भरतपुर के अजान गांव में श्मशान घाट का रास्ता पानी और कीचड़ से बदहाल, अंतिम यात्रा निकालना बना बड़ी चुनौती भरतपुर के डीग जिले के अजान गांव में श्मशान घाट तक जाने वाला मुख्य रास्ता भारी जलभराव और कीचड़ के कारण चलने लायक नहीं बचा है। इससे ग्रामीणों को अपनों की अंतिम यात्रा निकालने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भरतपुर जिले के डीग के अंतर्गत आने वाले अजान गांव के स्थानीय बाशिंदों के सामने आवागमन की एक गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। गांव के श्मशान घाट तक पहुंचने वाला मार्ग इन दिनों पानी और कीचड़ से पूरी तरह अटा पड़ा है, जिसके चलते वहां से पैदल गुजरना भी दूभर हो गया है। हालात इतने विकट हैं कि सबसे बड़ी और संवेदनशील मुश्किल किसी ग्रामीण की मृत्यु होने पर सामने आती है, जब अंतिम संस्कार के लिए शव यात्रा को इसी रास्ते से होकर श्मशान भूमि तक ले जाना पड़ता है। जलभराव और बदहाल स्थिति से बढ़ती दुश्वारियां गांव के लोगों का कहना है कि श्मशान घाट के इस मार्ग पर लंबे समय से पानी इकट्ठा रहने की पुरानी समस्या है। खासकर बारिश के मौसम के बाद हालात और ज्यादा बदतर हो गए हैं। पूरे रास्ते में जगह-जगह गहरा कीचड़ और गंदा पानी भरा हुआ है, जिस वजह से अंतिम यात्रा में शामिल होने वाले लोगों को मजबूरन इसी गंदे पानी और कीचड़ के बीच से गुजरना पड़ता है। कई मौकों पर तो शव को सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से श्मशान घाट तक पहुंचाना तक बेहद श्रमसाध्य और कष्टदायक साबित होता है। प्रशासन से गुहार और आगे का संकट ग्रामीणों का यह भी स्पष्ट तौर पर कहना है कि यह मार्ग गांव के दैनिक जीवन और सामाजिक जरूरतों के लिहाज से बेहद अहम है, मगर पानी की निकासी का कोई मु मुक्ता इंतजाम न होने के कारण इसकी दशा लगातार बिगड़ती जा रही है। स्थानीय लोगों को इस बात का गहरा डर सता रहा है कि यदि समय रहते इस जलभराव को दूर करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी अधिक भयावह हो सकती है। इसे लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित सरकारी विभागों के समक्ष पुरजोर मांग रखी है कि वे फौरन मौके का मुआयना करें। गांव वालों की मांग है कि रास्ते में भरे हुए पानी की फौरन निकासी कराई जाए, कीचड़ को हटवाया जाए और इस मार्ग को दोबारा से आवागमन के पूरी तरह योग्य बनाया जाए। ग्रामीणों का दर्द है कि किसी भी व्यक्ति की अंतिम यात्रा के दौरान उसके शोक संतप्त परिवार और पूरे गांव के लोगों को इस तरह के अमानवीय व असुविधाजनक हालातों का सामना नहीं करना पड़ना चाहिए, इसलिए श्मशान घाट तक का रास्ता कम से कम इतना सुगम और साफ-सुथरा जरूर होना चाहिए कि लोग बिना किसी बाधा के आ-जा सकें। इसका आप पर असर अजान गांव के इस बदहाल रास्ते का सीधा असर स्थानीय निवासियों की दैनिक आवाजाही और बेहद संवेदनशील सामाजिक जरूरतों पर पड़ रहा है। • राजस्थान में: राज्य के ग्रामीण इलाकों में जलभराव और टूटी सड़कों की समस्या आमजन के लिए जानलेवा और कष्टदायक साबित होती है। • अजान गांव में: डीग जिले के इस गांव के लोगों को अपने परिजनों की अंतिम यात्रा निकालने के दौरान भारी कीचड़ और पानी से गुजरने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है। • प्रशासनिक लापरवाही: स्थानीय स्तर पर जल निकासी के अभाव में लोगों का जीना दूभर हो रहा है और अधिकारियों के समय पर कदम न उठाने से रोष बढ़ रहा है। • सुरक्षा और स्वास्थ्य: रास्ते में गंदा पानी और कीचड़ होने के कारण संक्रमण फैलने का खतरा भी लगातार बना हुआ है। ऐसा क्यों हुआ अजान गांव के श्मशान घाट मार्ग की यह बदहाली लंबे समय से जलभराव और बुनियादी ढांचे के विकास में अनदेखी के कारण पैदा हुई है। • जल निकासी का अभाव: रास्ते पर पानी की निकासी के लिए किसी भी प्रकार की उचित नाली या सिस्टम का निर्माण नहीं कराया गया है, जिससे पानी लगातार जमा रहता है। • मानसून का असर: हालिया बारिश के बाद स्थिति और अधिक गंभीर हो गई, क्योंकि कच्ची और नीची सतह पर पानी सूखने की कोई गुंजाइश नहीं बची। • प्रशासनिक उदासीनता: ग्रामीणों द्वारा बार-बार गुहार लगाने के बावजूद संबंधित विभागों द्वारा समय पर मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य न कराना इस समस्या के बने रहने का मुख्य कारण है। सवाल-जवाब 1. अजान गांव किस जिले के अंतर्गत आता है? अजान गांव राजस्थान के भरतपुर जिले के डीग क्षेत्र में स्थित है। 2. ग्रामीणों को मुख्य रूप से किस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है? ग्रामीणों को श्मशान घाट जाने वाले रास्ते पर भारी पानी और कीचड़ भरा होने के कारण अंतिम यात्रा निकालने में बहुत दिक्कत हो रही है। 3. रास्ते की यह हालत क्यों हुई है? रास्ते पर पानी की निकासी की कोई उचित व्यवस्था न होने और बारिश के बाद पानी जमा रहने के कारण यह स्थिति बनी है। 4. ग्रामीणों ने प्रशासन से क्या मांग की है? ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मौके पर पहुंचकर पानी की निकासी कराने और कीचड़ हटाकर रास्ता ठीक करने की मांग की है। 5. क्या आने वाले दिनों में स्थिति सुधरने की उम्मीद है? यदि प्रशासन जल्द कदम नहीं उठाता है, तो ग्रामीणों को आशंका है कि आने वाले दिनों में परेशानी और अधिक बढ़ सकती है। https://trendkia.com/rajasthan/bharatapura-ke-ajan-ganva-men-shmashana-ghata-ka-rasta-pani-aura-kichara-se-badahala-antima-yatra-nikalana-bana-bari-chunauti-39079 TrendKia — Har trend, sabse pehle.