# बहरोड़ तहसील परिसर में पार्षदों के शपथ ग्रहण पर भारी हंगामा, विधायक ललित यादव ने पुलिस पर लगाया धक्का-मुक्की का आरोप

> बहरोड़ की नगर पालिका बर्डोद के दो कांग्रेस पार्षदों को पद की शपथ लेने से रोके जाने के आरोप के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखा टकराव हुआ.

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/behror-tahasila-parisara-men-parshadon-ke-shapatha-grahana-para-bhari-hngama-vidhayaka-lalit-yadav-ne-pulisa-para-lagaya-dhakka-mu-33521 · **Language:** Hindi
**Tags:** बहरोड़, ललित यादव, गोविंद सिंह डोटासरा, भजनलाल शर्मा, राजस्थान राजनीति, नगर पालिका बर्डोद

राजस्थान के बहरोड़ स्थित तहसील कार्यालय में आयोजित शपथ ग्रहण कार्यक्रम के दौरान अचानक भारी राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया. नगर पालिका बर्डोद के नवनिर्वाचित दो कांग्रेस पार्षदों को पद की शपथ दिलाने की प्रक्रिया चल रही थी, तभी प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस कर्मियों पर उन्हें रोकने के आरोप लगे. इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस विधायक ललित यादव, विधानसभा प्रभारी संजय यादव और पार्टी के अनेक कार्यकर्ता आक्रोशित होकर मौके पर पहुंच गए, जिससे पूरे प्रशासनिक परिसर में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई.

## शपथ कक्ष में रोके जाने का दावा और तीखी बहस
प्राप्त विवरण के अनुसार, दोनों निर्वाचित पार्षद औपचारिक प्रक्रिया के तहत सहायक रिटर्निंग अधिकारी (एआरओ) नेहा राठी के समक्ष शपथ ग्रहण करने के लिए पहुंचे थे. कांग्रेस पक्ष का कहना है कि कक्ष में पहले से मौजूद प्रशासनिक तंत्र और पुलिस दल ने पार्षदों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया. आरोप है कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को वहां से जबरन हटाने और निर्धारित शपथ प्रक्रिया में सीधा व्यवधान डालने की कोशिश की गई. जनप्रतिनिधियों को उनके वैधानिक अधिकार से वंचित करने की सूचना मिलते ही कांग्रेस विधायक ललित यादव ने तहसील कार्यालय पहुंचकर प्रशासनिक कार्यशैली की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए.

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## पुलिस अधिकारी पर धक्का-मुक्की का आरोप
विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब और अधिक गरमा गई जब कांग्रेस विधायक ललित यादव और विधानसभा प्रभारी संजय यादव ने पुलिस अधिकारियों पर बदसलूकी का आरोप जड़ा. दोनों नेताओं ने कहा कि जब वे प्रशासनिक मनमानी के खिलाफ अपना शांतिपूर्ण विरोध दर्ज करा रहे थे, तब अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सुरेश खींची ने उनके साथ धक्का-मुक्की की. नेताओं का कहना था कि चुनी हुई सरकार के दबाव में पुलिस बल गैरकानूनी तरीके से काम कर रहा है. इस पूरे विवाद और लगाए गए आरोपों के संबंध में स्थानीय पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों का आधिकारिक बयान आना अभी शेष है.

## परिसर में सुरक्षा बढ़ाई गई, प्रदेश स्तर पर राजनीतिक तकरार
घटना के तुरंत बाद बड़ी संख्या में कांग्रेस समर्थकों ने तहसील परिसर में जोरदार नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस जाब्ता बुलाकर पूरे इलाके में सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया गया. इस पूरे विवाद पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि पूरे राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की उपेक्षा की जा रही है और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में विपक्षी पार्षदों को उनके दायित्वों से रोका जा रहा है. फिलहाल पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर व्यवस्था सामान्य करने में जुटे हैं.

