# बांसवाड़ा के सूरजकुंड में 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला पर पैंथर का जानलेवा हमला, चेहरे पर आए 50 से अधिक टांके

> राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में घर के बाहर बैठी कस्तूरी बाई पर पैंथर ने अचानक हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-11-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/banswara-ke-surajkund-men-75-varshiya-bujurga-mahila-para-painthara-ka-janaleva-hamala-chehare-para-ae-50-se-adhika-tanke-54328 · **Language:** Hindi
**Tags:** बांसवाड़ा, कुशलगढ़, सूरजकुंड, पैंथर हमला, वन्यजीव, जिला अस्पताल

राजस्थान के बांसवाड़ा जिले स्थित कुशलगढ़ क्षेत्र में वन्यजीव के हमले का एक बेहद खौफनाक मामला सामने आया है। कुशलगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सूरजकुंड गांव में अपने घर के बाहर शांति से बैठी 75 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला पर अचानक एक खूंखार पैंथर ने झपट्टा मार दिया। इस अचानक हुए हिंसक हमले में पैंथर ने महिला के चेहरे को अपने नुकीले पंजों से बुरी तरह जख्मी कर दिया। इस अप्रत्याशित हमले के चलते महिला को खुद को बचाने या संभलने तक का अवसर नहीं मिल सका, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी। इस सनसनीखेज घटना के बाद से ही सूरजकुंड और आसपास के पूरे इलाके में भारी दहशत का वातावरण बन गया है।

## घर के बाहर बैठी थीं कस्तूरी, अचानक सामने आ गया हिंसक जानवर
प्राप्त विवरण के अनुसार, सूरजकुंड गांव की रहने वाली 75 वर्षीय कस्तूरी, पत्नी नाथिया डामोर, रोजमर्रा की तरह अपने घर के बाहरी हिस्से में बैठी हुई थीं। उसी दौरान बस्ती के करीब पहुंचे एक पैंथर की नजर उन पर पड़ी और वह पलक झपकते ही उन पर कूद पड़ा। पैंथर ने कस्तूरी के चेहरे को निशाना बनाते हुए अपने पंजों से ताबड़तोड़ कई प्रहार किए। इन हमलों के कारण महिला का पूरा चेहरा बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया और चारों तरफ खून फैल गया। जानलेवा हमले से घबराकर बुजुर्ग महिला जोर-जोर से चीखने-चिल्लाने लगीं।

## चीख-पुकार सुनकर दौड़े परिजन और ग्रामीण, पैंथर जंगल की ओर भागा
बुजुर्ग महिला की दर्दनाक चीखें सुनकर घर के अंदर मौजूद उनके परिवार के सदस्य और पास-पड़ोस के लोग बिना एक पल गंवाए मौके की तरफ दौड़े। भारी संख्या में लोगों को शोर मचाते हुए अपनी ओर आते देखकर पैंथर घबरा गया और महिला को छोड़कर तुरंत वहां से भाग निकला। परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए गंभीर रूप से घायल कस्तूरी को संभाला और आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए सीधे जिला अस्पताल पहुंचाया। चेहरे पर गहरे और गंभीर घाव होने की वजह से अस्पताल लाते समय महिला की शारीरिक स्थिति बेहद नाजुक और चिंताजनक बनी हुई थी।

## गंभीर घावों के चलते चिकित्सकों को लगाने पड़े 50 से ज्यादा टांके
जिला अस्पताल पहुंचते ही ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों के दल ने बिना समय गंवाए कस्तूरी का आपातकालीन उपचार शुरू किया। पैंथर के पंजों से चेहरे पर मांस फटने और अत्यंत गहरे घाव होने की वजह से चिकित्सकों को सर्जरी व मरहम-पट्टी के दौरान चेहरे पर 50 से अधिक टांके लगाने पड़े। सघन प्राथमिक उपचार और रक्तस्राव रोके जाने के बाद उन्हें अस्पताल के इनडोर वार्ड में भर्ती कर लिया गया है। वर्तमान में डॉक्टरों की विशेष निगरानी में उनका सघन उपचार जारी है और उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है।

## सूरजकुंड और आसपास के गांवों में खौफ, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस दिल दहला देने वाले हमले के बाद सूरजकुंड और पास के ग्रामीण इलाकों में पैंथर की आमद को लेकर लोगों के मन में गहरा खौफ बैठ गया है। स्थानीय ग्रामीणों में इस बात का डर सता रहा है कि पैंथर दोबारा आबादी वाले हिस्से का रुख कर सकता है। इसी डर के कारण ग्रामीणों ने अपने घरों से बाहर निकलना बेहद सीमित कर दिया है और रास्तों पर आवाजाही के दौरान लोग सहमे हुए हैं। विशेष रूप से छोटे बच्चों और बुजुर्गों की हिफाजत को लेकर परिवार अत्यधिक चिंतित दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि आवासीय क्षेत्रों के करीब जंगली जीवों की चहलकदमी पर कड़ी नजर रखी जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे जानलेवा हमलों से ग्रामीणों की जान-माल की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

