# अलवर के मालाखेड़ा में 100 साल की मतदाता शरबती देवी का घर पर सम्मान, चार पीढ़ियां बनीं गवाह

> वृद्ध जन दिवस पर राज्य निर्वाचन आयोग के विशेष अभियान के तहत अलवर जिले में सौ वर्ष की आयु पूरी कर चुकीं शरबती देवी को घर जाकर प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया.

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/alwar-ke-malakhera-men-100-sala-ki-matadata-sharbati-devi-ka-ghara-para-sammana-chara-pirhiyan-banin-gavaha-42164 · **Language:** Hindi
**Tags:** अलवर, मालाखेड़ा, शरबती देवी, राज्य निर्वाचन आयोग, शतायु मतदाता, वृद्ध जन दिवस, मतदान अधिकार

राजस्थान के अलवर जिले में लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती और वरिष्ठ मतदाताओं के प्रति सम्मान की एक बेहद प्रेरणादायी तस्वीर सामने आई है. मालाखेड़ा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जमालपुर गांव में सौ वर्ष से अधिक आयु की मतदाता शरबती देवी को सम्मानित करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधि सीधे उनके आवास पर पहुंचे. इस मौके पर बुजुर्ग महिला के आंगन में उनके परिजनों की चार पीढ़ियां एक साथ एकत्रित थीं, जिसने इस प्रशासनिक पहल को एक भावनात्मक पारिवारिक उत्सव में बदल दिया.

## वृद्ध जन दिवस पर शतायु मतदाताओं के लिए विशेष पहल
वृद्ध जन दिवस के उपलक्ष्य में राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत प्रशासन ने उन मतदाताओं को चिन्हित किया है, जिन्होंने अपनी उम्र के सौ वर्ष पूरे कर लिए हैं. इस अभियान की मुख्य मंशा ऐसे वरिष्ठ नागरिकों तक स्वयं पहुंचकर उनकी दीर्घकालिक लोकतांत्रिक सहभागिता के प्रति आभार व्यक्त करना है. इसी क्रम में जमालपुर की बीएलओ सुनीता मीणा ने शरबती देवी के घर दस्तक दी. उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से शतायु महिला को औपचारिक प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया.

## एक ही छत के नीचे चार पीढ़ियों का अनूठा संगम
सम्मान समारोह के दौरान शरबती देवी के परिवार की एकजुटता और स्नेह का माहौल देखने लायक था. आधुनिक दौर में जहां संयुक्त परिवारों की परंपरा धीरे-धीरे कम होती जा रही है, वहीं शरबती देवी के आवास पर चार पीढ़ियां एक साथ खड़ी नजर आईं. इस खास घड़ी में शरबती देवी के साथ उनके पुत्र, पुत्रवधू और पड़पोती मौजूद रहे. परिवार के सदस्यों ने इस पल को अपनी कुल परंपरा के लिए गौरवशाली बताते हुए कहा कि उम्र के इस पड़ाव पर बुजुर्ग मातृशक्ति का यह सम्मान पूरे परिवार के लिए एक अविस्मरणीय उपलब्धि है.

## जमालपुर में दो बुजुर्ग महिलाओं ने पूरी की उम्र की सेंचुरी
प्रशासनिक अधिकारियों और बीएलओ सुनीता मीणा के अनुसार, लोकतंत्र में निरंतर मतदान के जरिए व्यवस्था को मजबूत करने वाले ऐसे नागरिकों का योगदान अमूल्य है. आयोग का मानना है कि बुजुर्ग मतदाताओं को घर पर जाकर सम्मानित करने से न केवल उन्हें अपने योगदान का महत्व महसूस होता है, बल्कि नई पीढ़ी को भी मताधिकार के प्रति प्रेरणा मिलती है. जमालपुर क्षेत्र में सौ वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग में दो मतदाता दर्ज हैं, जिनमें शरबती देवी के साथ-साथ जमुना देवी का नाम भी शामिल है. आयोग की ओर से इन दोनों ही शतायु मतदाताओं के घर पहुंचकर सम्मान प्रदान करने की प्रक्रिया तय की गई है.

## प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह से लोकतंत्र की लंबी भागीदारी को नमन
शतायु महिला को मिला यह सम्मान केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा. जब आयोग की टीम प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह सौंप रही थी, तब परिवार के सभी सदस्य साथ खड़े होकर लोकतंत्र के प्रति अपने बुजुर्ग की निष्ठा के साक्षी बने. सौ वर्ष की उम्र पार करना अपने आप में एक बड़ा पड़ाव है और इस पूरी अवधि में मतदाता के रूप में अपनी भूमिका निभाते रहना लोकतांत्रिक परंपराओं की सच्ची मिसाल पेश करता है. शरबती देवी के घर का यह आयोजन परिवार के अटूट साथ और नागरिक कर्तव्य दोनों का सुंदर प्रतीक बन गया.

