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  "type": "article",
  "title": "अलवर में त्योहार से पहले दुकानें हटाने पर भड़के मिट्टी के दीपक और पूजन सामग्री बेचने वाले",
  "summary": "दीपावली से पहले अलवर नगर निगम द्वारा पारंपरिक जगहों से दुकानें हटाने के विरोध में छोटे व्यापारियों और महिलाओं ने नगर निगम दफ्तर पर प्रदर्शन कर जाम लगाया।",
  "content": "दीपावली के बड़े पर्व की तैयारियों के बीच अलवर शहर के बाजारों में अस्थाई दुकानें लगाने को लेकर नगर निगम प्रशासन और छोटे व्यापारियों के बीच विवाद काफी बढ़ गया है। पीढ़ियों और वर्षों से स्थानीय बाजारों में मिट्टी के बर्तन, दीये, फूल-मालाएं तथा अन्य जरूरी पूजन सामग्री बेचकर अपने परिवारों का गुजर-बसर करने वाले छोटे दुकानदारों ने नगर निगम द्वारा की जा रही विस्थापन की कार्रवाई के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में महिला और पुरुष दुकानदार नगर निगम दफ्तर के बाहर जमा हुए, जहां उन्होंने जोरदार नारेबाजी करते हुए सड़क पर जाम लगा दिया और प्रशासन के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों का सीधा कहना है कि वे सालों से तय अपनी पुरानी जगहों पर ही व्यवसाय करेंगे और किसी भी हाल में नई जगह जाने को राजी नहीं हैं।\n\nपारंपरिक ठिकानों से कंपनी बाग रोड भेजे जाने का कड़ा विरोध\nविरोध प्रदर्शन में शामिल पूनम नाम की एक महिला और अन्य महिला दुकानदारों ने अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि वे लंबे अर्से से होप सर्कस, घंटाघर और बाजार के अन्य केंद्रीय स्थानों पर अपनी अस्थाई दुकानें सजाती आई हैं। उनके परिवार के कई सदस्य भी वर्षों से इन्हीं प्रमुख व्यापारिक केंद्रों पर पर्व के दौरान कारोबार करते रहे हैं। इन बाजारों में शहर भर से खरीदारों की निरंतर चहल-पहल रहती है, जिससे त्योहारी सीजन में उनकी सालभर की बुनियादी कमाई निकलती है। व्यापारियों का कहना है कि नगर निगम प्रशासन इस बार उन्हें इन पारंपरिक और स्थापित ठिकानों से बेदखल कर कंपनी बाग रोड पर तैयार किए गए स्टालों पर जाने के लिए मजबूर कर रहा है। अचानक ठिकाना बदलने से उनका व्यापार पूरी तरह ठप होने का डर बना हुआ है, क्योंकि नई जगह पर खरीदारों के पहुंचने को लेकर भारी अनिश्चितता है।\n\nमारपीट और सामान को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप\nप्रदर्शनकारी महिलाओं ने कार्रवाई के दौरान एक महिला होमगार्ड पर दुकानदारों के साथ मारपीट करने और उनकी पूजन सामग्री व मिट्टी के बर्तन तोड़ने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। महिलाओं का कहना था कि उन्होंने त्योहार की बिक्री के लिए पहले ही काफी पूंजी लगाकर माल खरीद लिया था और अपनी दुकानें लगाने की तैयारी में जुटी थीं। ऐसे नाजुक समय में प्रशासन द्वारा उन्हें जबरन हटाने और कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने से उनकी आजीविका पर संकट और गहरा गया है। व्यापारियों ने नगर निगम पर एकतरफा मनमानी का आरोप लगाते हुए दोहराया कि ग्राहक उन्हें घंटाघर और होप सर्कस जैसे मुख्य बाजारों में ही ढूंढते हैं, इसलिए वे कंपनी बाग रोड पर कतई नहीं जाएंगे।\n\nजाम से यातायात प्रभावित, पुरानी जगह बहाली की मांग\nनगर निगम कार्यालय के बाहर हुए इस उग्र प्रदर्शन और सड़क पर लगाए गए जाम के कारण आसपास के मार्गों पर कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही बाधित रही, जिससे राहगीरों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी दुकानदारों ने अंत तक अपनी मांग पर अड़े रहते हुए कहा कि प्रशासन उनकी रोजी-रोटी और परिवारों के आर्थिक संकट को समझे। उन्होंने निगम अधिकारियों से स्पष्ट मांग की है कि दीपावली जैसे बड़े त्योहार को देखते हुए उन्हें होप सर्कस और घंटाघर जैसे उनके पारंपरिक स्थानों पर ही पूर्ववत दुकानें लगाने की अनुमति तुरंत दी जाए।\n\nइसका आप पर असर\nअलवर के मुख्य बाजारों में पारंपरिक पूजन सामग्री की दुकानों को हटाए जाने से स्थानीय खरीदारों और छोटे व्यापारियों दोनों पर सीधा प्रभाव पड़ा है।