बारां में प्रशासन से सहमति के बाद नरेश मीणा का अनशन खत्म, रविंद्र सिंह भाटी और माताजी ने पिलाया जूस बारां जिला अस्पताल में 10 दिनों से आमरण अनशन कर रहे नरेश मीणा ने प्रशासन से बातचीत में सहमति बनने के बाद अपनी माताजी और विधायक रविंद्र सिंह भाटी के हाथों जूस पीकर अनशन समाप्त किया. राजस्थान के बारां जिले में पिछले 10 दिनों से विभिन्न मांगों को लेकर आमरण अनशन पर डटे किसान नेता नरेश मीणा ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। जिला प्रशासन के अधिकारियों और आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल के बीच चली लंबी बातचीत में सकारात्मक सहमति बनने के बाद यह गतिरोध दूर हुआ। अनशन खत्म होने की खबर मिलते ही उनके समर्थकों, परिजनों और आंदोलन से जुड़े लोगों ने राहत की सांस ली है। कई दिनों तक भोजन न करने की वजह से उनकी शारीरिक स्थिति काफी कमजोर हो गई थी, जिसके चलते उन्हें बारां जिला अस्पताल के कॉटेज वार्ड में भर्ती रखकर चिकित्सकों की कड़ी निगरानी में उपचार दिया जा रहा था। सेहत बिगड़ने और मेडिकल जांच के बाद बनी सहमति लगातार उपवास पर रहने के कारण नरेश मीणा के शरीर पर विपरीत असर दिखने लगा था। अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा की गई नियमित जांच के दौरान उनके यूरिन सैंपल में कीटोन का स्तर काफी बढ़ा हुआ पाया गया, जिससे स्पष्ट हो गया था कि उनका स्वास्थ्य तेजी से नाजुक स्थिति की ओर बढ़ रहा था। चिकित्सकों की विशेष टीम पल-पल उनके स्वास्थ्य मानकों पर नजर रखे हुए थी। इसी बीच जिला प्रशासन के साथ स्थानीय और राज्य स्तरीय मुद्दों पर वार्ता सफल रही और उपस्थित शुभचिंतकों व परिजनों के भावनात्मक आग्रह के बाद उन्होंने उपवास समाप्त करने का निर्णय लिया। 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच वार्ता आंदोलनकारी किसान नेता की मांगों के समाधान के लिए जिला प्रशासन और उनके मुख्य प्रतिनिधियों के मध्य एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बातचीत में तीसरा मोर्चा के जिला प्रमुख पद के दावेदार संदीप शर्मा, पूर्व सभापति कमल राठौर, रामहेत मीणा और वंदना नागर सहित 11 सदस्यों का दल शामिल रहा। प्रतिनिधिमंडल ने जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से प्रत्यक्ष मुलाकात कर सभी बिंदुओं को विस्तार से रखा। बैठक में स्थानीय प्रशासनिक मामलों के साथ-साथ जयपुर स्तर से संबंधित प्रमुख मांगों पर भी पूरी तरह से सहमति कायम हो गई। अस्पताल पहुंचे विधायक रविंद्र सिंह भाटी, माताजी के साथ खत्म कराया अनशन नरेश मीणा के गिरते स्वास्थ्य की सूचना मिलने पर शिव विधानसभा क्षेत्र के विधायक रविंद्र सिंह भाटी बारां जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के वार्ड में उन्होंने नरेश मीणा की माताजी प्रेम बाई के साथ मिलकर उनसे आंदोलन विराम देने का आग्रह किया। परिजनों के आंसुओं, विधायक के विशेष अनुरोध और प्रशासन से हुए समझौते का मान रखते हुए नरेश मीणा ने आखिरकार जूस पीकर अपना 10 दिवसीय उपवास तोड़ा। इस भावुक अवसर पर कमल राठौर और संदीप शर्मा के साथ अस्पताल परिसर में भारी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। माफी मांगकर विवादित बयानों से दूर रहने का संकल्प अनशन समाप्ति के दौरान सीजेपी प्रोटेस्ट की वायरल गर्ल के रूप में जानी जाने वाली चित्रांगदा सिंह भी अस्पताल पहुंचीं और उन्होंने नरेश मीणा को गुलाब का फूल भेंट करते हुए किसानों के हक में खड़े रहने के लिए उनका धन्यवाद किया। इसी दौरान वहां मौजूद एक छोटी बच्ची के कहने पर नरेश मीणा ने सहजता से अपने कान पकड़कर क्षमा याचना की। उन्होंने वचन दिया कि वे भविष्य में महिलाओं के संदर्भ में कभी कोई विवादित टिप्पणी नहीं करेंगे, जिससे अस्पताल परिसर का वातावरण अत्यंत सौहार्दपूर्ण