अलवर के खेत में बाजरे के ढेर से निकलीं मंदिर की भारी घंटियां, आधी रात बाइक सवार छिपाकर भागे अलवर जिले में अलावड़ा-तिलवाड़ मार्ग पर सरपंच के खेत में बाइक सवार बाजरे की कड़बी में मंदिर की घंटियां छिपाकर भाग गए, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। राजस्थान के अलवर जिले में आधी रात को हुई एक अजीबोगरीब घटना ने पूरे इलाके के लोगों को हैरत में डाल दिया है। अलावड़ा-तिलवाड़ मार्ग पर स्थित एक सरपंच के खेत में रात के अंधेरे में दो अज्ञात बाइक सवार पहुंचे और मंदिर की भारी-भरकम घंटियां छिपाकर फरार हो गए। खेत में काम कर रहे एक स्थानीय किसान की सतर्कता की वजह से यह पूरा मामला तुरंत सामने आ गया। मंदिर से जुड़ी घंटियां इस तरह लावारिस हालत में मिलने से ग्रामीणों के बीच सनसनी फैल गई है और लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया है और बरामद सामान के मूल स्थान का पता लगाने की कोशिश कर रहा है। आधी रात खेत में गूंजी घंटियों की तेज आवाज यह पूरा वाकया अलावड़ा-तिलवाड़ सड़क पर बने सरपंच के कृषि फार्म में पेश आया। खेत में उस समय फसल की कटाई के बाद बाजरे की कड़बी के बड़े-बड़े कुंज रखे हुए थे। रात के वक्त ग्रामीण इलाके में बिजली की आपूर्ति शुरू हुई, जिसके बाद गांव का ही एक व्यक्ति खेत में लगी पानी की मोटर चालू करने के लिए पहुंचा था। किसान जब अपने काम में लगा था, तभी उसने देखा कि मुख्य सड़क के किनारे एक मोटरसाइकिल आकर अचानक रुकी। उस दोपहिया वाहन पर दो अज्ञात युवक सवार थे, जिनकी गतिविधियां पहली नजर में ही संदिग्ध लग रही थीं। मोटरसाइकिल रुकते ही पीछे बैठा युवक तुरंत नीचे उतरा। उसके हाथ में कुछ काफी वजनी सामान था, जिसे उसने फुर्ती से बाजरे की कड़बी के कुंज के भीतर धकेल कर छिपाने की कोशिश की। उस भारी वस्तु को सूखे चारे के बीच रखते समय अचानक मंदिर की घंटियों के बजने की तेज और गूंजती हुई आवाज आई। सन्नाटे में इस तरह अचानक पूजा की घंटियों की झंकार सुनकर खेत में मौजूद किसान चौंक गया और उसे तुरंत किसी गड़बड़ी का आभास हुआ। ललकारने पर बाइक दौड़ाकर भागे अज्ञात युवक संदेह होते ही किसान ने बिना देर किए उस स्थान की ओर बढ़ते हुए दोनों युवकों को तेज आवाज लगाकर ललकारा। अचानक किसी की पुकार सुनकर दोनों संदिग्ध बुरी तरह घबरा गए। पकड़े जाने के डर से उन्होंने किसान को कोई जवाब नहीं दिया और आनन-फानन में मोटरसाइकिल पर सवार होकर तेज गति से मुख्य मार्ग की तरफ भाग निकले। रात का घना अंधेरा होने के कारण किसान न तो उन दोनों युवकों के चेहरे ठीक से पहचान सका और न ही उनकी मोटरसाइकिल की नंबर प्लेट पढ़ पाया। सवारों के रफूचक्कर होने के बाद किसान सीधे बाजरे के कुंज के पास पहुंचा, जहां सामान छिपाया गया था। जब उसने कड़बी को हटाकर देखा, तो वहां मंदिर में इस्तेमाल होने वाली कई भारी घंटियां रखी हुई थीं। खेत में इस तरह धार्मिक स्थल की घंटियां देखकर वह दंग रह गया और उसने बिना किसी देरी के आसपास के बाशिंदों के साथ-साथ सीधे सरपंच को पूरे मामले से अवगत कराया। गांव के मंदिरों में पड़ताल, जुटी सैकड़ों लोगों की भीड़ घटना की खबर फैलते ही कुछ ही देर में मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों का भारी जमावड़ा लग गया। खेत में मिलीं इन घंटियों को देखकर हर कोई हैरान था। शुरुआती तौर पर ग्रामीणों को लगा कि शायद चोरों ने अलावड़ा गांव के ही किसी स्थानीय मंदिर को निशाना बनाया होगा। इसी आशंका के चलते गांव के प्रबुद्ध लोगों और युवाओं ने तुरंत अलावड़ा के तमाम छोटे-बड़े मंदिरों में जाकर वहां के पुजारियों और प्रबंधकों से संपर्क साधा। हालांकि, जब गांव के सभी धार्मिक स्थलों की पड़ताल पूरी हुई, तो यह तथ्य सामने आया कि अलावड़ा के किसी भी मंदिर से कोई घंटी गायब नहीं हुई है। सभी मंदिरों की घंटियां अपनी जगह पर सुरक्षित पाई गईं। इस खुलासे के बाद मामला और ज्यादा पेचीदा हो गया कि आखिर अज्ञात युवक ये घंटियां कहां से चुराकर लाए थे और उन्हें इस सुनसान खेत में बाजरे के चारे के बीच छिपाने की क्या मजबूरी थी। अलावड़ा चौकी पुलिस ने घंटियां जब्त कर शुरू की तफ्तीश ग्रामीणों की सूचना के बाद अलावड़ा पुलिस चौकी की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने पूरे खेत और आसपास के इलाके का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया और बाजरे की कड़बी से बरामद सभी घंटियों को औपचारिक रूप से अपने कब्जे में ले