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  "type": "article",
  "title": "बारां में रेलवे ट्रैक के पास झाड़ियों में मिली लावारिस नवजात बच्ची, दो माह में तीसरा मामला सामने आने पर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज",
  "summary": "राजस्थान के बारां में कोटा रोड ओवरब्रिज के पास झाड़ियों में एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में रोती हुई पाई गई, जिसे अस्पताल में भर्ती कराने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।",
  "content": "राजस्थान के बारां शहर में कोटा रोड ओवरब्रिज के निकट रेलवे ट्रैक के पास झाड़ियों में एक लावारिस नवजात बालिका रोती हुई हालत में मिली। बच्ची के जन्म के फौरन बाद उसे चिकित्सालयों में इस्तेमाल की जाने वाली लाल रंग की पॉलीथिन पर लिटाकर झाड़ियों से छिपा दिया गया था। गनीमत यह रही कि वक्त रहते वहां से गुजर रहे राहगीरों के कानों में उसके रोने की आवाज पड़ गई, जिससे मासूम की जान बच सकी। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तत्परता दिखाते हुए बच्ची को संभाला और फौरन जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे जरूरी प्राथमिक उपचार दिया गया।\n\nस्वास्थ्य जांच में बच्ची पूरी तरह स्वस्थ, विशेष निगरानी में रखी गई\nजिला अस्पताल में डॉक्टरों की एक टीम ने नवजात बच्ची का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया। गहन चिकित्सीय परीक्षण के उपरांत चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि बालिका पूरी तरह से स्वस्थ है। वर्तमान में बच्ची को अस्पताल के एसएनसीयू (SNCU) वार्ड में डॉक्टरों की कड़ी और विशेष निगरानी में रखा गया है ताकि किसी भी तरह के संक्रमण या परेशानी से बचाव किया जा सके। इस अमानवीय घटना की जानकारी मिलते ही बाल कल्याण समिति ने भी पूरे मामले का संज्ञान लिया और नवजात बालिका को अपने आधिकारिक संरक्षण में ले लिया। समिति अब बच्ची के उचित भरण-पोषण, देखरेख और सभी जरूरी विधिक प्रक्रियाओं की निगरानी कर रही है।\n\nकोतवाली थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज\nइस निंदनीय घटना के सामने आने के बाद इलाके के सामाजिक संगठनों में गहरा रोष फैल गया है। शिवाय वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष प्रशांत विजयवर्गीय ने इस मामले में सक्रियता दिखाते हुए कोतवाली थाने में अज्ञात दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि नवजात को लावारिस छोड़ने वाले संवेदनहीन लोगों की शीघ्र पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनका कहना था कि जब चारों ओर नवरात्र के अवसर पर कन्या पूजन की तैयारियां की जा रही हैं, उस दौरान सामने आने वाली ऐसी हृदयविहीन घटनाएं समाज को झकझोर कर रख देती हैं।\n\nदो महीनों में तीसरी बार नवजात को लावारिस छोड़ने की घटना\nप्रशांत विजयवर्गीय ने चिंता जाहिर करते हुए बताया कि जिले में नवजात शिशुओं को इस प्रकार बेसहारा छोड़ देने की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बारां शहर में बीते सिर्फ दो महीनों के अंतराल में यह इस तरह की तीसरी घटना सामने आ चुकी है। इससे पूर्व भी कोटा रोड पर एसकेजी (SKG) के पास एक नवजात को कार से सड़क किनारे छोड़कर चले जाने का मामला प्रकाश में आया था। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुलिस विभाग से आग्रह किया है कि इन घटनाओं को पूरी गंभीरता से लेते हुए गहन तफ्तीश की जाए और ऐसे लापरवाह और अमानवीय कृत्य करने वालों को बेनकाब किया जाए ताकि आगे इस तरह की घटनाओं पर पूर्ण विराम लग सके।\n\nइसका आप पर असर\nयह घटना नवजात बच्चों के परित्याग से जुड़े कानूनों और बाल संरक्षण तंत्र के प्रति नागरिकों की जागरूकता को रेखांकित करती है।\n\n• बारां में: लावारिस नवजात मिलने के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्थानीय पुलिस और बाल संरक्षण एजेंसियां ऐसे संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा सकती हैं। नागरिकों को आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि या लावारिस स्थिति दिखने पर तुरंत आपातकालीन सहायता नंबरों पर संपर्क करना चाहिए।