# बारां में प्रेमी संग गई तीन बच्चों की मां, आक्रोशित ससुराल वालों ने जीते जी कर दिया श्राद्ध

> राजस्थान के बारां जिले में तीन बच्चों को छोड़कर प्रेमी संग जाने वाली महिला से नाराज परिवार ने जीवित अवस्था में ही उसका प्रतीकात्मक श्राद्ध कर सभी नाते तोड़ लिए।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-11 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/baran-men-premi-snga-gai-tina-bachchon-ki-man-akroshita-sasurala-valon-ne-jite-ji-kara-diya-shraddha-46236 · **Language:** Hindi
**Tags:** बारां, राजस्थान, भंवरगढ़, प्रतीकात्मक श्राद्ध, घरेलू विवाद, सामाजिक बहिष्कार

राजस्थान के बारां जिले से रिश्तों को झकझोर देने वाला एक असामान्य घटनाक्रम सामने आया है। यहां एक विवाहित महिला अपने तीन मासूम बच्चों और पति को छोड़कर कथित प्रेमी के साथ चली गई। इस फैसले से स्तब्ध और आक्रोशित ससुराल पक्ष ने उससे अपने सारे सामाजिक और पारिवारिक रिश्ते हमेशा के लिए खत्म करने का ऐलान कर दिया। परिजनों ने शनिवार को जीवित महिला का बाकायदा प्रतीकात्मक श्राद्ध आयोजित कर समाज को यह संदेश दिया कि उनके लिए वह अब जीवित नहीं रही। इस प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार के बाद पूरा गांव और आसपास का इलाका सकते में है।

## भंवरगढ़ इलाके का है पूरा मामला
यह विचित्र वाकया बारां जिले के भंवरगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाके का है। स्थानीय विवरण के अनुसार, भंवरगढ़ निवासी कमलेश चौधरी का विवाह लोकेश चौधरी से हुआ था। दांपत्य जीवन के दौरान दोनों के तीन बच्चे हुए। इसी बीच लोकेश का परिचय बकनपुरा गांव के रहने वाले राम लखन गुर्जर से हुआ। वक्त बीतने के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती चली गईं और यह संपर्क प्रेम प्रसंग में बदल गया।

## दो साल से चल रहे संबंध पर परिजनों की समझाइश रही बेअसर
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, लोकेश और राम लखन के बीच यह प्रेम संबंध पिछले करीब दो साल से चल रहा था। जब परिवार के सदस्यों को इस रिश्ते की भनक लगी, तो उन्होंने घर की मर्यादा और बच्चों के भविष्य का हवाला देकर महिला को समझाने की कई बार गंभीर कोशिशें कीं। परिजनों ने कई दौर की बातचीत में महिला से अपने रिश्ते और परिवार के बारे में दोबारा सोचने की गुहार लगाई, लेकिन वह अपने रुख पर अड़ी रही। आखिरकार उसने अपनी पुरानी गृहस्थी त्याग दी और प्रेमी के साथ चली गई।

## प्रतीकात्मक श्राद्ध कर सार्वजनिक रूप से तोड़ा नाता
महिला के इस कदम से आहत परिजनों ने सामाजिक मर्यादाओं का हवाला देते हुए उससे सभी संबंध पूरी तरह समाप्त करने का सख्त फैसला लिया। शनिवार को परिजनों ने एकत्रित होकर जीवित लोकेश का प्रतीकात्मक श्राद्ध कर्म संपन्न कराया। इस आयोजन का सीधा मकसद यह जताना था कि परिवार के लिए उस महिला का अस्तित्व अब समाप्त हो चुका है और भविष्य में उसका इस चौखट से कोई वास्ता नहीं रहेगा। इस पूरे घटनाक्रम के बीच महिला के तीनों मासूम बच्चे अपनी मां की राह देख रहे हैं और पति गहरे सदमे में है।

## थाने में अब तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं
इस पूरे मामले की चर्चा समूचे क्षेत्र में तेजी से फैल गई है और लोग इस सामाजिक कदम पर तरह-तरह की राय रख रहे हैं। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अभी तक संबंधित थाने में किसी भी पक्ष की ओर से कोई औपचारिक पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। महिला के जाने और ससुराल पक्ष द्वारा श्राद्ध अनुष्ठान किए जाने की जानकारी स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों के जरिए ही सामने आई है। इस मामले में पुलिस का पक्ष तभी सामने आ सकेगा जब कोई पक्ष लिखित रिपोर्ट दर्ज कराएगा।

