अलवर में दिवाली हाट बाजार को लेकर सड़क पर उतरे व्यापारी, नगर निगम पर वादाखिलाफी का आरोप अलवर में पुराने बाजारों से हटाकर कंपनी बाग रोड भेजे गए खुदरा विक्रेताओं ने नगर निगम कार्यालय के बाहर धरना देकर रास्ता जाम कर दिया। उनका कहना है कि प्रतिबंध के बावजूद घंटाघर और होप सर्कस में दोबारा दुकानें लगने दी जा रही हैं। राजस्थान के अलवर शहर में त्योहारी सीजन के दौरान दिवाली हाट बाजार की व्यवस्था को लेकर व्यापारियों और स्थानीय प्रशासन के बीच टकराव तेज हो गया है। पुराने बाजारों से हटाए जाने के बाद कंपनी बाग रोड पर दुकानें लगाने वाले विक्रेता नगर निगम की कार्यशैली से नाराज होकर विरोध प्रदर्शन पर उतर आए हैं। इन दुकानदारों का आरोप है कि प्रशासन ने नियमों की अनदेखी करते हुए कुछ खुदरा विक्रेताओं को दोबारा पुराने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में दुकानें लगाने की खुली छूट दे दी है। तीन दिन पहले हुआ था विस्थापन विवाद की शुरुआत तीन दिन पहले हुई थी, जब नगर निगम प्रशासन ने शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने और त्योहारी भीड़ को नियंत्रित करने के मकसद से सख्त कदम उठाया था। निगम की टीम ने घंटाघर, होप सर्कस और आसपास के पुराने बाजारों से सभी फुटकर दुकानदारों को हटा दिया था। इन सभी को कंपनी बाग रोड स्थित विशेष दिवाली हाट बाजार में अपनी दुकानें स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया था। उस समय अधिकारियों ने विक्रेताओं को स्पष्ट रूप से भरोसा दिलाया था कि घंटाघर और होप सर्कस के दायरे में दिवाली से जुड़ा सामान बेचने की इजाजत किसी भी व्यापारी को नहीं दी जाएगी। पुराने स्थानों पर दुकानें सजने से भड़का आक्रोश प्रशासन के इस आश्वासन के विपरीत, कुछ दुकानदारों ने नियमों की अनदेखी करते हुए फिर से घंटाघर और होप सर्कस में अपनी दुकानें सजा लीं। जब कंपनी बाग रोड पर शिफ्ट किए गए व्यापारियों को इस बात की भनक लगी, तो उनमें भारी असंतोष फैल गया। आक्रोशित दुकानदार एकजुट होकर सीधे नगर निगम कार्यालय पहुंचे और मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठ गए। विरोध के दौरान व्यापारियों ने सड़क पर जाम लगा दिया, जिससे कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई। समान नियमों और सख्त कार्रवाई की मांग धरना दे रहे व्यापारियों का सीधा सवाल है कि यदि नियमों का हवाला देकर उन्हें पुराने बाजारों से बेदखल किया गया था, तो फिर अन्य विक्रेताओं को उन्हीं प्रतिबंधित स्थानों पर बैठने की अनुमति कैसे मिल गई। दुकानदारों ने दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए कहा कि नियम शहर के प्रत्येक व्यापारी पर समान रूप से लागू होने चाहिए। प्रदर्शनकारी विक्रेताओं की मांग है कि नगर निगम तुरंत हस्तक्षेप करे और घंटाघर तथा होप सर्कस में अवैध रूप से दुकानें लगाने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करे। इसका आप पर असर अलवर शहर के प्रमुख बाजारों में त्योहारी खरीदारी और आवागमन पर सीधा असर पड़ा है। • स्थानीय ग्राहकों पर: मुख्य बाजारों में व्यापारियों के धरने और सड़क जाम के कारण त्योहारी खरीदारी के लिए निकले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। घंटाघर और होप सर्कस में असमंजस की स्थिति के कारण ग्राहकों को सामान खरीदने के लिए अलग-अलग बाजारों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। • कंपनी बाग रोड के दुकानदारों पर: नियमों का पालन कर नए स्थान पर गए दुकानदारों की बिक्री प्रभावित हो रही है क्योंकि मुख्य बाजारों में दोबारा अवैध दुकानें सजने से ग्राहकों का फुटफॉल बंट गया है। इन विक्रेताओं को त्योहारी सीजन में आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है। • यातायात और आवागमन पर: नगर निगम कार्यालय और मुख्य सड़कों पर विरोध प्रदर्शन के चलते शहर के केंद्रीय हिस्से में जाम की स्थिति बन गई है। वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। • प्रशासनिक निगरानी पर: नगर निगम पर सभी दुकानदारों के लिए समान नियम लागू करने का दबाव बढ़ गया है। आने वाले दिनों में पुराने बाजारों में अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त निगरानी अभियान चलाया जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह विवाद नगर निगम द्वारा बनाए गए नियमों के असमान क्रियान्वयन और निगरानी में ढिलाई के कारण उत्पन्न हुआ। • प्रत्यक्ष कारण: तीन दिन पहले हटाए जाने के बावजूद कुछ विक्रेताओं ने घंटाघर और होप सर्कस में दोबारा दुकानें लगा लीं, जिससे स्थानांतरित व्यापारी नाराज हो गए। • सख्त वादे का उल्लंघन: नगर निगम ने दुकानदारों को कंपनी बाग रोड भेजते समय भरोसा दिलाया था कि पुराने क्षेत्रों में दिवाली का सामान बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, लेकिन इस निर्देश का जमीनी स्तर पर पालन नहीं कराया गया। • दोहरे मापदंड का विरोध: नियमों का पालन करने वाले व्यापारियों को लगा कि प्रशासन की ढिलाई से गैर-अनुपालन करने वालों को अनुचित व्यापारिक लाभ मिल रहा है। • आगे की संभावित कार्रवाई: व्यापारियों के आक्रोश और सड़क जाम के बाद नगर निगम को या तो पुराने क्षेत्रों से अवैध दुकानें हटानी होंगी या पूरी व्यवस्था की पुनर्समीक्षा करनी होगी। सवाल-जवाब 1. अलवर में दुकानदार नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं? कंपनी बाग रोड पर शिफ्ट किए गए दुकानदार इसलिए प्रदर्शन कर रहे हैं क्योंकि कुछ अन्य विक्रेताओं को दोबारा घंटाघर और होप सर्कस में दुकानें लगाने की छूट दे दी गई। 2. नगर निगम ने फुटकर विक्रेताओं को कब हटाया था? नगर निगम ने प्रदर्शन से तीन दिन पहले पुराने बाजारों से दुकानदारों को हटाकर कंपनी बाग रोड पर शिफ्ट किया था। 3. दुकानदारों ने अपना विरोध कैसे दर्ज कराया? दुकानदार नगर निगम कार्यालय पहुंचे, वहां धरने पर बैठ गए और सड़क पर जाम लगा दिया। 4. धरना दे रहे दुकानदारों की मुख्य मांग क्या है? दुकानदारों की मांग है कि नियम सभी के लिए समान हों और पुराने बाजारों में दोबारा दुकानें लगाने वालों पर नगर निगम सख्त कार्रवाई करे। https://trendkia.com/rajasthan/alwar-men-divali-hata-bajara-ko-lekara-saraka-para-utare-vyapari-nagara-nigama-para-vadakhilaphi-ka-aropa-57428 TrendKia — Har trend, sabse pehle.