\n• राजस्थान में: राज्य में शिशु संरक्षण और पालन-पोषण के लिए सरकारी पालना गृह योजनाएं संचालित हैं जहां संकट की स्थिति में बच्चों को सुरक्षित सौंपा जा सकता है। कानूनी प्रक्रियाओं का पालन न कर बच्चों को असुरक्षित छोड़ना गैरकानूनी है और इसके खिलाफ कठोर दंडात्मक प्रावधान लागू होते हैं।\n• सामान्य पाठकों के लिए: किसी भी सार्वजनिक स्थल पर बेसहारा शिशु पाए जाने पर स्वयं हस्तक्षेप करने के साथ-साथ तुरंत बाल कल्याण समिति और पुलिस को सूचित करना वैधानिक जिम्मेदारी है। समय पर सूचना देने से न केवल मासूम की जान बचाई जा सकती है, बल्कि उसे कानूनी संरक्षण भी दिलाया जा सकता है।\n• सुरक्षा और चिकित्सा के संदर्भ में: नवजात शिशुओं को लावारिस छोड़ना उनके स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक घातक साबित हो सकता है, इसलिए तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र ले जाना अनिवार्य है। अस्पतालों के विशेष नवजात शिशु देखभाल वार्ड (SNCU) ऐसे मामलों में त्वरित प्राथमिक और गहन उपचार सुनिश्चित करते हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nबारां में नवजात बालिका को रेलवे ट्रैक के पास झाड़ियों में असुरक्षित छोड़ दिया गया, जिसके पीछे सामाजिक तिरस्कार और कानूनी प्रावधानों की अवहेलना मानी जा रही है।\n\n• प्रत्यक्ष कारण: अज्ञात व्यक्तियों द्वारा नवजात बच्ची को जन्म के तुरंत बाद अस्पताल की लाल पॉलीथिन पर रखकर झाड़ियों में छिपा दिया गया ताकि वह किसी की नजर में न आए। बच्ची के रोने की आवाज राहगीरों तक पहुंच जाने के कारण उसे सही समय पर सुरक्षित बचा लिया गया।\n• पृष्ठभूमि व पुनरावृत्ति: बारां शहर में बीते दो महीनों के भीतर नवजात को लावारिस छोड़ने का यह तीसरा मामला सामने आया है। इससे पहले भी कोटा रोड पर एसकेजी के समीप एक कार से नवजात को फेंक कर चले जाने की घटना दर्ज हो चुकी थी।\n• जांच और आगामी कदम: शिवाय वेलफेयर सोसायटी की शिकायत पर कोतवाली थाने में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस प्रशासन अब मामले की गहन छानबीन कर संवेदनहीन आरोपियों की पहचान करने के प्रयास में जुटा है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. नवजात बच्ची बारां में किस स्थान पर लावारिस हालत में मिली?\nबच्ची बारां शहर में कोटा रोड ओवरब्रिज के पास रेलवे ट्रैक के समीप झाड़ियों में पाई गई थी।\n\n2. बच्ची को झाड़ियों में किस स्थिति में रखा गया था?\nनवजात को जन्म के तुरंत बाद अस्पताल में इस्तेमाल की जाने वाली लाल पॉलीथिन पर रखकर झाड़ियों से छिपाया गया था।\n\n3. स्वास्थ्य परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने बच्ची की स्थिति के बारे में क्या बताया?\nजिला अस्पताल के चिकित्सकों ने गहन जांच के बाद नवजात बालिका को पूरी तरह से स्वस्थ घोषित किया है।\n\n4. वर्तमान में बच्ची को अस्पताल के किस वार्ड में रखा गया है?\nबच्ची को जिला अस्पताल के एसएनसीयू (SNCU) वार्ड में डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया है।\n\n5. बच्ची की देखरेख और संरक्षण की जिम्मेदारी किसने ली है?\nमामले की सूचना मिलते ही बाल कल्याण समिति ने संज्ञान लेकर बच्ची को अपने आधिकारिक संरक्षण में ले लिया है।\n\n6. कोतवाली थाने में किसके द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई है?\nशिवाय वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष प्रशांत विजयवर्गीय ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई है।\n\n7. बारां शहर में पिछले दो महीनों में इस तरह की कितनी घटनाएं सामने आई हैं?\nबारां शहर में पिछले दो महीनों के भीतर नवजात को बेसहारा छोड़ने की यह तीसरी घटना सामने आई है।\n\n8. इससे पहले कोटा रोड पर नवजात छोड़ने की कौन सी घटना घटी थी?\nइससे पहले भी कोटा रोड पर एसकेजी (SKG) के निकट एक नवजात को कार से छोड़कर चले जाने का मामला सामने आया था।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-10-11",
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    "राजस्थान अपराध",
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