भारी बारिश से थमा पूर्वी राजस्थान: करौली-धौलपुर में स्कूलों को लगा ताला, बारां के गांव में घुसा पानी करौली और धौलपुर में भारी बारिश के चलते शनिवार को स्कूलों में छुट्टी कर दी गई, जबकि दौसा की सड़कें जलमग्न हो गईं और बारां के पाटन गांव में नदी का पानी घरों में घुस गया। राजस्थान के पूर्वी जिलों में शनिवार को मानसून पूरी ताकत के साथ बरसा और आम जिंदगी को उलझा गया। करौली और धौलपुर में प्रशासन को ऐहतियातन सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित करनी पड़ी, तो दौसा शहर की सड़कें उफनते पानी में डूब गईं। इसी बीच बारां जिले के शाहाबाद इलाके में नदी का पानी बढ़ने से पाटन गांव के घरों तक पानी पहुंच गया, जिससे ग्रामीणों को रातभर सामान बचाने में जुटना पड़ा। करौली में जिला कलक्टर का फैसला करौली में बीते कई घंटों से जारी तेज बारिश को देखते हुए जिला कलक्टर अक्षय गोदारा ने शनिवार को जिले के तमाम सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश का आदेश जारी किया। यह छुट्टी कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक के हर विद्यार्थी पर लागू होगी। शिक्षा विभाग के अफसरों और स्कूल प्रमुखों से कहा गया है कि वे इस आदेश को सख्ती से लागू करवाएं। दरअसल प्रशासन को आशंका थी कि लगातार बरसात से जिले के कई हिस्सों में पानी भर सकता है, इसी वजह से बच्चों को स्कूल न बुलाने का फैसला लिया गया। मौसम पर प्रशासन की टीमें लगातार नजर बनाए हुए हैं। धौलपुर में विद्यार्थियों की छुट्टी, स्टाफ को ड्यूटी पर बुलाया धौलपुर में भी मौसम विभाग, जयपुर की चेतावनी के बाद जिला कलेक्टर के निर्देश पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी और समग्र शिक्षा धौलपुर ने शनिवार के लिए स्कूल बंद रखने का आदेश निकाला। यहां भी कक्षा 1 से 12वीं तक पढ़ने वाले बच्चों को स्कूल नहीं आना है, चाहे स्कूल सरकारी हो या निजी। हालांकि इस आदेश में एक अलग पहलू है, टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ को अपने कामकाज के लिए स्कूल पहुंचना ही होगा, यानी छुट्टी सिर्फ बच्चों के लिए है। यह पूरा कदम भारी बारिश के खतरे और छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। संबंधित अफसरों को यह भी हिदायत दी गई है कि मौसम बिगड़ने की सूरत में जरूरी सतर्कता बरती जाए। दौसा में सड़कें बनीं तालाब, राहगीर परेशान दौसा शहर में शनिवार तड़के हुई मूसलाधार बारिश ने रोजमर्रा की व्यवस्था चरमरा दी। कई मुख्य सड़कों पर इतना पानी भर गया कि वे तालाब जैसी दिखने लगीं। शहर के नाले उफान पर आ गए और निचली बस्तियों में पानी घुस आया। इस अफरातफरी में बाइक और कार चलाने वालों को रास्ता निकालना मुश्किल हो गया, वहीं पैदल निकलने वाले लोग भी घुटनों तक भरे पानी में फंस गए। स्कूल जाने की तैयारी में निकले बच्चों को भी इसी जलभराव के चलते खासी दिक्कत झेलनी पड़ी। लालसोट और बांदीकुई में भी बुरा हाल सिर्फ दौसा शहर ही नहीं, जिले के लालसोट और बांदीकुई कस्बों में भी तेज बरसात ने हलचल मचाई। यहां भी सड़कों और गलियों में पानी भरने से आम लोगों की आवाजाही बाधित हुई। गांव हो या कस्बा, लोग जरूरी काम पड़ने पर ही घरों से निकल रहे हैं। दौसा शहर में नाले भरने से निचले मोहल्लों में पानी की समस्या अब तक बनी हुई है और लोग राहत मिलने का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासनिक अमला भी हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कदम उठाए जा सकें। बारां के पाटन गांव में नदी का पानी घरों तक पहुंचा बारां जिले के शाहाबाद क्षेत्र में हुई तेज बारिश का सबसे ज्यादा असर पाटन गांव पर पड़ा। यहां लगातार बरसात से रैफी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और देखते ही देखते गांव के कई घरों में पानी घुस गया। अचानक आई इस मुसीबत से ग्रामीण हड़बड़ा गए और उन्हें पूरी रात जागकर घर का सामान और जरूरी चीजें ऊंची जगहों पर पहुंचानी पड़ीं। कई परिवारों ने अपना सामान पड़ोसियों या रिश्तेदारों के घर सुरक्षित रखवाया। इसी बारिश से खेतों में