## इसका आप पर असर
इस प्रशासनिक विवाद के कारण स्थानीय निकाय के कामकाज और नागरिक सेवाओं पर सीधा असर पड़ सकता है.

- **राजस्थान में:** राज्य स्तर पर विपक्षी और सत्तारूढ़ दलों के बीच सियासी टकराव और तेज होने की संभावना है. आने वाले दिनों में स्थानीय निकायों की निष्पक्षता को लेकर प्रदेशव्यापी प्रदर्शन देखे जा सकते हैं.
- **बहरोड़ में:** बर्डोद नगर पालिका के वार्डों में निर्वाचित पार्षदों का शपथ ग्रहण अटकने से विकास कार्यों के प्रस्तावों में देरी हो सकती है. स्थानीय नागरिकों को अपने वार्ड से जुड़े आधिकारिक दस्तावेजी कामों के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है.
- **नागरिक सुरक्षा के लिहाज से:** बहरोड़ तहसील परिसर और आसपास के बाजारों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है. सरकारी दफ्तरों में सामान्य कामकाज के लिए आने वाले लोगों को सुरक्षा जांच और आवागमन संबंधी पाबंदियों का सामना करना पड़ सकता है.
- **प्रशासनिक जवाबदेही:** पुलिस अधिकारियों पर जनप्रतिनिधियों के साथ बदसलूकी के आरोपों की विभागीय समीक्षा हो सकती है. इससे स्थानीय स्तर पर सरकारी अधिकारियों के आचरण को लेकर नियमों में सख्ती देखने को मिल सकती है.

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटनाक्रम नगर पालिका बर्डोद के नवनिर्वाचित पार्षदों के शपथ ग्रहण के दौरान प्रशासनिक प्रक्रिया और राजनीतिक प्राथमिकताओं के टकराव के कारण उत्पन्न हुआ.

- **शपथ ग्रहण में अवरोध का आरोप:** विवाद की शुरुआत तब हुई जब बर्डोद नगर पालिका के दो निर्वाचित कांग्रेस पार्षदों को सहायक रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष शपथ लेने से कथित तौर पर रोका गया. विपक्षी नेताओं का दावा है कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जानबूझकर इस प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न की.
- **धक्का-मुक्की और बदसलूकी के दावे:** जब स्थानीय विधायक ललित यादव और पार्टी पदाधिकारियों ने इस रुकावट का विरोध किया, तो एएसपी स्तर के अधिकारी पर धक्का-मुक्की करने के आरोप लगे. इस कथित दुर्व्यवहार ने साधारण प्रक्रियात्मक बहस को बड़े राजनीतिक संघर्ष में बदल दिया.
- **प्रशासनिक पक्ष की स्थिति:** इस मामले में पुलिस और प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है. स्थिति को अनियंत्रित होने से बचाने के लिए मौके पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया.

## सवाल-जवाब

### 1. बहरोड़ तहसील कार्यालय में विवाद किस बात को लेकर हुआ?
नगर पालिका बर्डोद के दो नवनिर्वाचित कांग्रेस पार्षदों को पद की शपथ लेने से कथित रूप से रोके जाने के बाद यह हंगामा शुरू हुआ.

### 2. इस घटना में किन नेताओं और अधिकारियों के नाम सामने आए हैं?
कांग्रेस विधायक ललित यादव, विधानसभा प्रभारी संजय यादव, एआरओ नेहा राठी और एएसपी सुरेश खींची इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में हैं.

### 3. कांग्रेस विधायक ने पुलिस पर क्या गंभीर आरोप लगाया है?
विधायक ललित यादव ने आरोप लगाया कि विरोध दर्ज कराने के दौरान एएसपी सुरेश खींची ने उनके साथ धक्का-मुक्की और अभद्रता की.

### 4. हंगामे के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के क्या इंतजाम किए?
तहसील परिसर में भारी पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया गया है ताकि कानून व्यवस्था और शांति बनी रहे.

### 5. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस मामले में क्या प्रतिक्रिया दी?
गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया पर सरकार पर तानाशाही करने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को दबाने का आरोप लगाया.

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