# भरतपुर में पारंपरिक मेला और दंगल का आयोजन, राजस्थान और पड़ोसी राज्यों के पहलवानों ने दिखाया दमखम

> भरतपुर जिले के रुदावल में पारंपरिक सिद्ध स्थल पर वार्षिक मेले का आयोजन किया गया, जिसमें पूजा-अर्चना के साथ-साथ एक बड़े दंगल में विभिन्न राज्यों के पहलवानों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/bharatpur-men-parnparika-mela-aura-dngala-ka-ayojana-rajasthan-aura-parosi-rajyon-ke-pahalavanon-ne-dikhaya-damakhama-33000 · **Language:** Hindi
**Tags:** भरतपुर, रुदावल मेला, राजस्थान दंगल, कुश्ती प्रतियोगिता, ग्रामीण संस्कृति

भरतपुर जिले के रुदावल क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध सिद्ध स्थल पर हर वर्ष आयोजित होने वाला पारंपरिक विशाल मेला इस बार भी भारी श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन में हिस्सा लेने के लिए न केवल भरतपुर जिले बल्कि इसके आसपास के विभिन्न जिलों और अन्य पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंचे। सुबह से ही सिद्ध स्थल पर भक्तों का तांता लगा रहा और लोगों ने मंदिर में माथा टेककर पूजा-अर्चना की तथा अपने परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना की।

स्थानीय स्तर पर रुदावल के इस सिद्ध स्थल को अगाध आस्था का मुख्य केंद्र माना जाता है। यहां हर साल लगने वाले इस वार्षिक मेले का स्थानीय लोगों को पूरे बारह महीने इंतजार रहता है। मेले के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों और आयोजनों के साथ-साथ कई तरह की अन्य गतिविधियां भी संचालित की जाती हैं, जो वहां आने वाले सभी लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनती हैं।

## विशाल दंगल बना मेले का मुख्य आकर्षण
इस पूरे मेले का सबसे बड़ा और मुख्य आकर्षण यहां आयोजित होने वाला विशाल दंगल होता है। दंगल के मुकाबलों को देखने के लिए अखाड़े के चारों ओर भारी भीड़ जमा हो गई थी। इस कुश्ती प्रतियोगिता में राजस्थान के स्थानीय क्षेत्रों के अलावा हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से भी नामी पहलवानों ने हिस्सा लिया। अखाड़े में उतरे पहलवानों ने अपनी कुश्ती कला के दौरान बेहतरीन दांव-पेंच और अपने शारीरिक दमखम का भरपूर प्रदर्शन किया, जिसे देखकर दर्शक दंग रह गए।

## रोमांचक मुकाबलों ने बढ़ाया दर्शकों का उत्साह
जैसे ही पहलवान कुश्ती के मुकाबले के लिए अखाड़े में उतरे, वहां मौजूद दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। दर्शक लगातार हूटिंग कर और तालियां बजाकर अपने पसंदीदा पहलवानों का हौसला बढ़ाते हुए नजर आए। कई मुकाबले इतने कांटे के और रोमांचक रहे कि दर्शकों की सांसे थम गईं, जहां पहलवानों ने अपनी अद्भुत ताकत, फुर्ती और पैंतरेबाजी का शानदार नमूना पेश किया। रुदावल का यह दंगल भरतपुर जिले के सबसे बड़े और प्रमुख दंगलों में शुमार किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें न केवल राजस्थान के कोने-कोने से बल्कि पड़ोसी राज्यों के धुरंधर पहलवान भी अपनी कला दिखाने पहुंचते हैं।

## धार्मिक आस्था के साथ दिखी ग्रामीण संस्कृति की झलक
यही एक मुख्य वजह है कि इस दंगल को देखने के लिए दूर-दराज के गांवों और शहरों से भी लोग खींचे चले आते हैं। इस मेले में एक तरफ जहां लोगों को अपनी धार्मिक आस्था से जुड़ने का मौका मिला, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण संस्कृति और पारंपरिक खेलों की अनूठी झलक भी देखने को मिली। वहां मौजूद श्रद्धालुओं और खेल प्रेमियों की भारी भीड़ ने पूरे आयोजन को एक भव्य उत्सव का रूप दे दिया। सिद्ध स्थल पर सुबह की पूजा-अर्चना से लेकर शाम तक अखाड़े में गूंजते पहलवानों के दांव-पेंच तक, पूरे मेले में दिनभर अभूतपूर्व उत्साह और मेले का सा माहौल बना रहा।

## इसका आप पर असर
इस पारंपरिक आयोजन का स्थानीय समाज और क्षेत्रीय गतिविधियों पर सीधा प्रभाव पड़ता है।

- **भारत में:** इस तरह के पारंपरिक मेले और दंगल देश के ग्रामीण अंचलों में पारंपरिक खेलों और संस्कृति को जीवित रखने में मदद करते हैं। स्थानीय आयोजनों से क्षेत्रीय मेल-मिलाप और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलता है।
- **भरतपुर में:** भरतपुर के रुदावल क्षेत्र में आयोजित इस मेले और दंगल से स्थानीय स्तर पर व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आती है। आसपास के दुकानदारों और ग्रामीण व्यापारियों को अपनी आजीविका चलाने के लिए एक अच्छा मंच मिलता है।

## ऐसा क्यों हुआ
इस प्रकार के मेलों और पारंपरिक दंगल के आयोजन के पीछे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक कारण जुड़े हुए हैं।

- **सांस्कृतिक परंपरा:** रुदावल के इस सिद्ध स्थल पर हर साल लगने वाला मेला और दंगल स्थानीय ग्रामीण संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है, जिसका आयोजन पीढ़ियों से किया जा रहा है।
- **पहलवानी का क्रेज:** राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में पारंपरिक कुश्ती का गहरा क्रेज है, जिसके कारण पहलवान दूर-दराज के अखाड़ों से यहां हिस्सा लेने पहुंचते हैं।
- **धार्मिक मान्यता:** सिद्ध स्थल के प्रति स्थानीय लोगों की गहरी धार्मिक आस्था इस आयोजन की निरंतरता और भारी भीड़ जुटने का मुख्य कारण बनती है।

## सवाल-जवाब

### 1. रुदावल का मेला कहाँ आयोजित किया गया?
यह मेला भरतपुर जिले के रुदावल क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध सिद्ध स्थल पर आयोजित किया गया।

### 2. मेले का मुख्य आकर्षण क्या था?
मेले का सबसे बड़ा आकर्षण यहाँ आयोजित होने वाला विशाल दंगल था।

### 3. दंगल में किन राज्यों के पहलवानों ने हिस्सा लिया?
दंगल में राजस्थान के अलावा हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित अन्य क्षेत्रों से आए पहलवानों ने हिस्सा लिया।

### 4. मेले में श्रद्धालुओं ने क्या किया?
श्रद्धालुओं ने मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

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