लिया। अलावड़ा पुलिस चौकी के इंचार्ज जोगिंदर सिंह के अनुसार, अज्ञात आरोपियों की शिनाख्त के लिए मुख्य मार्ग और आसपास की दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाला गया है। हालांकि, देर रात अंधेरा काफी घना होने की वजह से कैमरों में युवकों के चेहरे और बाइक का पंजीकरण नंबर साफ नहीं आ सका है। पुलिस प्रशासन अब आसपास के अन्य थानों और सीमावर्ती क्षेत्रों के पुलिस थानों से लगातार संपर्क साध रहा है। पुलिस यह रिकॉर्ड खंगाल रही है कि हाल के दिनों में किसी पड़ोस के गांव, कस्बे या जिले के किसी मंदिर में चोरी की कोई वारदात दर्ज हुई है या नहीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की सभी कोणों से गहन जांच की जा रही है और फरार बाइक सवारों को जल्द से जल्द दबोचने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसका आप पर असर अलवर के ग्रामीण इलाके में मंदिर की घंटियां लावारिस मिलने से धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। • राजस्थान में: ग्रामीण इलाकों में स्थित मंदिरों और धार्मिक स्थलों के प्रबंधकों को अपने परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करनी पड़ सकती है। खुले या बिना पहरेदारी वाले छोटे मंदिरों में रात के समय ताले और निगरानी बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है। • अलवर में: अलावड़ा और आसपास के गांवों में रात के समय खेतों और सूनसान रास्तों पर किसानों की सतर्कता बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों को किसी भी संदिग्ध वाहन या अजनबी की हलचल दिखने पर तुरंत पुलिस चौकी को सूचित करने की सलाह है। • मंदिर समितियों के लिए: क्षेत्र की पूजा समितियों को अपने भारी घंटों और कीमती धातु के बर्तनों की सूची को अद्यतन रखना चाहिए। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। • किसानों और ग्रामीणों के लिए: रात में सिंचाई या रखवाली के दौरान खेतों में संदिग्ध सामान मिलने पर उसे बिना छुए तुरंत प्रशासन को सूचना देनी चाहिए। इससे किसी भी संभावित अपराध के साक्ष्य सुरक्षित रखने में मदद मिलती है। ऐसा क्यों हुआ यह घटना संदिग्ध चोरों द्वारा चोरी की गई भारी धातु की घंटियों को सुरक्षित ठिकाने पर छिपाने के प्रयास के रूप में सामने आई है। • चोरी का प्रयास: अज्ञात बाइक सवार संभवतः किसी दूरदराज के मंदिर से भारी घंटियां चुराकर ले जा रहे थे और पकड़े जाने से बचने के लिए उन्हें अस्थायी तौर पर चारे के ढेर में छिपाना चाहते थे। किसान द्वारा टोकने पर वे घबराकर सामान वहीं छोड़कर भाग निकले। • सूनसान रास्ता और अंधेरा: अलावड़ा-तिलवाड़ मार्ग पर रात के समय घना अंधेरा और सुनसान माहौल था, जिसका फायदा उठाकर संदिग्धों ने खेत में रखी बाजरे की कड़बी को छिपने की जगह के रूप में चुना। रात के अंधेरे ने उनकी पहचान और वाहन संख्या को भी छिपाने में मदद की। • मंदिर की पहचान अभी अस्पष्ट: अलावड़ा गांव के किसी भी मंदिर से कोई घंटी गायब नहीं पाई गई है, जिससे स्पष्ट है कि घंटियां किसी बाहरी क्षेत्र से लाई गई थीं। पुलिस फिलहाल पड़ोसी थानों के चोरी रिकॉर्ड की समीक्षा कर रही है ताकि मूल मंदिर का पता चल सके। सवाल-जवाब 1. अलवर में मंदिर की घंटियां कहां से बरामद की गईं? ये घंटियां अलावड़ा-तिलवाड़ मार्ग पर स्थित एक सरपंच के खेत में बाजरे की कड़बी के ढेर से बरामद की गईं। 2. खेत में घंटियां मिलने का पता सबसे पहले कैसे चला? रात में खेत में पानी की मोटर चलाने पहुंचे एक किसान ने दो बाइक सवारों को कड़बी में सामान छिपाते देखा, जिससे घंटियों के बजने की आवाज आई। 3. क्या ये घंटियां अलावड़ा गांव के ही किसी मंदिर की हैं? नहीं, ग्रामीणों द्वारा की गई पड़ताल में पता चला कि अलावड़ा के सभी मंदिरों की घंटियां पूरी तरह सुरक्षित हैं। 4. संदिग्ध बाइक सवारों के बारे में पुलिस को क्या जानकारी मिली है? रात के घने अंधेरे के कारण सीसीटीवी फुटेज में युवकों के चेहरे और बाइक का नंबर स्पष्ट नहीं हो सके हैं, जिसकी जांच जारी है। 5. इस मामले की जांच कौन से पुलिस अधिकारी कर रहे हैं? अलावड़ा पुलिस चौकी के इंचार्ज जोगिंदर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मामले की पड़ताल कर रही है। https://trendkia.com/rajasthan/alwar-ke-kheta-men-bajare-ke-dhera-se-nikalin-mndira-ki-bhari-ghntiyan-adhi-rata-baika-savara-chhipakara-bhage-46262 TrendKia — Har trend, sabse pehle.