## इसका आप पर असर
बांसवाड़ा के ग्रामीण अंचल में पैंथर के इस जानलेवा हमले के बाद स्थानीय निवासियों के दैनिक जीवन और सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ा है।

- **बांसवाड़ा में:** सूरजकुंड और नजदीकी इलाकों में लोगों ने डर के कारण शाम ढलते ही घरों से बाहर निकलना और अकेले रास्तों पर चलना लगभग बंद कर दिया है। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर परिवार अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं और खुले आंगनों में अकेले बैठने से परहेज कर रहे हैं।
- **आसपास के ग्रामीण इलाकों में:** ग्रामीणों में दोबारा हमले की आशंका बनी हुई है, जिससे खेतों में काम करने और मवेशियों की देखभाल करने की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो गई है। लोग अब समूह बनाकर आवाजाही कर रहे हैं और आबादी वाले क्षेत्रों में वन्यजीवों की निगरानी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
- **प्रशासनिक स्तर पर:** इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस और वन महकमे पर इलाके में गश्त तेज करने का दबाव बढ़ गया है। ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जंगली जानवरों के मूवमेंट पर नजर रखने की तैयारियां की जा रही हैं।
- **स्वास्थ्य देखभाल के स्तर पर:** जंगली जानवरों के गंभीर हमलों के शिकार मरीजों के लिए नजदीकी अस्पतालों में आपातकालीन सर्जिकल सुविधाओं और त्वरित रेफरल की आवश्यकता रेखांकित हुई है। समय पर इलाज मिलने से बुजुर्ग महिला की जान बचाई जा सकी और घावों का प्राथमिक उपचार संभव हुआ।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना वन्यजीवों के प्राकृतिक पर्यावास से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों में आ जाने और अचानक हुए सीधे टकराव के कारण घटी है।

- **सीधा कारण:** पैंथर भोजन अथवा शिकार की तलाश में भटकते हुए सूरजकुंड गांव की आवासीय सीमा में प्रवेश कर गया था। घर के बाहर अकेली बैठी बुजुर्ग महिला को देखकर उसने अचानक उन पर सीधा झपट्टा मार दिया।
- **अनुकूल परिस्थितियां:** ग्रामीण इलाकों और जंगली सीमांत क्षेत्रों के बीच सीधी दूरी कम होने के कारण वन्यजीव आसानी से बस्तियों तक पहुंच जाते हैं। महिला खुले स्थान पर अकेली बैठी थीं, जिससे उन्हें संभलने या भागने का कोई अवसर नहीं मिल सका।
- **बचाव का घटनाक्रम:** महिला की चीख सुनकर परिजनों और ग्रामीणों के तुरंत मौके पर ललकारने से पैंथर डर गया और हमला अधूरा छोड़कर भाग गया, जिससे अधिक बड़ी अनहोनी टल गई।
- **आगामी कदम:** आबादी के करीब पैंथर की सक्रियता को देखते हुए ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जंगली जानवरों की आवाजाही पर लगातार निगरानी रखना अत्यंत आवश्यक हो गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. यह पैंथर हमला कहां और किस पर हुआ?
यह घटना बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ थाना क्षेत्र स्थित सूरजकुंड गांव में घटी, जहां 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला कस्तूरी पत्नी नाथिया डामोर पर पैंथर ने हमला किया।

### 2. हमले के समय बुजुर्ग महिला क्या कर रही थीं?
घटना के वक्त 75 वर्षीय कस्तूरी अपने घर के बाहर बैठी हुई थीं, तभी पैंथर ने अचानक उन पर झपट्टा मार दिया।

### 3. महिला को हमले में कितनी और कैसी चोटें आई हैं?
पैंथर ने महिला के चेहरे को पंजों से बुरी तरह नोंच डाला, जिसके चलते उनके चेहरे पर गहरे घाव भरने के लिए 50 से अधिक टांके लगाने पड़े।

### 4. हमले के बाद पैंथर वहां से कैसे भागा?
महिला की चीख-पुकार सुनकर घर के लोग और आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंच गए, जिन्हें देखकर पैंथर वहां से भाग गया।

### 5. घायल महिला का इलाज वर्तमान में कहां चल रहा है?
महिला को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार और टांके लगाने के बाद उन्हें वार्ड में भर्ती कर डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।

### 6. इस घटना के बाद ग्रामीणों की क्या मांग और चिंता है?
ग्रामीणों में दोबारा हमले का खौफ है और उन्होंने जंगली जानवरों की आवाजाही पर नजर रखने तथा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

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