# बाड़मेर दौरे पर सचिन पायलट को अगला मुख्यमंत्री बनाने के लगे नारे, मंच से कार्यकर्ताओं को तुरंत टोका

> राजस्थान के बाड़मेर दौरे पर पहुंचे कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट के सामने कार्यकर्ताओं ने उन्हें अगला मुख्यमंत्री बनाने की नारेबाजी की, जिस पर पायलट ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए समर्थकों को रोक दिया।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/barmer-daure-para-sachin-pilot-ko-agala-mukhyamntri-banane-ke-lage-nare-mncha-se-karyakartaon-ko-turnta-toka-26229 · **Language:** Hindi
**Tags:** सचिन पायलट, बाड़मेर, राजस्थान राजनीति, कांग्रेस, नगर निकाय चुनाव, हेमाराम चौधरी

राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर में मंगलवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट के दौरे के दौरान राजनीतिक माहौल उस समय अचानक गरमा गया, जब पार्टी कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक मंच से उन्हें अगला मुख्यमंत्री बनाने के नारे लगाने शुरू कर दिए। पश्चिमी राजस्थान के इस रणनीतिक दौरे के दौरान पायलट पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष गफूर अहमद के गुढ़ामालानी क्षेत्र में रामजी की गोल स्थित पेट्रोल पंप परिसर में आयोजित एक भव्य स्वागत कार्यक्रम में भाग ले रहे थे। मंच पर वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के बीच अचानक युवा समर्थकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया और वे तेजी से नारेबाजी करने लगे।

## रामजी की गोल में नारेबाजी पर असहज हुए सचिन पायलट
आयोजन स्थल पर जब सचिन पायलट मंच पर आसीन हुए, तो वहां मौजूद पार्टी के युवाओं और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ ने एक स्वर में 'अगला सीएम कौन होगा, सचिन पायलट होगा' के नारे लगाने प्रारंभ कर दिए। कार्यकर्ताओं के इस अप्रत्याशित और मुखर उत्साह को देखकर पायलट काफी असहज नजर आए। स्थिति की गंभीरता को समझते ही उन्होंने बिना कोई समय गंवाए तत्काल कार्यकर्ताओं को इस प्रकार की नारेबाजी बंद करने की सख्त हिदायत दी और उन्हें बीच में ही टोक दिया। पायलट के निर्देश देते ही मंच के सामने खड़े कार्यकर्ता पूरी तरह शांत हो गए। हालांकि, इस पूरी घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों के कैमरों में कैद हो गया और बाद में यह सोशल मीडिया मंचों पर तेजी से प्रसारित भी हो गया। इस कार्यक्रम के दौरान मंच पर राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी तथा पार्टी के वरिष्ठ नेता हरीश चौधरी सहित कई प्रमुख पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

> 

## वीरेंद्र धाम छात्रावास में प्रतियोगी छात्रों से किया संवाद
बाड़मेर आगमन पर सचिन पायलट का कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य एवं औपचारिक स्वागत किया गया था। इसके पश्चात पायलट पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी के दिवंगत पुत्र की पावन स्मृति में स्थापित वीरेंद्र धाम छात्रावास परिसर पहुंचे। वहां उन्होंने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे अभ्यर्थियों एवं युवाओं के साथ सुबह के नाश्ते पर अनौपचारिक एवं आत्मीय संवाद किया। पायलट ने छात्रों की नियमित अध्ययन दिनचर्या, आगामी परीक्षाओं की तैयारियों तथा छात्रावास में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं के विषय में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक माहौल और संबल प्रदान करने वाले इस संस्थान के निर्माण के लिए पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी और उनकी सुपुत्री सुनीता चौधरी का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया तथा इस पहल को सराहनीय कदम बताया।

## नगर निकाय चुनाव और सरकारी तंत्र के दुरुपयोग पर बोला हमला
छात्रावास में छात्रों से संवाद के उपरांत सचिन पायलट स्थानीय कांग्रेस कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने आगामी नगर निकाय चुनावों में उम्मीदवार के रूप में उतर रहे पार्टी प्रत्याशियों के साथ विस्तृत चर्चा की और उन्हें चुनाव में सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए पायलट ने राज्य की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निकाय चुनावों के संचालन में सरकारी मशीनरी का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया जा रहा है। पायलट ने दावा किया कि आधिकारिक रूप से नामांकन दाखिल करने की समय-सीमा समाप्त हो जाने के बाद भी भाजपा उम्मीदवारों के सिंबल और आवेदन पत्र जमा करवाए जा रहे हैं, जबकि राज्य का निर्वाचन विभाग इस गैर-कानूनी गतिविधि पर पूरी तरह मौन साधे हुए है। उन्होंने इस संदर्भ में मथानिया का विशेष रूप से उल्लेख किया, जहां पार्टी की वरिष्ठ नेता दिव्या मदेरणा इसी प्रशासनिक अनियमितता के खिलाफ धरने पर बैठी थीं।

