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  "type": "article",
  "title": "भीलवाड़ा के हरनी गांव में 2520 किलो संदिग्ध कैरी का अचार जब्त, जांच के लिए अजमेर प्रयोगशाला भेजा",
  "summary": "दीपावली पर्व को लेकर चलाए जा रहे जांच अभियान के तहत भीलवाड़ा के हरनी गांव स्थित एक गृह उद्योग पर छापा मारकर 2520 किलो कैरी का अचार सीज किया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने नमूने लेकर अजमेर स्थित राज्य खाद्य प्रयोगशाला में जांच के लिए भिजवाए हैं।",
  "content": "त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता परखने के लिए भीलवाड़ा जिले में प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी सिलसिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की एक टीम ने हरनी गांव स्थित राजश्री गृह उद्योग पर औचक छापेमारी की। इस निरीक्षण के दौरान टीम ने वहां भारी मात्रा में तैयार रखा हुआ लगभग 2520 किलोग्राम कैरी का अचार पकड़ा और उसे तुरंत सीज कर दिया। गर्मियों के मौसम में तैयार कर पूरे साल खपाए जाने वाले इस अचार को सुरक्षित रखने और बनाने में खाद्य सुरक्षा मानकों का सही ढंग से पालन हो रहा था या नहीं, इसे लेकर विभाग ने यह कड़ा कदम उठाया है।\n\nकलेक्टर के निर्देश पर छापा और सुधार का नोटिस\nयह पूरी कार्रवाई जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देश पर अमल में लाई गई। मौके पर पहुंचे खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने परिसर में रखी खाद्य सामग्री और निर्माण प्रक्रिया की बारीकी से पड़ताल की। टीम ने मौके से अचार का विधिक नमूना लिया और उसे सीलबंद किया। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा से जुड़े जरूरी नियमों और परिसर में अपेक्षित व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए प्रतिष्ठान संचालक को औपचारिक नोटिस भी थमाया गया। इतनी भारी खेप के पकड़े जाने के बाद इलाके के खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।\n\nदीपावली को लेकर जिले भर में विशेष जांच मुहिम\nमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा के अनुसार दीपावली के त्योहार को ध्यान में रखते हुए पूरे जिले में खाद्य वस्तुओं की शुद्धता सुनिश्चित करने का अभियान चल रहा है। इस मुहिम का मकसद यह देखना है कि त्योहारों पर बिकने वाली खाने-पीने की चीजों में किसी प्रकार की मिलावट या घटिया सामग्री का इस्तेमाल न हो। इसी क्रम में विभाग ने अन्य कई प्रतिष्ठानों पर भी दबिश दी, जहां से खाद्य तेल, मसालों, विभिन्न मिठाइयों और केक के नमूने भी लिए गए हैं।\n\nअजमेर प्रयोगशाला की रिपोर्ट पर टिकी कार्रवाई\nसीज की गई सामग्री और अन्य प्रतिष्ठानों से उठाए गए सभी खाद्य नमूनों को आगे के परीक्षण के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला, अजमेर भेज दिया गया है। प्रयोगशाला से विस्तृत जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही साफ हो पाएगा कि अचार की गुणवत्ता वास्तव में कैसी थी और क्या उसमें हानिकारक रसायनों या अमानक सामग्रियों का प्रयोग हुआ था। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि रिपोर्ट सामने आने के उपरांत खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत तय कानूनी प्रावधानों के अनुसार अगली सख्त कार्रवाई की जाएगी।\n\nइसका आप पर असर\nत्योहारी सीजन में बाजार से अचार, मिठाइयां और तेल खरीदते समय ग्राहकों को गुणवत्ता और शुद्धता के प्रति अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है।\n\n• भारत में: त्योहारों के दौरान देश भर में खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने से मिलावट और अमानक सामग्री की बिक्री का जोखिम काफी बढ़ जाता है। उपभोक्ता हमेशा पैकेज्ड खाद्य वस्तुओं पर एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर और निर्माण तिथि देखकर ही खरीदारी करें।