भीलवाड़ा के ऐतिहासिक मांडलगढ़ रेलवे स्टेशन पर अब गंदगी फैलाने वालों की खैर नहीं, लगेगा 1000 रुपये का जुर्माना भीलवाड़ा जिले के इकलौते हेरिटेज रेलवे स्टेशन मांडलगढ़ में स्वच्छता बनाए रखने के लिए कोटा रेल मंडल ने कड़े नियम लागू किए हैं, जिसके तहत मौके पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित ऐतिहासिक मांडलगढ़ रेलवे स्टेशन की सुंदरता और साफ-सफाई को अक्षुण्ण रखने के लिए प्रशासन ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। इस रेलवे परिसर को स्वच्छ बनाए रखने के उद्देश्य से नियमों को पहले से कहीं अधिक सख्त कर दिया गया है। स्टेशन, ट्रेनों या पूरे रेलवे परिसर में किसी भी तरह की गंदगी फैलाने वाले लोगों के खिलाफ अब तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। नए स्वच्छता दिशा-निर्देशों के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों पर मौके पर ही भारी-भरकम जुर्माना लगाया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाने और इस खूबसूरत धरोहर को सुरक्षित रखने के लिए जुर्माने की राशि में यह संशोधन किया है। प्रशासनिक दृष्टिकोण से भीलवाड़ा जिला एक विशेष स्थिति में आता है। वैसे तो भीलवाड़ा जिले के अधिकांश रेलवे स्टेशन अजमेर रेल मंडल के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, लेकिन ऐतिहासिक महत्व रखने वाला मांडलगढ़ रेलवे स्टेशन पूरे जिले का एकमात्र ऐसा स्टेशन है जो कोटा रेल मंडल के नियंत्रण में आता है। यही कारण है कि कोटा रेल मंडल इस स्टेशन के रखरखाव और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दे रहा है। हाल ही में इस स्टेशन को नए सिरे से संवारा गया है, जिसके बाद इसकी गरिमा और बढ़ गई है। स्वच्छता के नए नियम और जुर्माने के कड़े प्रावधान कोटा रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने नियमों में हुए इस बड़े बदलाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि रेल मंत्रालय ने भारतीय रेलवे के पुराने स्वच्छता नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। ये नए संशोधित नियम आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के साथ ही तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। नए कानूनी प्रावधानों के अनुसार, अब रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म, पटरियों, प्रतीक्षालय या किसी भी अन्य रेल परिसर में कूड़ा-कचरा फेंकना, थूकना अथवा किसी भी प्रकार की गंदगी फैलाना कानूनन अपराध माना जाएगा। ऐसा करते पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्ति पर 1,000 रुपये का स्पॉट फाइन यानी तत्काल जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही, रेलवे परिसर के भीतर बिना आधिकारिक अनुमति के भोजन पकाना, नहाना, कपड़े या बर्तन धोना और अपने वाहनों की धुलाई करना भी नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। रेल संपत्ति को किसी भी तरह से गंदा या विरूपित करने की स्थिति में भी इसी तरह का आर्थिक दंड भुगतना होगा। जुर्माना न देने पर जाना होगा कोर्ट वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति मौके पर लगाए गए 1,000 रुपये के स्पॉट फाइन को चुकाने से इनकार करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ऐसे डिफॉल्टरों को रेलवे की ओर से सीधे सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। अदालत में मामला पहुंचने के बाद, मजिस्ट्रेट द्वारा आरोपी पर अधिकतम 2,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। मांडलगढ़ जैसे गरिमामयी और महत्वपूर्ण स्टेशन की स्वच्छता और सुंदरता को बनाए रखना प्रशासन के साथ-साथ हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। रेलवे ने सभी यात्रियों और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज, ट्रेनों और प्रतीक्षालयों को साफ रखने में सहयोग करें। कचरा हमेशा निर्धारित डस्टबिन में ही डालें। प्रशासन का मानना है कि यात्रियों के सक्रिय सहयोग और कड़े नियमों के पालन से ही भारतीय रेल को एक स्वच्छ और आदर्श परिसर के रूप में स्थापित किया जा सकता है। अमृत भारत स्टेशन योजना से मिला भव्य हेरिटेज लुक मांडलगढ़ रेलवे स्टेशन का ऐतिहासिक महत्व इस बात से भी आंका जा सकता है कि इसका लोकार्पण खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत किया था। