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  "type": "article",
  "title": "अमृत भारत योजना के तहत सीकर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प, प्लेटफॉर्म 4 पर दूसरी एंट्री खुली और जनवरी तक तैयार होंगी आधुनिक सुविधाएं",
  "summary": "अमृत भारत स्टेशन योजना में लगभग 18 करोड़ रुपये के बजट से संवर रहे सीकर स्टेशन का 70 से 80 फीसदी कार्य पूर्ण हो चुका है। प्लेटफॉर्म नंबर 4 की ओर नया प्रवेश द्वार शुरू होने से कोचिंग जोन और स्थानीय कॉलोनियों के मुसाफिरों को बड़ी सुविधा मिलेगी।",
  "content": "राजस्थान के शेखावाटी अंचल में सीकर रेलवे स्टेशन पर तीन वर्ष पूर्व आरंभ हुई पुनर्विकास परियोजना अब धरातल पर आकार ले चुकी है। केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत लगभग 18 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से स्वीकृत निर्माण कार्यों में से करीब 70 से 80 प्रतिशत काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस पुनर्विकास से न केवल परिसर में आधुनिक यात्री सुविधाएं जुड़ी हैं, बल्कि स्टेशन भवन को शेखावाटी की पारंपारिक कला और वास्तुकला शैली के हेरिटेज स्वरूप में ढाला गया है। इसके चलते रेल यात्रियों को आवागमन, टिकट व्यवस्था, बैठने के प्रबंध और ट्रेन संबंधी सूचनाओं के स्तर पर पहले से कहीं अधिक सुगम अनुभव मिल रहा है।\n\nप्लेटफॉर्म 4 पर द्वितीय प्रवेश द्वार से कोचिंग हब के विद्यार्थियों को सीधी राहत\nइस पूरी परियोजना के तहत सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि प्लेटफॉर्म संख्या 4 की दिशा में दूसरा प्रवेश द्वार खोला जाना है। अब तक स्टेशन आने वाले सभी यात्रियों को मुख्य गेट पर ही निर्भर रहना पड़ता था, जिससे मुख्य मार्ग पर भारी दबाव रहता था। अब नवलगढ़ रोड, पिपराली रोड, राधाकिशनपुरा और आसपास के विशाल कोचिंग हब की तरफ से आने वाले छात्रों तथा स्थानीय नागरिकों को घूमकर मुख्य द्वार तक जाने की बाध्यता समाप्त हो गई है। द्वितीय प्रवेश की तरफ एक नया प्रवेश भवन निर्मित किया गया है। यहां यात्रियों की त्वरित सुविधा के लिए ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन स्थापित की गई है, जिसके माध्यम से डिजिटल अथवा ऑनलाइन भुगतान कर अनारक्षित सामान्य यात्रा टिकट चंद सेकंडों में हासिल किए जा सकते हैं।\n\nडिजिटल डिस्प्ले, एलईडी रोशनी और सूचना तंत्र का आधुनिकीकरण\nस्टेशन के भीतरी और बाहरी परिसर में यात्रियों की सुविधा हेतु सूचना तंत्र को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। मुख्य सर्कुलेटिंग क्षेत्र में बड़े डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए जा चुके हैं, जबकि प्लेटफॉर्मों पर कोच गाइडेंस डिस्प्ले सिस्टम स्थापित किया गया है ताकि ट्रेनों के आगमन पर यात्रियों को अपने डिब्बे की सटीक स्थिति तुरंत पता चल सके। इसके साथ ही यात्रियों को उचित प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय और निकास द्वारों तक मार्गदर्शन देने के लिए स्पष्ट साइनेज बोर्ड लगाए गए हैं। पूरे स्टेशन क्षेत्र तथा प्लेटफॉर्म शेड के नीचे उन्नत पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और ऊर्जा दक्ष एलईडी लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।