## इसका आप पर असर
यह घटना भारतीय ग्रामीण समाज में वैवाहिक विवादों और सामाजिक बहिष्कार के सख्त तौर-तरीकों को उजागर करती है।

- **भारत में:** यह मामला दिखाता है कि वैवाहिक अलगाव के कानूनी रास्तों के बजाय कई ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी पारंपरिक और प्रतीकात्मक सामाजिक बहिष्कार का रास्ता चुना जाता है। ऐसे विवादों में अक्सर बच्चों के संरक्षण और भरण-पोषण से जुड़े कानूनी अधिकारों की अनदेखी हो जाती है।
- **बारां में:** भंवरगढ़ और आसपास के ग्रामीण इलाकों में इस तरह के सार्वजनिक बहिष्कारों से सामाजिक तनाव और आपसी कलह बढ़ने का जोखिम रहता है। यदि दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता है तो स्थानीय पुलिस और प्रशासन को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ सकता है।
- **बच्चों की स्थिति:** घर में रह गए तीनों मासूम बच्चों की मानसिक और शारीरिक देखरेख की जिम्मेदारी अब अकेले पिता और बुजुर्ग परिजनों पर आ गई है। मां के अचानक चले जाने से बच्चों के दैनिक जीवन और स्कूली पढ़ाई पर सीधा असर पड़ना तय है।
- **कानूनी पहलू:** किसी जीवित व्यक्ति का प्रतीकात्मक श्राद्ध करना कानूनी तौर पर विवाह समाप्त नहीं करता है। भविष्य में संपत्ति बंटवारे, भरण-पोषण या बच्चों की कस्टडी को लेकर दोनों पक्षों के बीच कानूनी जटिलताएं पैदा हो सकती हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
यह असामान्य कदम वैवाहिक रिश्ते में लंबे समय से चल रहे तनाव और महिला के अपनी मर्जी से प्रेमी के साथ चले जाने के बाद परिवार के गुस्से की वजह से उठाया गया।

- **लंबे समय से चला आ रहा संबंध:** महिला और बकनपुरा निवासी युवक के बीच पिछले करीब दो वर्षों से संपर्क बना हुआ था। इस दौरान घर-परिवार में लगातार तनाव की स्थिति बन रही थी।
- **समझाइश की विफलता:** परिवार के सदस्यों ने महिला को तीन बच्चों की खातिर अपने संबंध समाप्त करने के लिए बार-बार मनाने की कोशिश की थी। महिला द्वारा अपनी बात पर अड़े रहने और अंततः घर छोड़ देने से परिजनों का सब्र टूट गया।
- **सामाजिक संदेश देने की मंशा:** परिवार ने समाज के सामने यह स्पष्ट करने के लिए श्राद्ध का रास्ता चुना कि उनका अब उस महिला से कोई नाता नहीं है। इसके जरिए उन्होंने महिला को औपचारिक रूप से कुल और परिवार से हमेशा के लिए बेदखल मान लिया।

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना राजस्थान के किस जिले की है?
यह मामला राजस्थान के बारां जिले के भंवरगढ़ थाना क्षेत्र से सामने आया है।

### 2. परिजनों ने जीवित महिला का श्राद्ध क्यों किया?
महिला तीन बच्चों और पति को छोड़कर अपने प्रेमी संग चली गई थी, जिससे नाराज होकर परिजनों ने उससे सारे नाते तोड़ने के लिए यह प्रतीकात्मक आयोजन किया।

### 3. महिला और उसके प्रेमी का नाम क्या बताया गया है?
महिला का नाम लोकेश चौधरी है और उसके प्रेमी का नाम राम लखन गुर्जर बताया गया है।

### 4. क्या इस मामले में पुलिस में कोई शिकायत दर्ज हुई है?
फिलहाल इस घटना को लेकर संबंधित थाने में किसी भी पक्ष द्वारा कोई औपचारिक पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

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