# अलवर में दहेज के लिए दो सगी बहनों को घर में बंद कर लोहे के हथियारों से पीटा, हालत गंभीर

> अलवर के चिरावल माली गांव में ससुराल वालों ने दहेज की खातिर दो सगी बहनों पर लोहे के हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल दोनों बहनों का इलाज राजीव गांधी सामान्य अस्पताल में चल रहा है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/alwar-men-daheja-ke-lie-do-sagi-bahanon-ko-ghara-men-bnda-kara-lohe-ke-hathiyaron-se-pita-halata-gnbhira-29777 · **Language:** Hindi
**Tags:** अलवर समाचार, दहेज प्रताड़ना, क्राइम न्यूज़, राजस्थान पुलिस, घरेलू हिंसा, नगर कोर्ट

राजस्थान के अलवर जिले में नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले चिरावल माली गांव से दहेज प्रताड़ना की एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। यहां ससुराल वालों ने लोहे के घातक हथियारों से वार कर दो सगी बहनों पर जानलेवा हमला कर दिया। वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने मकान का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद कर लिया ताकि पीड़िताएं भाग न सकें। इस हमले में दोनों बहनें लहूलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को संभाला। प्राथमिक सहायता के बाद पुलिस ने दोनों पीड़िताओं को इलाज के लिए अलवर के राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय भेजा, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और चिकित्सकों की देखरेख में उपचार जारी है।

## सात साल पहले हुआ था विवाह, लगातार हो रही थी दहेज की मांग
पीड़ित महिलाओं की पहचान बृजलता सैनी और वीरवती सैनी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से सीकरी थाना क्षेत्र की निवासी हैं। दोनों सगी बहनों की शादी लगभग सात वर्ष पूर्व चिरावल माली गांव के रहने वाले दो भाइयों, अनिल और भूपेंद्र के साथ हुई थी। पीड़िताओं के अनुसार विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग लगातार दहेज की अतिरिक्त मांग को लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। प्रताड़ना में ससुर, सास, जेठ और जेठानी समेत परिवार के कई सदस्य शामिल थे।

## जनवरी में दिए थे दो लाख रुपये, फिर भी नहीं थमा उत्पीड़न
बृजलता सैनी ने बताया कि ससुराल वालों के अत्याचार और लगातार बढ़ती मांग से तंग आकर उनके मायके वालों ने इसी साल जनवरी महीने में दो लाख रुपये नकद ससुराल पक्ष को दिए थे। पीहर पक्ष को उम्मीद थी कि दो लाख रुपये देने के बाद प्रताड़ना का सिलसिला थम जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पैसे मिलने के बावजूद ससुराल वालों का लालच कम नहीं हुआ और वे लगातार और धन व सामान की मांग करते हुए दोनों बहनों का उत्पीड़न करते रहे।

## घर का गेट बंद कर लोहे के हथियारों से किया खूनी हमला
वारदात वाले दिन सोमवार को ससुराल पक्ष के लोगों का विवाद फिर बढ़ गया। आरोप है कि ससुर विशंभर, सास फूलवती, जेठ जगदीश, जेठानी शकुंतला, जेठ सतीश, सतीश की पत्नी निरमा और उनकी बेटी प्रीति ने मिलकर साजिश रची। इन सभी आरोपियों ने पहले घर का मुख्य दरवाजा कसकर बंद कर दिया ताकि कोई बाहर न जा सके और न ही मदद के लिए अंदर आ सके। इसके बाद आरोपियों ने लोहे के हथियारों से दोनों बहनों पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए। लोहे की छड़ों व हथियारों के वार से दोनों बहनें गंभीर रूप से चोटिल होकर जमीन पर गिर पड़ीं और खून से लथपथ हो गईं।

## महिला अधिवक्ता की गुहार और पुलिस की जांच
पीड़ित बहनों में से बृजलता सैनी पेशे से नगर कोर्ट में एडवोकेट हैं, जबकि उनकी सगी बहन वीरवती सैनी एक गृहिणी हैं। अस्पताल में जेरे इलाज बृजलता सैनी ने अपने दर्द का बयां करते हुए कहा कि जब अदालत में प्रैक्टिस करने वाली एक महिला वकील भी अपने ही ससुराल में इस प्रकार की बर्बर हिंसा का शिकार हो सकती है, तो समाज की आम और मासूम महिलाओं की सुरक्षा और स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। पीड़िताओं ने मीडिया के जरिए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, स्थानीय पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दर्ज कराए गए आरोपों की सत्यता की पुष्टि की जा रही है।