## इसका आप पर असर
बुजुर्ग मतदाताओं को घर पर सम्मानित करने की यह पहल लोकतांत्रिक व्यवस्था में वरिष्ठ नागरिकों के महत्व और उनकी भागीदारी को रेखांकित करती है.

- **भारत में:** देश भर के नागरिकों में अपने मताधिकार के प्रयोग और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में निरंतर भागीदारी को लेकर जागरूकता बढ़ती है. नई पीढ़ी को यह सीख मिलती है कि मतदान केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि जीवनपर्यंत निभाया जाने वाला नागरिक कर्तव्य है.
- **राजस्थान में:** अलवर और राज्य के अन्य जिलों में वरिष्ठ मतदाताओं को यह भरोसा मिलता है कि निर्वाचन आयोग उनके स्वास्थ्य और उम्र की संवेदनशीलता को समझता है. परिवार के लोगों को भी अपने बुजुर्गों के नागरिक अधिकारों और सम्मान के प्रति गर्व महसूस करने का अवसर मिलता है.
- **मतदाताओं के लिए:** सौ वर्ष की आयु पूरी कर चुके नागरिकों के लिए घर-घर जाकर सम्मान देने का यह अभियान उन्हें व्यवस्था से सीधे जोड़ता है. इससे समाज में वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा और उनके लंबे जीवन के अनुभवों के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होती है.
- **प्रशासनिक स्तर पर:** स्थानीय स्तर पर बीएलओ और चुनाव तंत्र को अपने क्षेत्र के बुजुर्ग मतदाताओं के साथ प्रत्यक्ष संपर्क साधने और मतदाता सूचियों के वास्तविक सत्यापन में सहायता मिलती है. इस व्यवस्था से चुनावी प्रक्रिया के प्रति जमीनी स्तर पर सकारात्मक संदेश जाता है.

## ऐसा क्यों हुआ
राज्य निर्वाचन आयोग ने वृद्ध जन दिवस के अवसर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था में लंबे समय से सक्रिय रहे वरिष्ठ नागरिकों के योगदान को रेखांकित करने के लिए यह सम्मान अभियान शुरू किया है.

- **सीधा कारण:** वृद्ध जन दिवस के उपलक्ष्य में राज्य निर्वाचन आयोग के विशेष दिशा-निर्देशों के तहत 100 वर्ष की आयु पूरी कर चुके मतदाताओं को चिन्हित कर उनके आवास पर ही सम्मानित किया जा रहा है. इसी निर्देश का पालन करते हुए बीएलओ ने शरबती देवी के घर जाकर उन्हें प्रशस्ति पत्र दिया.
- **पृष्ठभूमि और उद्देश्य:** चुनाव आयोग का प्राथमिक उद्देश्य ऐसे बुजुर्ग नागरिकों के प्रति आभार प्रकट करना है, जिन्होंने दशकों तक मतदान कर चुनावी प्रक्रिया को मजबूत बनाया है. घर जाकर सम्मान देने से उम्रदराज मतदाताओं को शारीरिक कष्ट से बचाया जा सका और उनके योगदान को गरिमा प्रदान की गई.
- **स्थानीय पहचान:** स्थानीय मतदाता सूची के अनुसार जमालपुर क्षेत्र में दो मतदाताओं ने 100 वर्ष की उम्र पूरी की है, जिनमें शरबती देवी और जमुना देवी शामिल हैं. आयोग के प्रतिनिधियों ने दोनों बुजुर्ग महिलाओं को उनके घर पर जाकर औपचारिक सम्मान देने का निर्णय लिया.

## सवाल-जवाब

### 1. शरबती देवी को किस अवसर पर सम्मानित किया गया?
उन्हें वृद्ध जन दिवस के अवसर पर राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 100 वर्ष की उम्र पूरी करने पर सम्मानित किया गया.

### 2. शरबती देवी राजस्थान के किस जिले और क्षेत्र की निवासी हैं?
वह राजस्थान के अलवर जिले के मालाखेड़ा क्षेत्र अंतर्गत जमालपुर की निवासी हैं.

### 3. सम्मान के रूप में उन्हें क्या भेंट किया गया?
बीएलओ सुनीता मीणा ने राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से उन्हें एक प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट किया.

### 4. शरबती देवी के अलावा जमालपुर में अन्य कौन सी शतायु मतदाता हैं?
जमालपुर में शरबती देवी के अलावा जमुना देवी भी 100 वर्ष की उम्र पूरी कर चुकी मतदाता हैं.

### 5. सम्मान के समय घर पर परिवार के कौन से सदस्य उपस्थित थे?
उस समय परिवार की चार पीढ़ियां मौजूद थीं, जिनमें शरबती देवी के पुत्र, पुत्रवधू और पड़पोती शामिल थे.

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._