अलवर में 15 लाख रुपए के बकाया विवाद पर बिल्डर ने की मारपीट, रेलवे ट्रैक पर जान देने पहुंचा युवक अलवर के अपना घर शालीमार क्षेत्र में निर्माण कार्य के 15 लाख रुपए मांगने पर बिल्डर ने युवक के साथ मारपीट की, जिसके बाद पीड़ित सुसाइड नोट लिखकर रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया। हालांकि दोस्तों की मुस्तैदी से उसकी जान बच गई और सदर थाने में मामला दर्ज कराया गया है। अलवर के अपना घर शालीमार इलाके में निर्माण कार्य से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां बकाया पैसे मांगने को लेकर एक युवक को शारीरिक हिंसा का सामना करना पड़ा। आरोप है कि बिल्डर ने 15 लाख रुपए की मांग करने पर पीड़ित के साथ मारपीट की, जिससे उसका एक दांत तक टूट गया। इस घटना से आहत होकर पीड़ित ने अपनी जान देने का फैसला कर लिया और एक सुसाइड नोट लिखकर रेलवे ट्रैक पर जा पहुंचा। गनीमत यह रही कि उसके दोस्तों को समय रहते इस बात की भनक लग गई और उन्होंने मौके पर पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस संबंध में सदर थाने में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई है और पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। दस साल से निर्माण कार्य से जुड़े हैं सुनील पांडेय महताब सिंह का नोहरा इलाके के रहने वाले 37 वर्षीय सुनील पांडेय ने सदर थाने में बिल्डर मुकेश कुमार सैनी के खिलाफ औपचारिक रूप से रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़ित पिछले लगभग एक दशक से शालीमार क्षेत्र में भवन निर्माण से जुड़ा कार्य कर रहा है। उसने करीब चार साल पहले आरोपी बिल्डर के साथ मिलकर काम करना शुरू किया था। सुनील के अनुसार, उसके काम के एवज में बिल्डर की तरफ कुल 15 लाख रुपए बकाया निकल रहे हैं। वह पिछले डेढ़ साल से लगातार अपने पैसों का भुगतान करने का आग्रह कर रहा था, लेकिन उसे हर बार केवल आश्वासन ही मिलता रहा और भुगतान टाल दिया गया। मारपीट के बाद सुसाइड नोट लिखकर रेलवे ट्रैक पहुंचे पीड़ित सुनील के दोस्त मोहित ने पूरी घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें यह सूचना मिली थी कि बिल्डर ने सुनील के साथ मारपीट की है। इसके बाद उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर उसकी तलाश शुरू कर दी। काफी खोजबीन करने के बाद सुनील रेलवे ट्रैक के पास मिल गया, जिसके पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ। उस पत्र में सुनील ने विस्तार से लिखा था कि वह अपना घर शालीमार में निर्माण कार्य संभालता था और बिल्डर मुकेश कुमार सैनी पर उसके 15 लाख रुपए बकाया हैं, जिनका भुगतान नहीं किया जा रहा है। उसने यह भी लिखा कि पैसे मांगने पर उसके साथ मारपीट की गई जिससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। पत्र में मानसिक प्रताड़ना और बाजार के लोगों द्वारा उधार चुकाने के दबाव का भी जिक्र किया गया था, और उसने अपनी जान देने के लिए सीधे तौर पर बिल्डर को जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि, समय रहते दोस्तों के आ जाने से एक बड़ी अनहोनी टल गई। शिकायत दर्ज कराने के दौरान धमकियां मिलने का आरोप सुनील के एक अन्य साथी आकाश ने पुलिस थाने के बाहर संवाददाताओं को बताया कि जब वे लोग सुनील को लेकर अपनी शिकायत दर्ज कराने सदर थाने पहुंचे, तब भी उन्हें आरोपी बिल्डर की तरफ से लगातार धमकियां मिल रही थीं। दोस्तों का कहना है कि बकाया राशि न मिलने और उसके साथ हुई हिंसा के कारण पीड़ित गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई करने के साथ-साथ पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की भी जोरदार मांग की है ताकि उन्हें किसी भी प्रकार के खतरे का सामना न करना पड़े। पुलिस ने BNS की धाराओं के तहत दर्ज किया मामला सदर थाना पुलिस ने 5 नवंबर को सुनील पांडेय की दी गई शिकायत के आधार पर बिल्डर मुकेश कुमार सैनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 115(2), 126(2) और 352 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मामले में पैसों के भुगतान में देरी, मारपीट करने और पीड़ित पक्ष को डराने-धमकाने के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके। इसका आप पर असर यह घटना वित्तीय विवादों और कार्यस्थलों पर होने वाले तनाव के गंभीर परिणामों को उजागर करती है, जो आम नागरिकों को सीधे प्रभावित करते हैं। • अलवर में: स्थानीय निवासियों और निर्माण श्रमिकों को इस घटना से सुरक्षा और समय पर भुगतान को लेकर गंभीर चिंताएं हो सकती हैं। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। • भारत में: निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के बकाया भुगतान और उनके अधिकारों की सुरक्षा का मुद्दा देश भर में प्रासंगिक है। इस तरह के मामलों से यह संदेश जाता है कि श्रमिकों को समय पर मेहनताना मिलना और कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित होना कितना आवश्यक है। ऐसा क्यों हुआ यह गंभीर घटना लंबे समय से लंबित वित्तीय बकाये और उसके कारण उपजे मानसिक तनाव के परिणामस्वरुप घटी है। • बकाया भुगतान में देरी: पीड़ित द्वारा पिछले डेढ़ साल से 15 लाख रुपए के भुगतान की मांग की जा रही थी, जिसे बिल्डर लगातार टाल रहा था। • शारीरिक हिंसा और अपमान: पैसे मांगने पर बिल्डर द्वारा की गई मारपीट और उससे पीड़ित के टूटे दांत ने उसे भारी मानसिक प्रताड़ना दी। • बाजार का कर्ज और दबाव: पीड़ित पर बाजार के लोगों से लिए गए उधार चुकाने का भारी तकाजा था, जिससे स्थिति असहनीय हो गई। • कानूनी कार्रवाई: घटना के बाद पीड़ित ने सदर थाने में मामला दर्ज कराया जिसके आधार पर पुलिस ने BNS की धाराओं में जांच शुरू की है। सवाल-जवाब 1. यह घटना किस शहर की है? यह घटना अलवर के अपना घर शालीमार क्षेत्र की है। 2. पीड़ित का नाम क्या है और उसकी उम्र क्या है? पीड़ित का नाम सुनील पांडेय है और उनकी उम्र 37 वर्ष है। 3. बिल्डर पर कितने रुपए का बकाया था? बिल्डर मुकेश कुमार सैनी पर निर्माण कार्य के करीब 15 लाख रुपए बकाया थे। 4. घटना के बाद पुलिस ने कौन सा मामला दर्ज किया है? सदर थाना पुलिस ने बिल्डर के खिलाफ BNS की धारा 115(2), 126(2) और 352 के तहत केस दर्ज किया है। 5. सुनील की जान किसने बचाई? समय रहते तलाश करने पर सुनील के दोस्तों ने उसे रेलवे ट्रैक के पास से सुरक्षित बचा लिया। https://trendkia.com/rajasthan/alavara-men-15-lakha-rupae-ke-bakaya-vivada-para-builder-ne-ki-marapita-railway-track-para-jana-dene-pahuncha-yuvaka-57787 TrendKia — Har trend, sabse pehle.