\n\nशेखावाटी स्थापत्य की हेरिटेज छटा और बुनियादी ढांचे का विस्तार\nसीकर स्टेशन की मुख्य इमारत को स्थानीय सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप विकसित किया गया है। मुख्य प्रवेश द्वार पर शेखावाटी के पारंपरिक स्थापत्य और कला की छाप साफ दिखाई देती है, जिससे पूरा ढांचा एक ऐतिहासिक महल जैसा हेरिटेज आकर्षण प्रस्तुत करता है। परिसर में पार्सल सेवाओं के लिए नया कार्यालय, व्यवस्थित पार्किंग जोन और यात्रियों के लिए आरामदायक वेटिंग रूम बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त तेज धूप, गर्मी और मानसूनी बारिश से बचाव के उद्देश्य से प्लेटफॉर्मों पर शेड के दायरे को काफी बढ़ा दिया गया है।\n\nजनवरी तक लिफ्ट, नया फुट ओवर ब्रिज और एसी लाउंज होंगे तैयार\nपरियोजना के शेष निर्माण कार्यों को आगामी जनवरी माह तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और भारी सूटकेस लेकर चलने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए प्लेटफॉर्मों पर स्वचालित लिफ्ट लगाने का काम प्रगति पर है। एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित आवाजाही के लिए नया फुट ओवर ब्रिज और सबवे तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रीमियम दर्जे का वातानुकूलित एग्जीक्यूटिव लाउंज, बड़ा सामान्य प्रतीक्षालय और आधुनिक स्वच्छता मानकों वाले शौचालयों का निर्माण भी अंतिम चरण में है।\n\nट्रैफिक प्रबंधन और स्थानीय उत्पादों के लिए समर्पित कियोस्क\nस्टेशन के बाहर यातायात जाम की पुरानी समस्या से निपटने के लिए बाहरी सर्कुलेटिंग क्षेत्र में नया ट्रैफिक प्लान लागू किया जा रहा है, जिससे वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित रहेगी। प्लेटफॉर्म के फर्श की सतह को मजबूत और पूरी तरह समतल बनाया जा रहा है। स्थानीय अर्थव्यवस्था को संबल देने के लिए स्टेशन पर वन स्टेशन वन प्रोडक्ट योजना के अंतर्गत कियोस्क स्थापित किए जाएंगे। इन काउंटरों पर शेखावाटी के मशहूर बंधेज परिधान, परंपरागत हस्तशिल्प और क्षेत्रीय उत्पादों की बिक्री होगी, जिससे स्थानीय दस्तकारों और व्यापारियों को सीधा बाजार उपलब्ध होगा।\n\nइसका आप पर असर\nसीकर स्टेशन के इस नवीनीकरण से रोजाना सफर करने वाले विद्यार्थियों, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की रेल यात्रा अधिक सुविधाजनक और सुगम बनेगी।\n\n• सीकर और शेखावाटी में: नवलगढ़ और पिपराली रोड के कोचिंग छात्रों तथा स्थानीय निवासियों को अब सीधे प्लेटफॉर्म 4 से प्रवेश और टिकट की सुविधा मिलेगी। इससे मुख्य स्टेशन मार्ग पर वाहनों का दबाव घटेगा और लोगों को जाम से राहत मिलेगी।\n• राजस्थान और देश भर में: शेखावाटी आने वाले यात्रियों, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए जनवरी तक लिफ्ट, सबवे और नए फुट ओवर ब्रिज की सुविधा शुरू हो जाएगी। बेहतर शेड, डिजिटल डिस्प्ले और स्वच्छ प्रतीक्षालयों से लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को स्टेशन पर रुकने में सहूलियत होगी।\n• स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों के लिए: वन स्टेशन वन प्रोडक्ट योजना के कियोस्क शुरू होने से शेखावाटी के पारंपरिक हस्तशिल्प और बंधेज परिधानों को सीधा बाजार मिलेगा। इससे क्षेत्रीय कारीगर स्टेशन से गुजरने वाले हजारों मुसाफिरों तक अपने उत्पाद सीधे पहुंचा सकेंगे।