## प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल
राज्य सरकार की प्रशासनिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए सचिन पायलट ने कहा कि भाजपा शासन के ढाई साल के कार्यकाल से प्रदेश की आम जनता पूरी तरह त्रस्त और निराश हो चुकी है। उन्होंने सत्तारूढ़ दल के भीतर मचे आंतरिक घमासान और गुटबाजी पर चुटकी लेते हुए कहा कि स्थिति इतनी हास्यास्पद हो चुकी है कि एक-एक वार्ड से भाजपा का अधिकृत सिंबल लेकर दो-दो प्रत्याशी चुनाव मैदान में आमने-सामने खड़े हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राज्य में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगी भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर गहरी चिंता व्यक्त की। पायलट ने स्पष्ट कहा कि वर्तमान समय में कोई भी भर्ती परीक्षा पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित नहीं हो पा रही है तथा परीक्षाओं का संचालन करने वाले पूरे प्रशासनिक ढांचे को ध्वस्त कर दिया गया है। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में वीरेंद्र धाम जैसे सेवाभावी संस्थानों का खड़ा होना अत्यंत आवश्यक हो जाता है, जो प्रतियोगी छात्रों को निष्पक्ष और सकारात्मक माहौल प्रदान करने का कार्य करते हैं।

## इसका आप पर असर
बाड़मेर में घटित इस राजनीतिक घटनाक्रम और सचिन पायलट द्वारा उठाए गए प्रशासनिक मुद्दों का राज्य की राजनीति एवं आम नागरिकों पर सीधा प्रभाव पड़ता है:

- **राजस्थान में:** स्थानीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया और नामांकनों पर लग रहे आरोपों से राज्य के मतदाताओं के बीच चुनावी निष्पक्षता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
- **बाड़मेर में:** स्थानीय प्रतिनिधिमंडल और छात्रों के साथ हुए संवाद से क्षेत्रीय मुद्दों और शैक्षणिक सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित हुआ है।
- **प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के लिए:** सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग और छात्रावास जैसी सुविधाओं का समर्थन अभ्यर्थियों के अध्ययन एवं भविष्य की तैयारियों से सीधे जुड़ा है।
- **कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर:** शीर्ष नेतृत्व द्वारा नारेबाजी रोकने का स्पष्ट संदेश संगठन में अनुशासन और गुटबाजी पर रोक लगाने की कोशिश को दर्शाता है।
- **प्रशासनिक तंत्र पर:** निकाय चुनावों में नियमों के कथित उल्लंघन की शिकायतों से स्थानीय चुनाव प्रबंधन एवं निर्वाचन विभाग की भूमिका पर जनता का ध्यान आकर्षित हुआ है।

## ऐसा क्यों हुआ
पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती बाड़मेर जिले में सचिन पायलट के दौरे के दौरान नारेबाजी और राजनीतिक बयानबाजी के पीछे कई प्रमुख कारण और पृष्ठभूमि शामिल हैं:

- **दौरे के दौरान समर्थकों का उत्साह:** पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष गफूर अहमद के व्यावसायिक परिसर पर आयोजित स्वागत समारोह में बड़ी संख्या में पहुंचे युवा कार्यकर्ताओं ने उत्साह में आकर नारेबाजी शुरू कर दी।
- **स्थानीय निकाय चुनावों की सुगबुगाहट:** राज्य में जारी नगर निकाय चुनावों के चलते पार्टी कार्यकर्ताओं और दावेदारों के बीच राजनीतिक माहौल काफी गर्म है।
- **अभ्यर्थियों की समस्याएं:** प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी और परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों एवं युवाओं में बनी नाराजगी को पायलट ने अपने संवाद में प्रमुखता से उभारा।
- **मथानिया धरना प्रदर्शन का संदर्भ:** निकाय चुनाव नामांकन में धांधली के आरोपों को लेकर मथानिया में दिव्या मदेरणा द्वारा दिए गए धरने ने इस मुद्दे को राज्य स्तर पर गरमा दिया।

## सवाल-जवाब

### 1. सचिन पायलट का बाड़मेर दौरा किस स्थान पर आयोजित किया गया था?
सचिन पायलट पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले में गुढ़ामालानी इलाके के रामजी की गोल पहुंचे थे, जहां पूर्व जिलाध्यक्ष गफूर अहमद के पेट्रोल पंप पर उनका स्वागत किया गया।

### 2. कार्यकर्ताओं द्वारा नारेबाजी किए जाने पर सचिन पायलट ने क्या प्रतिक्रिया दी?
कार्यकर्ताओं द्वारा 'अगला सीएम कौन होगा, सचिन पायलट होगा' के नारे लगाने पर पायलट असहज नजर आए और उन्होंने कार्यकर्ताओं को तत्काल ऐसे नारे लगाने से टोक दिया।

### 3. वीरेंद्र धाम छात्रावास में सचिन पायलट ने किन लोगों से मुलाकात की?
वीरेंद्र धाम छात्रावास में सचिन पायलट ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के साथ नाश्ते पर संवाद किया और उनकी पढ़ाई के संबंध में जानकारी ली।

### 4. सचिन पायलट ने नगर निकाय चुनाव को लेकर क्या आरोप लगाए?
पायलट ने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग हो रहा है और नामांकन का समय समाप्त होने के बाद भी भाजपा के सिंबल जमा करवाए जा रहे हैं।

### 5. मंच पर सचिन पायलट के साथ कांग्रेस के कौन-कौन से वरिष्ठ नेता मौजूद थे?
मंच पर पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी और वरिष्ठ नेता हरीश चौधरी सहित कई प्रमुख कांग्रेसी नेता मौजूद थे।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._