\n\n• अलवर में: होप सर्कस, घंटाघर और कंपनी बाग रोड के आसपास से गुजरने वाले राहगीरों को प्रदर्शन और जाम के कारण यातायात की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। त्योहारी खरीदारी के लिए मुख्य बाजार आने वाले नागरिकों को पूजन सामग्री और दीयों की उपलब्धता को लेकर असमंजस का सामना करना पड़ सकता है।\n• छोटे व्यापारियों पर: पहले से त्योहार का सामान खरीद चुके मिट्टी के बर्तन और दीया विक्रेताओं के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। नई जगह पर ग्राहकों की आवाजाही कम रहने की आशंका के चलते उनके परिवारों की त्योहारी कमाई पर सीधा जोखिम है।\n• खरीदारों पर: मुख्य बाजार में खरीदारी करने आने वाले लोगों को अपनी पारंपरिक पूजन सामग्री लेने के लिए नई जगह कंपनी बाग रोड जाना पड़ सकता है या विक्रेताओं के फैसले का इंतजार करना होगा। इससे त्योहार की अंतिम समय की तैयारियों में देरी हो सकती है।\n• प्रशासनिक व्यवस्था पर: नगर निगम और पुलिस प्रशासन पर त्योहार के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ व्यापारियों के विरोध को शांत करने का दबाव बढ़ गया है। दोनों पक्षों में सहमति न बनने पर बाजारों में तनाव और जाम की स्थिति दोबारा बन सकती है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nअलवर नगर निगम द्वारा मुख्य बाजारों से अस्थाई दुकानों को हटाकर कंपनी बाग रोड पर स्थानांतरित करने के निर्देश के बाद यह विवाद खड़ा हुआ। त्योहार के समय होने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के प्रशासनिक प्रयासों और विक्रेताओं के आजीविका संघर्ष के टकराव ने इस विरोध प्रदर्शन को जन्म दिया।\n\n• स्थान परिवर्तन का आदेश: नगर निगम ने त्योहार के दौरान होप सर्कस और घंटाघर जैसे व्यस्त बाजारों में भीड़ नियंत्रण के तहत विक्रेताओं को कंपनी बाग रोड पर बने स्टालों पर शिफ्ट करने का निर्देश दिया था। विक्रेताओं ने इस अचानक बदलाव को अपनी ग्राहकी के लिए नुकसानदेह माना।\n• कार्रवाई के दौरान टकराव: दुकानों को हटाने की प्रशासनिक कवायद के दौरान एक महिला होमगार्ड पर दुकानदारों से कथित मारपीट और सामान तोड़ने के आरोप लगे। इस घटना ने व्यापारियों के रोष को भड़का दिया और वे लामबंद होकर विरोध पर उतर आए।\n• आजीविका का संकट: विक्रेताओं ने दिवाली के सीजन के लिए पहले से कर्ज या पूंजी लगाकर मिट्टी के बर्तन, दीये और फूल-मालाएं खरीद रखी थीं। पुरानी जगहों से हटाए जाने पर पूंजी डूबने और त्योहार पर कमाई न होने के डर ने उन्हें निगम कार्यालय के सामने जाम लगाने पर मजबूर किया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अलवर में छोटे दुकानदार किस बात को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं?\nनगर निगम द्वारा दीपावली से पहले होप सर्कस और घंटाघर जैसे पारंपरिक स्थानों से दुकानें हटाकर कंपनी बाग रोड भेजने के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा है।\n\n2. प्रदर्शन में शामिल दुकानदारों द्वारा मुख्य रूप से क्या सामान बेचा जाता है?\nये दुकानदार मुख्य रूप से मिट्टी के बर्तन, दीये, फूल-मालाएं और अन्य त्योहारी पूजन सामग्री बेचते हैं।\n\n3. दुकानदारों ने नगर निगम की नई जगह पर जाने से क्यों इनकार किया?\nदुकानदारों का कहना है कि कंपनी बाग रोड पर ग्राहकों की आवाजाही को लेकर अनिश्चितता है, जिससे त्योहार के समय उनके कारोबार पर भारी आर्थिक संकट आ सकता है।\n\n4. प्रदर्शनकारी महिलाओं ने प्रशासन पर क्या गंभीर आरोप लगाए?\nमहिलाओं ने एक महिला होमगार्ड पर उनके साथ मारपीट करने और बिक्री के लिए रखी गई पूजन सामग्री व सामान तोड़ने के आरोप लगाए हैं।\n\n5. दुकानदारों की नगर निगम प्रशासन से क्या मांग है?\nदुकानदारों की मांग है कि उनकी आजीविका को देखते हुए उन्हें होप सर्कस और घंटाघर जैसी उनकी पुरानी जगहों पर ही दुकानें लगाने की अनुमति दी जाए।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-10-31",
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