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत देशभर के जिन 103 स्टेशनों का कायाकल्प किया गया था, उनमें भीलवाड़ा का यह मांडलगढ़ स्टेशन भी शामिल है। इस पूरे स्टेशन को लगभग 4.74 करोड़ रुपये की भारी-भरकम बजट राशि से नया स्वरूप दिया गया है। पुनर्विकास कार्य के दौरान इस स्टेशन को आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस करते हुए इसके पारंपरिक हेरिटेज लुक को बरकरार रखा गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए प्लेटफॉर्म पर 15.50 गुना 10 मीटर आकार का एक नया भव्य कवर शेड बनाया गया है। इसके अलावा, एक अत्याधुनिक टिकट बुकिंग हॉल और सर्वसुविधा युक्त प्रतीक्षालय भी तैयार किया गया है। दिव्यांगजनों की सुगम आवाजाही के लिए विशेष रैंप और सुरक्षित रेलिंग की व्यवस्था की गई है। स्टेशन के बाहरी हिस्से में आधुनिक पार्किंग, प्रवेश और निकास मार्गों का चौड़ीकरण किया गया है। सौंदर्य को निखारने के लिए सर्कुलेटिंग एरिया में एक पारंपरिक स्टोन छतरी, फव्वारा और हरियाली से भरपूर सुंदर ग्रीन एरिया बनाया गया है, जहां पर्यटकों के आकर्षण के लिए एक भव्य सेल्फी प्वाइंट भी स्थापित किया गया है। इसका आप पर असर इस प्रशासनिक फैसले का देश के रेल यात्रियों और भीलवाड़ा के स्थानीय निवासियों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। • भारत में: रेल यात्रियों को पूरे देश में स्वच्छता के कड़े नियमों का पालन करना होगा। ऐसा न करने पर उन्हें कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पड़ सकते हैं और भारी आर्थिक दंड भी भुगतना पड़ सकता है। • भीलवाड़ा और मांडलगढ़ में: स्थानीय यात्रियों को अब 4.74 करोड़ रुपये की लागत से सुसज्जित एक सुंदर और स्वच्छ रेलवे परिसर मिलेगा। हालांकि, स्टेशन पर कपड़े धोने, थूकने या बिना अनुमति गाड़ी धोने जैसी गलतियों पर तत्काल 1,000 रुपये का जुर्माना लग सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह कठोर कदम स्टेशन की नई संरचनाओं के रखरखाव और स्वच्छता के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए उठाया गया है। • अपग्रेड की सुरक्षा: केंद्र सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर स्टेशन को सुंदर और आधुनिक बनाया है। इस नवविकसित बुनियादी ढांचे को गंदगी और टूट-फूट से बचाने के लिए सख्त कार्रवाई जरूरी हो गई थी। • सार्वजनिक अनुशासन की कमी: अक्सर देखा गया है कि रेलवे स्टेशनों पर लोग खुलेआम गंदगी फैलाते हैं या नियमों का उल्लंघन करते हैं। इसके समाधान के लिए रेल मंत्रालय ने आधिकारिक राजपत्र के जरिए जुर्माना बढ़ाकर नियमों को सख्त किया है। सवाल-जवाब 1. मांडलगढ़ रेलवे स्टेशन पर गंदगी फैलाने पर कितना जुर्माना लगेगा? मांडलगढ़ रेलवे स्टेशन पर गंदगी फैलाने, थूकने या कचरा फेंकने पर मौके पर ही 1,000 रुपये का स्पॉट फाइन लगाया जाएगा। 2. यदि कोई व्यक्ति मौके पर जुर्माना नहीं चुकाता है तो क्या होगा? यदि कोई व्यक्ति मौके पर 1,000 रुपये का जुर्माना नहीं देता है, तो उसे रेलवे के समक्ष न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां जुर्माना बढ़कर 2,000 रुपये तक हो सकता है। 3. भीलवाड़ा का मांडलगढ़ रेलवे स्टेशन किस रेल मंडल के अंतर्गत आता है? भीलवाड़ा का मांडलगढ़ रेलवे स्टेशन कोटा रेल मंडल के अंतर्गत आता है, जबकि जिले के अन्य स्टेशन अजमेर रेल मंडल के तहत आते हैं। 4. मांडलगढ़ रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास में कितनी लागत आई है? अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत मांडलगढ़ रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास पर लगभग 4.74 करोड़ रुपये की लागत आई है। 5. स्टेशन पर स्वच्छता नियमों के तहत कौन-कौन से कार्य प्रतिबंधित हैं? स्टेशन परिसर में थूकना, कचरा फेंकना, बिना अनुमति खाना बनाना, नहाना, कपड़े या बर्तन धोना और वाहन धोना पूरी तरह प्रतिबंधित है। https://trendkia.com/rajasthan/bhilavara-ke-aitihasika-mandalgarh-relave-steshana-para-aba-gndagi-phailane-valon-ki-khaira-nahin-lagega-1000-rupaye-ka-jurmana-31552 TrendKia — Har trend, sabse pehle.