\n• यात्रियों के समय और टिकट की बचत: प्लेटफॉर्म 4 पर ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन लगने से अनारक्षित टिकट के लिए लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं होगी। यात्री अपने मोबाइल या कार्ड से ऑनलाइन भुगतान कर कुछ ही सेकंड में टिकट प्राप्त कर सकेंगे।\n\nऐसा क्यों हुआ\nसीकर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत शेखावाटी के प्रमुख रेल केंद्र को आधुनिक बनाने और यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालने के लिए किया गया है।\n\n• अमृत भारत स्टेशन योजना का क्रियान्वयन: देश भर के महत्वपूर्ण स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए स्वीकृत योजना के तहत सीकर स्टेशन के विकास हेतु लगभग 18 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। इस बजट का उद्देश्य लंबे समय से उपेक्षित बुनियादी ढांचे, प्लेटफॉर्म शेड और प्रतीक्षालयों का समग्र विकास करना था।\n• मुख्य प्रवेश द्वार पर अत्यधिक ट्रैफिक का दबाव: शहर के कोचिंग संस्थानों, पिपराली रोड और राधाकिशनपुरा से आने वाले यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई थी। सभी यात्रियों के मुख्य द्वार से ही आने के कारण स्टेशन रोड पर भारी जाम लगता था, जिसके समाधान हेतु प्लेटफॉर्म 4 पर द्वितीय प्रवेश भवन बनाना जरूरी हो गया था।\n• पारंपरिक पहचान और आधुनिक तकनीक का संगम: शेखावाटी की प्रसिद्ध हवेलियों और स्थापत्य कला को वैश्विक पर्यटकों के समक्ष उभारने के साथ-साथ डिजिटल डिस्प्ले और लिफ्ट जैसी आधुनिक तकनीकों को जोड़ने के उद्देश्य से स्टेशन भवन को हेरिटेज रूप दिया गया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सीकर रेलवे स्टेशन का विकास किस योजना के तहत किया जा रहा है और इसकी कुल लागत कितनी है?\nसीकर स्टेशन का पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 18 करोड़ रुपये है।\n\n2. स्टेशन पर अब तक कितने प्रतिशत काम पूरे हो चुके हैं?\nस्टेशन पर योजना के तहत स्वीकृत विकास कार्यों में से 70 से 80 प्रतिशत काम पूरे हो चुके हैं।\n\n3. प्लेटफॉर्म संख्या 4 पर नई सैकंड एंट्री से किन क्षेत्रों के यात्रियों को फायदा होगा?\nइससे नवलगढ़ रोड, पिपराली रोड, राधाकिशनपुरा और आसपास के कोचिंग क्षेत्र से आने वाले विद्यार्थियों और यात्रियों को मुख्य गेट पर जाए बिना सीधा प्रवेश मिलेगा।\n\n4. जनवरी तक स्टेशन पर कौन सी नई सुविधाएं शुरू होने की उम्मीद है?\nजनवरी तक बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए लिफ्ट, नया फुट ओवर ब्रिज, सबवे, वातानुकूलित एग्जीक्यूटिव लाउंज और नए शौचालय शुरू होने की उम्मीद है।\n\n5. स्टेशन की नई इमारत को किस वास्तुशिल्प शैली में तैयार किया गया है?\nमुख्य प्रवेश द्वार और स्टेशन भवन को शेखावाटी की पारंपरिक कला और स्थापत्य शैली की झलक देते हुए हेरिटेज लुक दिया गया है।\n\n6. वन स्टेशन वन प्रोडक्ट के तहत स्टेशन पर किन वस्तुओं के कियोस्क लगाए जाएंगे?\nइसके तहत शेखावाटी के मशहूर बंधेज वस्त्रों, स्थानीय हस्तशिल्प और क्षेत्रीय प्रसिद्ध उत्पादों की बिक्री के लिए कियोस्क स्थापित किए जाएंगे।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-10-05",
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