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  "type": "article",
  "title": "बेगूं में रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदलीं, नदी में डूबने से दो मौसेरी बहनों की जान गई",
  "summary": "चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं क्षेत्र में रक्षाबंधन मनाने आई दो मौसेरी बहनों की नदी में डूबने से मौत हो गई। एक बहन को बचाने के प्रयास में दूसरी भी गहरे पानी में समा गई।",
  "content": "चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं इलाके से एक दिल दहला देने वाली त्रासदी सामने आई है, जहां रक्षाबंधन का पावन पर्व मनाने के लिए अपने ननिहाल पहुंची दो मौसेरी बहनों की पानी में डूबने से जान चली गई। इस अप्रत्याशित और भीषण दुर्घटना के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है, और त्योहार के दिन घर की खुशियां पूरी तरह मातम में बदल चुकी हैं। पूरे इलाके में इस दुखद घटना के बाद से शोक की लहर दौड़ गई है।\n\nननिहाल आई थीं दोनों बहनें\nप्राप्त विवरण के अनुसार, दोनों बहनें रक्षा बंधन का त्यौहार मनाने के उद्देश्य से अपने ननिहाल आई हुई थीं। उस समय घर के भीतर उत्सव का माहौल था और सभी पारिवारिक सदस्यों में काफी उत्साह देखा जा रहा था। पर्व के इस विशेष अवसर पर और छुट्टी का दिन होने की वजह से दोनों बालिकाएं घर के नजदीक ही बहने वाली नदी की तरफ खेलने के लिए चली गईं। मासूम बच्चे अपनी मस्ती में खेलकूद में व्यस्त थे और उन्हें बिल्कुल भी आभास नहीं था कि यह उनकी जिंदगी का अंतिम क्षण साबित होने वाला है। कुछ ही पलों में यह हंसी-खुशी का माहौल भयानक त्रासदी में बदल गया।\n\nबचाने की कोशिश में गई दोनों की जान\nनदी के तट पर खेलते वक्त अचानक एक बहन का संतुलन बिगड़ गया और उसका पैर फिसल गया, जिसके बाद वह गहरे पानी के कुंड में जा गिरी। वहां जल प्रवाह अधिक तेज होने के कारण वह खुद को बचाने में असमर्थ रही और डूबने लगी। अपनी मौसेरी बहन को डूबता देख दूसरी बालिका घबरा गई और उसे बचाने के मकसद से तुरंत नदी के तेज पानी में कूद पड़ी। लेकिन वह भी पानी की गहराई और तेज बहाव का सही आकलन नहीं कर पाई। अपनी बहन की जान बचाने की इस कोशिश में वह खुद भी गहरे पानी के भंवर में फंस गई और अंततः दोनों की डूबने से मृत्यु हो गई।\n\nपुलिस और गोताखोरों की कार्रवाई\nइस हृदयविदारक हादसे की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए और उन्होंने बिना देर किए बेगूं थाना पुलिस को इस बारे में सूचित किया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गया। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों के सहयोग से काफी प्रयासों के बाद दोनों मौसेरी बहनों के शवों को पानी से बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस ने सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए शवों को नजदीकी अस्पताल के शवगृह में रखवाया, जहां उनके पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी है। एक ही घर की दो मासूम बेटियों की इस तरह अचानक हुई मौत से हर कोई गहरे सदमे में है।\n\nइसका आप पर असर\nइस हृदयविदारक घटना से पर्व के दौरान बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।\n\n• भारत में: त्योहारी सीजन या छुट्टियों के दौरान जल स्रोतों के पास बच्चों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखना अनिवार्य है ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।\n• बेगूं में: स्थानीय प्रशासन और अभिभावकों को ग्रामीण इलाकों में नदियों और तालाबों के पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की आवश्यकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यह घटना कहाँ हुई?\nयह दुर्घटना चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं क्षेत्र में हुई।\n\n2. दोनों बहनें वहाँ क्यों गई थीं?\nवे रक्षाबंधन का त्योहार मनाने अपने ननिहाल आई हुई थीं।\n\n3. हादसे की शुरुआत कैसे हुई?\nनदी के किनारे खेलते समय एक बहन का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में गिर गई।\n\n4. दूसरी बहन की मौत कैसे हुई?\nवह अपनी मौसेरी बहन को बचाने के लिए नदी में उतरी थी लेकिन खुद भी गहरे पानी में फंस गई।\n\n5. शवों को बाहर किसने निकाला?\nस्थानीय पुलिस ने गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से शवों को बाहर निकाला।",
  "url": "https://trendkia.com/rajasthan/begun-men-rakshabndhana-ki-khushiyan-matama-men-badalin-nadi-men-dubane-se-do-mauseri-bahanon-ki-jana-gai-24684",
  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-08-30",
  "tags": [
    "चित्तौड़गढ़",
    "बेगूं",
    "रक्षाबंधन",
    "हादसा",
    "डूबी बहनें"
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  "site": "TrendKia"
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