# आमेर में शारदीय नवरात्र की तैयारियां तेज, शीला माता मंदिर में 11 अक्टूबर को होगी घटस्थापना

> जयपुर स्थित ऐतिहासिक आमेर महल के शीला माता मंदिर में शारदीय नवरात्र को लेकर घटस्थापना, विशेष पूजा और दर्शन की समय सारणी जारी कर दी गई है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/amer-men-sharadiya-navaratra-ki-taiyariyan-teja-shila-mata-temple-men-11-aktubara-ko-hogi-ghatasthapana-45222 · **Language:** Hindi
**Tags:** शीला माता मंदिर, आमेर महल, जयपुर, शारदीय नवरात्र, घटस्थापना, राजस्थान समाचार

जयपुर के सुप्रसिद्ध आमेर दुर्ग परिसर में स्थित ऐतिहासिक शीला माता मंदिर में शारदीय नवरात्र महोत्सव की रूपरेखा तय हो गई है। नौ दिनों तक चलने वाले इस आस्था के महापर्व को लेकर मंदिर प्रबंधन तथा स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा एवं भीड़ नियंत्रण की पुख्ता योजनाएं बनाई हैं। राजस्थान समेत विभिन्न प्रांतों से शीला देवी के चौखट पर शीश नवाने आने वाले अनगिनत श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन उपलब्ध कराने के लिए समय सारणी और विशेष दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं।

## घटस्थापना का शुभ मुहूर्त और आम दर्शन का समय
धार्मिक परंपरा के अनुसार नवरात्र के प्रथम दिवस पर वैदिक विधान से कलश स्थापना की जाएगी। शीला माता मंदिर के मुख्य पुजारी बनवारी लाल शर्मा के अनुसार, मंदिर में 11 अक्टूबर को प्रात: 11:55 बजे मंत्रोच्चार के मध्य घटस्थापना का अनुष्ठान पूरा किया जाएगा।

इस मांगलिक पूजा के तुरंत बाद दोपहर 1:00 बजे मंदिर के मुख्य कपाट आम जनता के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। प्रथम दिन अत्यधिक भीड़ उमड़ने के अनुमान को देखते हुए कतारबद्ध दर्शन की विशेष योजना बनाई गई है, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।

## छठ मेला, निशा पूजन और पूर्णाहुति का विस्तृत कार्यक्रम
नवरात्र उत्सव के दौरान आमेर क्षेत्र में कई प्रमुख अनुष्ठान संपन्न होंगे। आगामी 16 अक्टूबर को मंदिर परिसर में पारंपरिक विशाल छठ मेले का आयोजन तय हुआ है, जिसमें जयपुर शहर तथा समीपवर्ती जिलों से बड़ी तादाद में भक्तजन पहुंचेंगे।

इसके उपरांत 18 अक्टूबर की रात्रि 10:00 बजे विशेष निशा पूजन का आयोजन किया जाएगा। तंत्र और शास्त्र सम्मत मान्यताओं के अनुसार इस निशा आराधना की विशेष महत्ता बताई जाती है। इसके अगले दिन यानी 19 अक्टूबर को महाअष्टमी के अवसर पर सायंकाल 4:30 बजे हवन की पूर्णाहुति दी जाएगी।

मंदिर प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि दैनिक दर्शन व्यवस्था के तहत दोपहर 12:30 बजे से लेकर शाम 4:00 बजे तक गर्भ गृह के पट मंगल रहेंगे। इस मध्याह्न अवधि में दर्शन पूर्णत: स्थगित रहेगा और शाम 4:00 बजे पुन: कपाट खुलने पर श्रद्धालु कतारबद्ध होकर माता के दर्शन लाभ ले सकेंगे।

## आमेर महल और जलेब चौक में सुरक्षा व यातायात की व्यवस्था
पर्व के दौरान प्रतिदिन हजारों दर्शनार्थियों की आमद को देखते हुए सुरक्षा तंत्र को सतर्क कर दिया गया है। आमेर महल परिसर तथा जलेब चौक में कानून-व्यवस्था व सुचारु आवागमन बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए होमगार्ड के जवान भी मुस्तैद रहेंगे और चप्पे-चप्पे पर आधुनिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी।

पहाड़ी और संकरे रास्तों वाले आमेर की भौगोलिक बनावट के कारण वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति बन जाती है। इससे निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस विशेष रूट डायवर्जन प्लान लागू कर रही है। प्रमुख चौराहों और पैदल रास्तों पर मजबूत बैरिकेडिंग की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने सभी दर्शनार्थियों से आग्रह किया है कि वे शांति बनाए रखें और तैनात सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों का पालन करते हुए व्यवस्था बनाए रखने में मदद करें।