भी पानी भर गया है, जिससे किसानों को अपनी फसल को लेकर चिंता सता रही है। जलभराव के चलते गांव में आने-जाने के रास्ते भी बाधित हुए हैं। नदी का जलस्तर बढ़ता देख आसपास बसे गांवों के लोग भी सहमे हुए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित इलाकों का दौरा कर हुए नुकसान का जायजा लिया जाए और राहत मुहैया कराई जाए। प्रशासन की अपील, आगे और सतर्कता की तैयारी करौली, धौलपुर, दौसा और बारां में बरसात के बाद प्रशासन ने आम लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को कहा गया है कि वे जलभराव वाली जगहों, तेज बहाव वाले रास्तों और उफनते नालों के आसपास बिल्कुल न जाएं। बच्चों को खासतौर पर ऐसी जगहों से दूर रखने की सलाह दी गई है। इस बरसात का असर सिर्फ स्कूलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सड़क यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। करौली और धौलपुर में स्कूल बंद रखने का मकसद विद्यार्थियों की जान बचाना था, जबकि दौसा और बारां में लोग अब भी जलभराव और नुकसान से जूझ रहे हैं। मौसम विभाग और जिला प्रशासन स्थिति पर बराबर नजर रखे हुए हैं और आने वाले घंटों में बारिश तेज रहने की सूरत में और भी कदम उठाए जा सकते हैं। इसका आप पर असर इस भारी बारिश का सबसे सीधा असर करौली, धौलपुर, दौसा और बारां के स्कूली बच्चों, अभिभावकों और आम नागरिकों पर पड़ा है। • भारत में: मानसून के इस दौर से साफ है कि पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में भारी बारिश आने वाले दिनों में भी जारी रह सकती है, इसलिए मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है। जहां भी मानसून सक्रिय है, वहां प्रशासन इसी तरह ऐहतियातन स्कूल बंद करने जैसे फैसले ले सकता है। • करौली और धौलपुर में: कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों की शनिवार को छुट्टी रहेगी, यानी अभिभावकों को बच्चों को स्कूल न भेजने का ध्यान रखना होगा। धौलपुर में स्टाफ को हालांकि ड्यूटी पर आना है, इसलिए शिक्षकों और कर्मचारियों को समय पर पहुंचने की योजना बनानी होगी। • दौसा में: शहर की कई सड़कें डूबी होने से वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को वैकल्पिक रास्ता चुनना होगा, खासकर जलभराव वाले निचले इलाकों से बचना जरूरी है। लालसोट और बांदीकुई जाने वालों को भी सफर से पहले सड़कों की स्थिति जांच लेनी चाहिए। • बारां के पाटन गांव में: रैफी नदी का जलस्तर बढ़ने से घरों में घुसे पानी की वजह से ग्रामीणों को नुकसान का आकलन कराने के लिए प्रशासन से संपर्क करना होगा, और फसल खराब होने पर मुआवजे के लिए आवेदन करने की जरूरत पड़ सकती है। सवाल-जवाब 1. करौली में स्कूलों की छुट्टी किसने और क्यों घोषित की? जिला कलक्टर अक्षय गोदारा ने लगातार भारी बारिश और जलभराव की आशंका को देखते हुए शनिवार को कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित की। 2. धौलपुर में स्कूल बंद है तो क्या टीचरों को भी छुट्टी है? नहीं, धौलपुर में सिर्फ विद्यार्थियों के लिए छुट्टी है, शिक्षण और गैर-शिक्षण स्टाफ को स्कूल आकर राजकार्य करना होगा। 3. दौसा में हालात कैसे हैं? दौसा शहर की कई सड़कें भारी बारिश से जलमग्न हो गई हैं, नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में पानी भरा हुआ है। 4. बारां जिले में कहां सबसे ज्यादा असर पड़ा? बारां के शाहाबाद क्षेत्र के पाटन गांव में रैफी नदी का जलस्तर बढ़ने से कई घरों में पानी घुस गया। 5. क्या फसलों को नुकसान होने का खतरा है? हां, पाटन गांव के आसपास खेतों में पानी भर जाने से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। 6. प्रशासन ने लोगों को क्या सलाह दी है? लोगों को जलभराव वाले इलाकों, तेज बहाव वाले रास्तों और उफनते नालों के पास न जाने और बच्चों को इनसे दूर रखने की सलाह दी गई है। https://trendkia.com/rajasthan/bhari-barisha-se-thama-purvi-rajasthan-karauli-dholpur-men-skulon-ko-laga-tala-baran-ke-ganva-men-ghusa-pani-28015 TrendKia — Har trend, sabse pehle.