# करौली में विकास दावों की पोल खुली; शहर के वार्ड 17 की कोली बस्ती में कीचड़ और अंधेरे में रहने को मजबूर लोग

> करौली जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर 17 स्थित कोली बस्ती के लोग आज भी सड़क, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-08-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/basic-amenities-missing-in-karauli-koli-basti-residents-forced-to-live-amid-mud-and-darkness-21958 · **Language:** Hindi
**Tags:** करौली समाचार, कोली बस्ती, बुनियादी सुविधाएं, सड़क समस्या, नगर परिषद करौली

करौली जिला मुख्यालय के शहरी क्षेत्र का हिस्सा होने के बावजूद वार्ड नंबर 17 की कोली बस्ती के बाशिंदे बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीवन गुजार रहे हैं। शहर के इतने करीब होने के बाद भी इस इलाके में आज तक पक्की सड़क नहीं बन पाई है। निवासियों को रोजाना ऊबड़-खाबड़, कच्चे और कीचड़ से सने रास्तों से होकर निकलना पड़ता है। स्थिति तब और बदतर हो जाती है जब बारिश के मौसम में यह पूरा रास्ता कीचड़ का एक बड़ा तालाब बन जाता है।

## सड़कों पर गड्ढे और आवाजाही की गंभीर समस्या
बस्ती के मुख्य मार्ग पर कई जगहों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इन रास्तों की हालत लंबे समय से ऐसी ही बनी हुई है। सड़क के अभाव में छोटे बच्चों को स्कूल पहुंचने में भारी कठिनाई होती है। इसके अलावा बुजुर्गों और महिलाओं के लिए भी इस रास्ते से पैदल निकलना किसी चुनौती से कम नहीं है। कई बार लोग इन गड्ढों और फिसलने वाले कीचड़ में गिरकर गंभीर रूप से चोटिल भी हो जाते हैं।

## गंदगी के ढेर और मच्छरों का बढ़ता प्रकोप
सड़क के अलावा इलाके में साफ-सफाई की व्यवस्था भी पूरी तरह चरमराई हुई है। बस्ती के आसपास कचरे के बड़े-बड़े ढेर जमा रहते हैं, और स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां नियमित सफाई कभी नहीं होती। जगह-जगह कचरा और गंदा पानी इकट्ठा होने की वजह से मच्छरों का आतंक काफी बढ़ गया है, जिससे रहवासियों में हमेशा मौसमी बीमारियों फैलने का डर बना रहता है। इस गंदगी और कचरे के कारण आवारा जानवर भी बड़ी संख्या में बस्ती में घूमते रहते हैं।

स्थानीय निवासी तारा देवी ने अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि पूरा इलाका किसी नाले की तरह नजर आने लगा है। हर तरफ कीचड़ और गंदगी का साम्राज्य है और बच्चों को इसी बदतर रास्ते से होकर स्कूल जाना पड़ता है। उनका यह भी कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन इस समस्या का कोई स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है।

## बिजली के पोल हैं लेकिन स्ट्रीट लाइट गायब
बस्ती की दुर्दशा यहीं खत्म नहीं होती है। इलाके में बिजली के पोल तो खड़े कर दिए गए हैं, लेकिन किसी भी पोल पर स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई गई है। नतीजा यह होता है कि जैसे ही शाम ढलती है, पूरी बस्ती गहरे अंधेरे की आगोश में समा जाती है। अंधेरा होने की वजह से लोगों का आना-जाना मुश्किल हो जाता है और सुरक्षा को लेकर भी लगातार चिंता बनी रहती है।

एक अन्य स्थानीय निवासी राहुल महावर का कहना है कि पिछले करीब 10 से 15 साल से बस्ती के हालात जस के तस बने हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कागजों में तो सफाई कर्मचारियों की तैनाती दिखती है, मगर धरातल पर कोई सफाई कर्मचारी नियमित रूप से काम करने नहीं आता। उनका यह भी आरोप है कि चुनाव के दौरान वार्ड पार्षद वोट मांगने के लिए बस्ती में आते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई सुधि नहीं लेता।

परेशान ग्रामीणों ने अपनी इन समस्याओं को लेकर वार्ड पार्षद से लेकर नगर परिषद के बड़े अधिकारियों और स्थानीय विधायक तक गुहार लगाई है। इसके बावजूद सड़क निर्माण, नियमित सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी बेहद बुनियादी सुविधाओं के लिए स्थानीय लोगों का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है।

## इसका आप पर असर
**करौली में:** वार्ड नंबर 17 के निवासियों को जलभराव, खराब सड़कों, मच्छरों और अंधेरे के कारण गंभीर स्वास्थ्य और सुरक्षा जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. करौली की कोली बस्ती किस वार्ड में आती है?
कोौली बस्ती करौली जिला मुख्यालय के शहरी क्षेत्र में शामिल वार्ड नंबर 17 में स्थित है।

### 2. कोली बस्ती के मुख्य रास्ते की क्या स्थिति है?
बस्ती के मुख्य रास्तों पर पक्की सड़क नहीं है और जगह-जगह गहरे गड्ढे तथा कीचड़ भरा रहता है, जो बारिश में और गंभीर हो जाता है।

### 3. बस्ती में प्रकाश व्यवस्था को लेकर क्या समस्या है?
बस्ती में बिजली के पोल तो लगे हैं लेकिन किसी भी पोल पर स्ट्रीट लाइट नहीं है, जिससे शाम होते ही अंधेरा छा जाता है।

### 4. स्थानीय लोगों ने अपनी समस्याओं को लेकर किससे शिकायत की है?
निवासियों ने वार्ड पार्षद, नगर परिषद अधिकारियों और विधायक तक अपनी समस्याएं पहुंचाई हैं।

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