## इसका आप पर असर
यह मामला भारत में दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा के खिलाफ कानूनी सुरक्षा तथा पुलिस हेल्पलाइन के इस्तेमाल को रेखांकित करता है।

- **भारत में:** दहेज प्रताड़ना के मामलों में पीड़िताएं आईपीसी / भारतीय न्याय संहिता की सख्त धाराओं के तहत तुरंत एफआईआर दर्ज करा सकती हैं। किसी भी आपात स्थिति में राष्ट्रीय महिला हेल्पलाइन 181 या पुलिस 112 पर तुरंत संपर्क करके सुरक्षा सहायता मांगी जा सकती है।
- **राजस्थान में:** राज्य पुलिस ने घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं की त्वरित मदद के लिए विशेष महिला डेस्क और परामर्श केंद्र स्थापित किए हैं। पीड़ित महिलाएं जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण से मुफ्त कानूनी सहायता और सुरक्षा निर्देश भी प्राप्त कर सकती हैं।
- **कानूनी कार्रवाई:** गंभीर शारीरिक चोट पहुंचाने और जानलेवा हमले के मामलों में आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज होता है। पीड़ित पक्ष अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट को अदालत में प्राथमिक साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत कर सकता है।
- **आर्थिक मदद:** दहेज प्रताड़ना के तहत पूर्व में दी गई नकद राशि या सामान की वसूली के लिए भी अदालत में आवेदन किया जा सकता है। कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से ऐसी अवैध मांगों के सबूत पेश कर मुआवजा पाना संभव है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह दुखद घटना लगातार बढ़ रही दहेज की मांग और सात वर्षों से जारी घरेलू विवाद के कारण घटित हुई। मायके पक्ष द्वारा पैसे दिए जाने के बावजूद ससुराल वालों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ।

- **दहेज का अनवरत दबाव:** विवाह के सात साल बीत जाने के बाद भी ससुराल पक्ष की ओर से लगातार अतिरिक्त दहेज की मांग की जा रही थी। दोनों बहनों को शादी के शुरुआती दिनों से ही मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था।
- **नकद राशि देने के बाद भी लालच:** इसी वर्ष जनवरी में पीड़िताओं के परिजनों ने दबाव कम करने के उद्देश्य से दो लाख रुपये नकद दिए थे। हालांकि, इस रकम को स्वीकार करने के बाद भी आरोपियों का लालच खत्म नहीं हुआ और मांग जारी रही।
- **योजनाबद्ध तरीके से हमला:** सोमवार को विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने पीड़ितों को घर में ही कैद करने की नीयत से मुख्य दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद लोहे के हथियारों का इस्तेमाल कर जानलेवा वार किया गया।
- **पुलिस जांच की स्थिति:** स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया और नामजद आरोपों की जांच शुरू की है। घटना के मूल कारणों और आरोपियों की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि की जा रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. अलवर के चिरावल माली गांव में क्या घटना हुई?
चिरावल माली गांव में ससुराल वालों ने घर का दरवाजा बंद कर दो सगी बहनों पर लोहे के हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया।

### 2. इस हमले में घायल बहनों की पहचान क्या है?
घायल बहनों के नाम बृजलता सैनी (नगर कोर्ट में एडवोकेट) और वीरवती सैनी (गृहिणी) हैं।

### 3. पीड़ित बहनों की शादी कब और किससे हुई थी?
दोनों बहनों की शादी लगभग सात वर्ष पहले चिरावल माली गांव निवासी अनिल और भूपेंद्र के साथ हुई थी।

### 4. घटना के पीछे क्या मुख्य कारण बताया जा रहा है?
शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष की ओर से लगातार की जा रही अतिरिक्त दहेज की मांग और उत्पीड़न इसका मुख्य कारण है।

### 5. क्या पीड़िताओं के परिवार ने पहले कोई पैसा दिया था?
हां, प्रताड़ना से परेशान होकर परिजनों ने इसी साल जनवरी में ससुराल वालों को दो लाख रुपये नकद दिए थे।

### 6. घायलों का इलाज कहां चल रहा है और पुलिस क्या कदम उठा रही है?
दोनों बहनों का इलाज अलवर के राजीव गांधी सामान्य अस्पताल में चल रहा है, जबकि पुलिस मामले की जांच और आरोपों की पुष्टि कर रही है।

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