## इसका आप पर असर
आमेर शीला माता मंदिर में दर्शन की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए समय और यातायात के नए नियम महत्वपूर्ण हैं।

- **भारत में:** नवरात्र के दौरान राजस्थान के प्रमुख शक्तिपीठों की यात्रा करने वाले अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं को मंदिर के निर्धारित दर्शन समय के अनुसार यात्रा योजना बनानी होगी। दोपहर 12:30 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच दर्शन पूरी तरह बंद रहने के कारण समय का ध्यान रखना आवश्यक है।
- **जयपुर में:** स्थानीय निवासियों और आगंतुकों को आमेर तथा जलेब चौक क्षेत्र में यातायात रूट डायवर्जन और भारी भीड़ का सामना करना पड़ेगा। जाम से बचने के लिए श्रद्धालुओं को निजी वाहनों के स्थान पर सार्वजनिक परिवहन या प्रशासन द्वारा तय किए गए मार्गों का उपयोग करना चाहिए।
- **दर्शन समय में बदलाव:** दोपहर 12:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक मंदिर के पट मंगल रहने के कारण दर्शनार्थियों को दोपहर में प्रवेश नहीं मिलेगा। शाम 4:00 बजे के बाद ही पुनः कतार में लगकर दर्शन किए जा सकेंगे।
- **विशेष तिथियों की योजना:** 16 अक्टूबर के छठ मेले और 18 अक्टूबर की रात 10:00 बजे होने वाले निशा पूजन के दौरान सर्वाधिक भीड़ रहने की संभावना है। इन विशेष अवसरों पर दर्शन के लिए अतिरिक्त समय लेकर ही आमेर की ओर निकलें।

## ऐसा क्यों हुआ
आमेर के प्रसिद्ध शीला माता मंदिर में शारदीय नवरात्र के उपलक्ष्य में विशेष पूजा कार्यक्रमों और सुरक्षा प्रबंधों को अंतिम रूप दिया गया है।

- **धार्मिक परंपरा:** शारदीय नवरात्र हिंदू पंचांग का अत्यंत पावन पर्व है, जिसके तहत 11 अक्टूबर को शुभ मुहूर्त में घटस्थापना की जा रही है। आमेर के इस ऐतिहासिक मंदिर में सदियों से चली आ रही परंपराओं के अनुसार ही सभी अनुष्ठानों का समय तय किया गया है।
- **भीड़ नियंत्रण की आवश्यकता:** आमेर महल और जलेब चौक के संकरे भौगोलिक रास्तों पर हर साल नवरात्र में लाखों श्रद्धालु उमड़ते हैं। किसी भी संभावित अव्यवस्था या भगदड़ से बचने के लिए प्रशासन को अतिरिक्त बल और सीसीटीवी निगरानी तैनात करनी पड़ी है।
- **यातायात की सुगमता:** आमेर का पहाड़ी क्षेत्र सामान्य दिनों में भी यातायात दबाव का सामना करता है, इसलिए पर्व के दौरान सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक डायवर्जन जरूरी हो गया।

## सवाल-जवाब

### 1. आमेर शीला माता मंदिर में घटस्थापना कब और किस समय होगी?
मंदिर में घटस्थापना 11 अक्टूबर को सुबह 11:55 बजे पूरे विधि-विधान के साथ की जाएगी।

### 2. नवरात्र के पहले दिन आम श्रद्धालु कब से दर्शन कर सकेंगे?
घटस्थापना अनुष्ठान संपन्न होने के बाद 11 अक्टूबर को दोपहर 1:00 बजे से आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू होंगे।

### 3. दैनिक दर्शन के दौरान मंदिर के पट किस समय बंद रहेंगे?
दोपहर 12:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक मंदिर के कपाट बंद रहेंगे, जिसके बाद शाम 4:00 बजे पुनः दर्शन शुरू होंगे।

### 4. आमेर में छठ मेला और निशा पूजन किस तारीख को आयोजित होगा?
छठ मेला 16 अक्टूबर को आयोजित होगा, जबकि विशेष निशा पूजन 18 अक्टूबर की रात 10:00 बजे किया जाएगा।

### 5. नवरात्र अनुष्ठानों की पूर्णाहुति किस समय संपन्न होगी?
अष्टमी के अवसर पर 19 अक्टूबर को शाम 4:30 बजे पूर्णाहुति का आयोजन किया जाएगा।

### 6. आमेर में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए क्या प्रबंध किए गए हैं?
जयपुर पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात किए जा रहे हैं, साथ ही सीसीटीवी और बैरिकेडिंग से व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी।

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