\n• भीलवाड़ा में: हरनी गांव में 2520 किलो अचार सीज होने के बाद स्थानीय स्तर पर बिना मानक के बन रहे खाद्य उत्पादों पर प्रशासन की निगरानी और सख्त होगी। स्थानीय निवासी किसी भी संदिग्ध या बासी खाद्य सामग्री की सूचना सीधे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय को दे सकते हैं।\n• जांच परिणाम: सीज किए गए अचार और मिठाइयों के नमूनों की रिपोर्ट अजमेर प्रयोगशाला से आने के बाद ही गुणवत्ता का अंतिम फैसला होगा। रिपोर्ट प्रतिकूल आने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई तय की जाएगी।\n• व्यापारियों के लिए: खाद्य सुरक्षा विभाग के इस अभियान के तहत दुकानदारों और गृह उद्योग संचालकों को स्वच्छता मानकों और वैध लाइसेंस नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। नियमों में लापरवाही पाए जाने पर सुधार नोटिस और जब्ती जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nदीपावली के दौरान खाद्य पदार्थों की भारी खपत को देखते हुए जिला प्रशासन ने मिलावटखोरी और अमानक निर्माण पर रोक लगाने के लिए यह कदम उठाया।\n\n• सीधा कारण: हरनी गांव स्थित राजश्री गृह उद्योग में बड़ी मात्रा में रखे कैरी के अचार के रखरखाव और गुणवत्ता में मानकों के उल्लंघन की आशंका थी। इसी सूचना पर जिला कलेक्टर के निर्देश के तहत टीम ने अचानक छापा मारा।\n• मौसमी पृष्ठभूमि: आम का अचार आमतौर पर गर्मियों में बनाया जाता है और पूरे साल इस्तेमाल होता है, जिसके चलते लंबे समय तक सुरक्षित रखने में तय मानकों की अनदेखी का अंदेशा बना रहता है। त्योहारों के नजदीक आते ही ऐसे पुराने स्टॉक को खपाने की कोशिशें बढ़ जाती हैं।\n• जिले में निगरानी मुहिम: त्योहारी सीजन में मिठाइयों, तेल, मसालों और बेकरी उत्पादों में मिलावट रोकने के लिए पूरे भीलवाड़ा जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी व्यापक अभियान के तहत अन्य प्रतिष्ठानों के साथ इस गृह उद्योग का भी औचक निरीक्षण किया गया।\n• आगामी प्रक्रिया: उठाए गए नमूनों को अजमेर प्रयोगशाला भेजा गया है ताकि वैज्ञानिक परीक्षण से यह साबित हो सके कि अचार नियमों के तहत तैयार किया गया था या नहीं। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की दंडात्मक कार्रवाई तय होगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. भीलवाड़ा के किस गांव में खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई की?\nखाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने भीलवाड़ा के हरनी गांव स्थित राजश्री गृह उद्योग पर यह कार्रवाई की।\n\n2. कार्रवाई के दौरान कितनी मात्रा में कैरी का अचार सीज किया गया?\nनिरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान से करीब 2520 किलोग्राम कैरी का अचार पकड़ा और सीज किया गया।\n\n3. यह छापेमारी किसके निर्देश पर की गई थी?\nयह कार्रवाई जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देश पर अमल में लाई गई।\n\n4. अचार के अलावा और किन-किन खाद्य वस्तुओं के नमूने लिए गए हैं?\nविशेष अभियान के तहत अन्य प्रतिष्ठानों से खाद्य तेल, मसालों, मिठाइयों और केक के नमूने भी लिए गए हैं।\n\n5. लिए गए नमूनों को जांच के लिए कहां भेजा गया है?\nसभी खाद्य नमूनों को जांच और गुणवत्ता परीक्षण के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला, अजमेर भेजा गया है।\n\n6. प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद क्या कार्रवाई होगी?\nजांच रिपोर्ट सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।",
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  "publishedAt": "2026-11-03",
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    "अजमेर प्रयोगशाला",
    "मिलावट जांच"
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