अलवर में चुनाव चर्चा के दौरान सरपंच के बेटे पर जानलेवा हमला, दो दर्जन से अधिक लोगों पर केस दर्ज अलवर जिले के सैंथली गांव में पंचायत समिति चुनाव की रायशुमारी के दौरान सरपंच के बेटे और उनके साथियों पर लाठी-डंडों से लैस भीड़ ने हमला कर दिया। गाड़ियों में तोड़फोड़ करने के बाद पीड़ित पक्ष ने सदर थाने में मामला दर्ज कराया है। राजस्थान के अलवर जिले के सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सैंथली गांव में पंचायत समिति सदस्य के चुनाव को लेकर तनाव का माहौल फैल गया है। चुनाव प्रचार और आम जनता से जनसंपर्क के सिलसिले में सैंथली ग्राम पंचायत के सरपंच जोहरमल के बेटे इमरान अपने करीब 6 साथियों के साथ पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने वहां भारी हंगामा खड़ा कर दिया और उन पर जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है और चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। स्वागत के अगले दिन हुआ खूनी संघर्ष घटना से ठीक एक दिन पहले अनुसूचित जाति (एससी) समाज के लोगों ने इमरान का सैंथली गांव में भव्य स्वागत किया था और उन्हें चुनाव मैदान में उतरने के लिए फूल-मालाएं पहनाई थीं। इसी चुनावी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए 26 सितंबर की शाम लगभग 7 बजे इमरान गांव के लोगों के साथ बातचीत कर रहे थे। तभी अचानक दो दर्जन से ज्यादा युवकों की उग्र भीड़ ने उन पर धावा बोल दिया। मौके पर इमरान के साथ इकबाल, साहमत, अजमत, मुबारिक, शरीफ और चिरखाना से आए अन्य लोग मौजूद थे। इस पूरी भीड़ का नेतृत्व मुख्य रूप से वहीद, फरीद, शरीफ, रुजदार, तालीम खां और शुभ्भा खां जैसे लोग कर रहे थे। हथियारों से लैस होकर आए थे हमलावर पीड़ितों के अनुसार हमलावर पूरी तैयारी के साथ लाठियों और कई अन्य धारदार हथियारों से लैस होकर आए थे। उन्होंने मौके पर पहुंचते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते मारपीट पर उतर आए। इस हिंसक झड़प में सरपंच के बेटे इमरान को गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हमलावरों का आतंक यहीं नहीं रुका, उन्होंने इमरान और उनके साथियों की दो कारों को भी निशाना बनाया। डंडों और सरियों से ताबड़तोड़ वार करके दोनों वाहनों के कांच पूरी तरह चकनाचूर कर दिए गए। इस वारदात से जुड़े कई वीडियो भी सामने आए हैं जो इस पूरी हिंसा की तस्दीक करते हैं। दबंगई और टटलूबाजों का खौफ इस पूरे हमले के पीछे चुनावी वर्चस्व और आपराधिक मानसिकता मुख्य वजह बताई जा रही है। हमलावरों ने पीड़ितों को खुली धमकी देते हुए कहा कि सैंथली गांव में उनकी मर्जी के बिना कोई भी बाहरी व्यक्ति या नेता कदम नहीं रख सकता। उनका कहना था कि यदि किसी को चुनाव में वोट हासिल करने हैं, तो उसे पहले इन स्थानीय दबंगों के सामने झुकना होगा। सरपंच परिवार ने आरोप लगाया है कि चंदबास और सैंथली क्षेत्र के ये युवक टटलूबाजी और ठगी जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त रहते हैं और आम जनता को डराकर अपना वर्चस्व कायम रखना चाहते हैं। पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल पीड़ित पक्ष का यह भी कहना है कि कुछ समय पहले पुलिस ने इनमें से कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया था, लेकिन बिना किसी सख्त कार्रवाई के उन्हें छोड़ दिया गया, जिससे उनके हौसले बुलंद हो गए। इस मामले में इमरान ने अलवर के सदर थाने में 24 से अधिक नामजद और अन्य अज्ञात हमलावरों के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज करा दी है। हालांकि, मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने अभी तक किसी भी मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और उचित कार्रवाई की जाएगी। इसका आप पर असर यह घटना चुनावी माहौल के दौरान स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक मुस्तैदी पर बड़ा सवालिया निशान लगाती है। • भारत में: ग्रामीण स्तर पर होने वाले स्थानीय चुनावों में इस तरह की हिंसा और दबंगई आम नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित करती है। इस प्रकार की घटनाओं से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और शांतिपूर्ण संचालन खतरे में पड़ता है। • अलवर में: अलवर और सैंथली क्षेत्र के स्थानीय मतदाताओं और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों में दहशत का माहौल बन गया है। पुलिस द्वारा आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी न होने पर स्थानीय लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं। ऐसा क्यों हुआ यह हिंसक झड़प पंचायत समिति चुनाव के दौरान राजनीतिक वर्चस्व और स्थानीय प्रभाव जमाने की होड़ के कारण हुई। • चुनावी वर्चस्व की लड़ाई: सैंथली गांव में आगामी पंचायत समिति चुनाव को लेकर विभिन्न पक्षों के बीच राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव बढ़ाने की खींचतान चल रही थी। • आपराधिक पृष्ठभूमि का प्रभाव: हमलावरों का संबंध कथित रूप से स्थानीय स्तर की आपराधिक गतिविधियों से था, जो बाहरी लोगों या नेताओं के प्रवेश को अपनी अनुमति से जोड़कर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहते थे। • पुलिस की ढिलाई: पूर्व में कुछ संदिग्धों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न होने और उन्हें बिना किसी ठोस कदम के छोड़ दिए जाने के कारण असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद थे। सवाल-जवाब 1. यह घटना कहां घटी? यह घटना राजस्थान के अलवर जिले के सदर थाना क्षेत्र के सैंथली गांव में हुई। 2. इस हमले में किसे निशाना बनाया गया? सैंथली ग्राम पंचायत के सरपंच जोहरमल के बेटे इमरान और उनके साथियों को निशाना बनाया गया। 3. घटना के समय पीड़ित क्या कर रहे थे? इमरान और उनकी टीम आगामी पंचायत समिति चुनाव को लेकर ग्रामीणों और एससी समाज के लोगों से रायशुमारी कर रहे थे। 4. हमलावरों की संख्या कितनी थी और उनका नेतृत्व कौन कर रहा था? हमलावरों की भीड़ दो दर्जन से अधिक लोगों की थी और उनका नेतृत्व वहीद, फरीद, शरीफ, रुजदार, तालीम खां और शुभ्भा खां कर रहे थे। 5. घटना में क्या नुकसान हुआ? इस हिंसक हमले में सरपंच के बेटे इमरान को गंभीर अंदरूनी चोटें आईं और उनकी दो कारों के शीशे तोड़ दिए गए। 6. पुलिस में क्या कार्रवाई की गई है? इमरान की शिकायत पर अलवर के सदर थाने में 24 से अधिक नामजद और अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। https://trendkia.com/rajasthan/alavara-men-chunava-charcha-ke-daurana-sarpanch-ke-bete-para-janaleva-hamala-do-darjana-se-adhika-logon-para-case-darja-39898 TrendKia — Har trend, sabse pehle.