बन गया। इसका आप पर असर बारां जिले में किसान नेता नरेश मीणा के अनशन समाप्ति से स्थानीय प्रशासनिक गतिरोध दूर हुआ है और जनजीवन सामान्य होने की राह खुली है। - राजस्थान में: राज्य स्तर और जयपुर स्तर के बिंदुओं पर प्रशासन की सहमति बनने से किसान हितों से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण की उम्मीद जगी है। इससे संबंधित विभागों में नीतिगत स्तर पर फैसलों के क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। - बारां में: 10 दिनों से चल रहे आंदोलन और अस्पताल परिसर में जुटी भारी भीड़ के बाद अब स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण हो गई है। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को आंदोलन के चलते उत्पन्न तनाव और संभावित अव्यवस्था से पूर्ण राहत मिली है। - समर्थकों और किसानों के लिए: 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की मध्यस्थता से स्थानीय व राज्य स्तर की मांगों पर सहमति पत्र तैयार हुआ है। इसके आधार पर अब किसान वर्ग अपनी मांगों की प्रगति पर सीधे जिला प्रशासन से संवाद बनाए रख सकेगा। - सार्वजनिक संवाद के स्तर पर: सार्वजनिक मंचों पर महिलाओं के प्रति भाषा की मर्यादा बनाए रखने का आश्वासन सामने आया है। इस घटनाक्रम से सामाजिक आंदोलनों में भाषा की शुचिता का संदेश गया है। ऐसा क्यों हुआ यह आंदोलन किसान नेता द्वारा कई मांगों को लेकर 10 दिन पूर्व शुरू किया गया था, जिसका समाधान प्रशासन के साथ विस्तृत वार्ताओं के बाद निकला। - मांगों पर गतिरोध: स्थानीय प्रशासनिक विषयों और राज्य स्तरीय प्राथमिकताओं को लेकर लंबे समय से स्पष्ट सहमति नहीं बन पाई थी। इस वजह से किसान नेता को अनशन का रास्ता चुनना पड़ा था। - स्वास्थ्य का गंभीर संकट: दस दिनों तक उपवास में रहने के कारण शरीर में कीटोन की मात्रा अत्यधिक बढ़ गई थी और डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को नाजुक बताया। इस मेडिकल स्थिति ने वार्ता को अंतिम रूप देने की गति बढ़ा दी। - सकारात्मक प्रशासनिक मध्यस्थता: जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ 11 सदस्यीय प्रमुख दल की बैठक में सभी बिंदुओं पर सहमति बनी। इस सर्वसम्मत समझौते ने अनशन समाप्त करने की राह खोली। सवाल-जवाब 1. नरेश मीणा ने कितने दिनों बाद अपना आमरण अनशन समाप्त किया? नरेश मीणा ने 10 दिनों के लंबे अंतराल के बाद अपना आमरण अनशन समाप्त किया. 2. अनशन खत्म कराने के समय अस्पताल में कौन प्रमुख लोग मौजूद थे? उनकी माताजी प्रेम बाई, शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी, कमल राठौर और संदीप शर्मा सहित अनेक समर्थक उपस्थित थे. 3. अस्पताल में नरेश मीणा की मेडिकल रिपोर्ट में क्या पाया गया था? यूरिन टेस्ट में कीटोन की मात्रा अधिक पाई गई थी, जिससे उनकी सेहत लगातार नाजुक हो रही थी. 4. प्रशासन से बातचीत के लिए कितने सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल गया था? जिला कलेक्टर और एसपी से बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रमुख प्रतिनिधिमंडल गया था जिसमें संदीप शर्मा, कमल राठौर, रामहेत मीणा और वंदना नागर शामिल थे. 5. चित्रांगदा सिंह ने अस्पताल पहुंचकर क्या किया? चित्रांगदा सिंह ने अस्पताल पहुंचकर नरेश मीणा को गुलाब का फूल भेंट किया और किसानों के हक में संघर्ष करने के लिए आभार व्यक्त किया. 6. नरेश मीणा ने अनशन समाप्ति के दौरान क्या संकल्प लिया? उन्होंने एक छोटी बच्ची के आग्रह पर कान पकड़कर माफी मांगी और भविष्य में महिलाओं पर विवादित बयान न देने का वादा किया. https://trendkia.com/rajasthan/baran-men-prashasana-se-sahamati-ke-bada-naresh-meena-ka-anashana-khatma-ravindra-singh-bhati-aura-mataji-ne-pilaya-jusa-46443 TrendKia — Har trend, sabse pehle.