अमानक भोजन बेचने वालों पर राजस्थान में चाबुक, 4 खाद्य ब्रांड्स दो महीने बैन, जयपुर के 12 आउटलेट्स पर कठोर दंडात्मक कदम राजस्थान में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मानकों का उल्लंघन करने वाले चार देशी घी और मिर्च पाउडर ब्रांड्स की बिक्री दो महीने के लिए रोक दी है। इसके अलावा जयपुर की 12 व्यावसायिक इकाइयों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन और निरस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राजस्थान में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की गई है। राज्य के खाद्य सुरक्षा विभाग ने प्रयोगशाला जांच में अमानक पाए गए चार प्रमुख खाद्य ब्रांड्स पर दो महीने का प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध दिल्ली और पंजाब के साथ-साथ राजस्थान में तैयार होने वाले देशी घी और लाल मिर्च पाउडर के उत्पादों पर लागू होगा। इसी अभियान के तहत राजधानी जयपुर में स्थित 12 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी नियमों की अनदेखी करने पर कड़े कदम उठाए गए हैं, जिससे कारोबारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल है। इन 4 ब्रांड्स की बिक्री पर लगा 2 महीने का प्रतिबंध खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा कराई गई आधिकारिक जांच में पाया गया कि कई कंपनियां निर्धारित सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतर पा रही थीं। इसके बाद विभाग ने कड़ा फैसला लेते हुए चार कंपनियों के उत्पादों को बाजार में बेचने पर आगामी दो माह के लिए रोक लगा दी है। प्रतिबंधित किए गए उत्पादों में दिल्ली के सरनाथ औद्योगिक क्षेत्र में स्थित केडीपी फूड इंडस्ट्रीज द्वारा निर्मित कृष्णा ब्रांड देशी घी शामिल है। इसके अलावा पंजाब के फाजिल्का में संचालित मैसर्स हिमाया फूड्स प्राइवेट लिमिटेड का जीएस गोल्ड ब्रांड लाल मिर्च पाउडर भी अमानक पाया गया, जिसकी बिक्री तुरंत प्रभाव से रोक दी गई है। राज्य के भीतर निर्मित होने वाले उत्पादों पर भी विभाग ने समान रूप से कार्रवाई की है। राजस्थान के बालोतरा में स्थित मैसर्स दिशा एंटरप्राइजेज द्वारा तैयार किए जाने वाले नंदी ब्रांड देशी घी को अमानक पाए जाने के कारण दो महीने के लिए प्रतिबंधित किया गया है। वहीं बाड़मेर जिले में श्री सांवरिया इंडस्ट्रीज द्वारा उत्पादित किए जाने वाले गोल्डन थार ब्रांड देशी घी पर भी बिक्री रोके जाने का फैसला हुआ है। इन सभी चार ब्रांड्स के सैंपल जांच में सुरक्षित और शुद्ध भोजन के मानकों का पालन करते नहीं पाए गए थे। जयपुर के 9 प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित केवल विनिर्माताओं पर ही नहीं, बल्कि खुदरा और खानपान के स्तर पर भी विभाग ने निगरानी सख्त कर दी है। जयपुर शहर में खाद्य सुरक्षा अधिनियम और संबंधित नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल नौ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। विभाग की जांच टीमों ने इन स्थानों पर चेकिंग कर स्वच्छता, रखरखाव और खाद्य मानकों की स्थिति देखी थी, जहां गंभीर लापरवाही सामने आई। निलंबन का सामना करने वाले प्रमुख आउटलेट्स में जयपुर के विद्याधर नगर क्षेत्र का बालाजी जायका शामिल है। इसके अलावा कूकड़खेड़ा मंडी स्थित मैसर्स गणपति ड्राईफ्रूट्स और निर्माण नगर में संचालित फूड कैफे जैसे लोकप्रिय प्रतिष्ठानों पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। इनके अलावा छह अन्य व्यापारिक इकाइयों के लाइसेंस भी अस्थाई रूप से निलंबित किए गए हैं। इन सभी संस्थानों को कमियों को दूर करने और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नियम तोड़ने वाले 3 आउटलेट्स के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन पूरी तरह निरस्त विभाग ने उन प्रतिष्ठानों पर सबसे कठोर रुख अपनाया है जिन्होंने पूर्व में की गई कार्रवाई के बावजूद अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया। तीन ऐसे व्यावसायिक संस्थान चिन्हित किए गए जिनके खाद्य लाइसेंस पूर्व में असुरक्षित भोजन