मांग
प्रदर्शन के दौरान दोनों परिवारों और वहां जुटे लोगों ने अधिकारियों के सामने अपनी मांगें रखीं। उनकी मांग थी कि हर मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाए, प्रत्येक परिवार से एक सदस्य को संविदा के आधार पर सरकारी नौकरी दी जाए, सरकार की योजनाओं का फायदा पात्र परिजनों तक पहुंचाया जाए और नियम के मुताबिक बीमा व अन्य क्लेम भी दिलवाए जाएं। जब तक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और शव सड़क से नहीं हटाए।

## अधिकारियों की समझाइश के बाद खुला रास्ता
जानकारी मिलते ही मालाखेड़ा एसडीएम पिंकी गुर्जर मौके पर पहुंचीं। उनके साथ तहसीलदार, थाना अधिकारी, पुलिस के अन्य अधिकारी और ग्रामीण पुलिस उपाधीक्षक भी वहां पहुंच गए। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से लंबी बातचीत की और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। कई दौर की बातचीत के बाद ग्रामीण शांत हुए और जाम खोल दिया गया, जिसके बाद मालाखेड़ा-लक्ष्मणगढ़ मार्ग पर यातायात फिर से सामान्य हो सका। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और फरार वाहन व चालक की तलाश में जुट गई है।

## इसका आप पर असर
इस हादसे ने एक बार फिर हिट एंड रन मामलों में मुआवजे और सड़क सुरक्षा के मुद्दे को सामने ला दिया है।

- **भारत में:** हिट एंड रन के मामलों में पीड़ित परिवारों को मुआवजा और बीमा क्लेम मिलने में देरी आम है, ऐसे में यह घटना दिखाती है कि परिवारों को अपने हक के लिए प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ता है। पाठकों को अपने वाहन बीमा और हिट एंड रन दावों की प्रक्रिया की जानकारी रखनी चाहिए।
- **अलवर में:** मालाखेड़ा-लक्ष्मणगढ़ मार्ग पर छह घंटे तक यातायात बाधित रहने से स्थानीय यात्रियों, रोडवेज बसों और सरकारी कर्मचारियों को भारी परेशानी हुई। इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को आने वाले दिनों में जांच और सुरक्षा जांच के चलते अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत पड़ सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. यह हादसा कहां हुआ?
यह हादसा अलवर के मालाखेड़ा क्षेत्र में भड़कोल बस स्टैंड के पास सोमवार को हुआ।

### 2. हादसे में किसकी मौत हुई?
हादसे में राम सिंह सैनी और करण सिंह यादव नाम के दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।

### 3. ग्रामीणों ने रास्ता क्यों जाम किया?
गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर मालाखेड़ा-लक्ष्मणगढ़ मार्ग करीब छह घंटे तक जाम कर दिया।

### 4. ग्रामीणों की मुख्य मांगें क्या थीं?
उन्होंने हर मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा, एक सदस्य को संविदा नौकरी, सरकारी योजनाओं का लाभ और बीमा क्लेम की मांग की।

### 5. जाम कैसे खुला?
मालाखेड़ा एसडीएम पिंकी गुर्जर समेत कई अधिकारियों की समझाइश के बाद ग्रामीण शांत हुए और जाम खोला गया।

### 6. क्या वाहन चालक पकड़ा गया?
नहीं, हादसे के बाद वाहन चालक फरार हो गया और पुलिस अभी उसकी और वाहन की तलाश कर रही है।

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