सामग्री बेचने के कारण निलंबित किए गए थे। इसके बावजूद, ये संचालक बिना किसी वैध लाइसेंस या आवश्यक रजिस्ट्रेशन के अवैध रूप से अपना खाद्य कारोबार जारी रखे हुए थे। गंभीर अनियमितता और कानून की अवहेलना के इस मामले में विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए इन तीनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन को पूरी तरह से निरस्त कर दिया है। इनमें विद्याधर नगर में स्थित एम एस बालाजी जयका, कूकड़खेड़ा का एम एस गणपति ड्राईफ्रूट्स तथा निर्माण नगर स्थित द कंबू कैफे फूड एंड बेवरेजेज शामिल हैं। अब इन संस्थानों के लिए किसी भी तरह का खाद्य कारोबार संचालित करना पूरी तरह से गैर-कानूनी हो गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की कड़ी चेतावनी इस व्यापक छापेमारी और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद राज्यभर के खाद्य कारोबारियों में हड़कंप है। विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। बाजार में मिलने वाली खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा मानकों की निरंतर जांच की जाएगी, और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी। इसका आप पर असर खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई का सीधा प्रभाव आम उपभोक्ताओं और खाद्य कारोबारियों दोनों पर पड़ेगा। • भारत में: अंतरराज्यीय स्तर पर मिलावटी उत्पादों की बिक्री पर नकेल कसेगी। इससे अन्य राज्यों से आने वाले पैक किए गए खाद्य पदार्थों की शुद्धता की निगरानी और सख्त होगी। • जयपुर और राजस्थान में: स्थानीय निवासियों को बाजार में घटिया और मिलावटी देशी घी तथा मिर्च पाउडर से सुरक्षा मिलेगी। उपभोक्ता अब इन बैन किए गए चार ब्रांड्स को खरीदने से बच सकते हैं। • उपभोक्ताओं के लिए: अपनी रसोई में इस्तेमाल होने वाले खाद्य ब्रांड्स की गुणवत्ता जांचना आसान हो जाएगा। संदिग्ध या मिलावटी सामान मिलने पर नागरिक खाद्य विभाग में सीधी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। • खाद्य कारोबारियों के लिए: बिना वैध लाइसेंस या सुरक्षा मानकों की अनदेखी करके दुकान चलाना भारी पड़ेगा। नियम तोड़ने पर लाइसेंस रद्द होने के साथ कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा। सवाल-जवाब 1. किन चार ब्रांड्स पर बिक्री का प्रतिबंध लगाया गया है? दिल्ली के केडीपी फूड इंडस्ट्रीज का कृष्णा देशी घी, पंजाब के हिमाया फूड्स का जीएस गोल्ड लाल मिर्च पाउडर, बालोतरा के दिशा एंटरप्राइजेज का नंदी देशी घी और बाड़मेर के श्री सांवरिया इंडस्ट्रीज का गोल्डन थार देशी घी प्रतिबंधित किया गया है। 2. इन चार खाद्य ब्रांड्स पर कितने समय के लिए रोक लगाई गई है? खाद्य सुरक्षा विभाग ने अमानक पाए जाने के बाद इन चारों ब्रांड्स की बिक्री पर दो महीने के लिए रोक लगाई है। 3. जयपुर में किन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन पूरी तरह निरस्त कर दिए गए हैं? विद्याधर नगर स्थित एम एस बालाजी जयका, कूकड़खेड़ा स्थित एम एस गणपति ड्राईफ्रूट्स और निर्माण नगर स्थित द कंबू कैफे फूड एंड बेवरेजेज के लाइसेंस पूरी तरह निरस्त किए गए हैं। 4. 3 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्त करने का मुख्य कारण क्या था? इन प्रतिष्ठानों का लाइसेंस असुरक्षित भोजन बेचने के कारण पहले निलंबित किया गया था, लेकिन इसके बावजूद वे बिना वैध लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के अवैध रूप से कारोबार चला रहे थे। 5. जयपुर के कितने आउटलेट्स के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं? खाद्य नियमों और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने पर जयपुर के कुल नौ प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जिनमें बालाजी जायका और गणपति ड्राईफ्रूट्स शामिल हैं। https://trendkia.com/rajasthan/amanaka-bhojana-bechane-valon-para-rajasthan-men-chabuka-4-khadya-brandsa-do-mahine-baina-jaipur-ke-12-autaletsa-para-kathora-dnda-26804 TrendKia — Har trend, sabse pehle.