# भीलवाड़ा की मंजू धाबाई ने कैंसर पीड़ित महिलाओं की मदद के लिए दान किए अपने 30 इंच लंबे बाल

> राजस्थान के भीलवाड़ा में मंजू धाबाई ने दो वर्षों तक संवारे अपने 50 इंच लंबे बालों में से 30 इंच बाल कैंसर मरीजों के लिए विग बनाने हेतु दान कर दिए हैं।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/bhilwara-ki-manju-dhabai-ne-kainsara-pirita-mahilaon-ki-madada-ke-lie-dana-kie-apane-30-incha-lnbe-bala-42672 · **Language:** Hindi
**Tags:** भीलवाड़ा, हेयर डोनेशन, कैंसर विग, मंजू धाबाई, राजेश सेन, कीमोथेरेपी, राजस्थान

गंभीर बीमारी से जूझने वाले मरीजों के लिए शारीरिक उपचार के साथ-साथ मानसिक संबल भी बेहद जरूरी होता है। कैंसर के इलाज में कीमोथेरेपी के असर से मरीजों के सिर के बाल पूरी तरह झड़ जाते हैं, जिससे खासकर महिलाओं को गहरे भावनात्मक तनाव और आत्मसम्मान में कमी का सामना करना पड़ता है। राजस्थान के भीलवाड़ा की निवासी मंजू धाबाई ने इस मूक पीड़ा को करीब से महसूस किया और इन पीड़ित महिलाओं का खोया हुआ भरोसा लौटाने के उद्देश्य से एक सराहनीय कदम उठाया। उन्होंने पिछले दो साल से अपने बाल नहीं कटवाए थे, जिनकी कुल लंबाई बढ़कर लगभग 50 इंच तक पहुंच गई थी। अब उन्होंने अपने इन लंबे और घने बालों में से 30 इंच हिस्सा कैंसर पीड़ित महिलाओं के लिए विग तैयार करने हेतु दान कर दिया है।

## दो साल पहले लिया था बाल बढ़ाने का दृढ़ संकल्प
मंजू धाबाई के अनुसार लगभग दो वर्ष पहले उनका सामना ऐसी कैंसर पीड़ित महिलाओं से हुआ था, जो इलाज के दौरान अपने बाल खो चुकी थीं। उन महिलाओं के चेहरों पर पसरी मायूसी और मानसिक पीड़ा ने उनके दिल को गहराई से झकझोर दिया। उसी क्षण उन्होंने मन बना लिया कि वह इन महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लौटाने के लिए कुछ ठोस प्रयास करेंगी। इसके बाद उन्होंने अपने बालों को प्राकृतिक रूप से बढ़ाने का फैसला किया। अगले दो सालों तक उन्होंने कैंची को अपने बालों के पास भी नहीं फटकने दिया। उनका एकमात्र उद्देश्य यही था कि जब बाल पर्याप्त लंबे हो जाएं, तो उन्हें दान कर दिया जाए ताकि जरूरतमंद महिलाओं के लिए प्राकृतिक विग तैयार की जा सके और वे समाज में दोबारा पूरे आत्मविश्वास के साथ खड़ी हो सकें।

## दान किए गए बालों से तैयार होंगी दो उच्च गुणवत्ता वाली विग
विशेषज्ञों के आकलन के अनुसार, मंजू द्वारा दान किए गए 30 इंच लंबे बालों से उच्च गुणवत्ता की लगभग दो विग आसानी से बनाई जा सकती हैं। आम तौर पर बाजार में प्राकृतिक बालों से बनने वाली अच्छी विग काफी महंगी होती हैं। ऐसे में दान किए गए असली बाल सीधे उन मरीजों तक पहुंचते हैं, जो आर्थिक तंगी के कारण इन्हें खरीद पाने में पूरी तरह असमर्थ होते हैं।

## हेयर स्टाइलिस्ट राजेश सेन की प्रेरणा और मुहिम
मंजू धाबाई के इस परोपकारी संकल्प को पूरा करने में भीलवाड़ा के जाने-माने हेयर और मेकअप आर्टिस्ट राजेश सेन ने अहम भूमिका निभाई है। राजेश सेन लंबे समय से समाज के लोगों, विशेषकर महिलाओं को कैंसर पीड़ितों की मदद के लिए हेयर डोनेशन से जोड़ने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इस नेक कार्य को अपने जीवन का एक बड़ा लक्ष्य बना रखा है। अपनी इस सामाजिक पहल के जरिए वह अब तक 100 से अधिक महिलाओं के बाल कैंसर पीड़ितों के उपयोग हेतु दान करवा चुके हैं। राजेश सेन ने बताया कि जब मंजू उनके पास पहुंचीं, तो उनके 50 इंच लंबे बाल देखकर वह भी चकित रह गए। उन्होंने मंजू के इस विचार की सराहना की और उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए और अधिक प्रेरित किया, जिसके बाद उनके 30 इंच बाल विग निर्माण के लिए सुरक्षित किए गए।

## महंगे विग के दौर में आर्थिक और मानसिक सहारा
कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का चिकित्सकीय इलाज पहले ही अत्यधिक लंबा और बेहद खर्चीला होता है। इसके चलते अधिकांश परिवारों का बजट पहले से ही चरमरा जाता है। इलाज के दौरान कीमोथेरेपी की भारी दवाओं के प्रभाव से जब बाल गिरते हैं, तो महिलाओं पर इसका बहुत गहरा मनोवैज्ञानिक असर पड़ता है। बाजार में प्राकृतिक दिखने वाले एक अच्छे विग की कीमत करीब 30 हजार रुपये तक पहुंच जाती है। किसी भी सामान्य आय वर्ग वाले परिवार के लिए इलाज के भारी खर्च के बीच 30 हजार रुपये अतिरिक्त जुटाकर विग खरीदना संभव नहीं होता। ऐसे में बिना किसी स्वार्थ के बालों का दान करना जरूरतमंद महिलाओं के लिए एक बहुत बड़ा सहारा बन जाता है। भीलवाड़ा शहर से शुरू हुआ यह संवेदनशील प्रयास समाज में नई प्रेरणा जगा रहा है और पीड़ित महिलाओं के सम्मान को पुनर्स्थापित कर रहा है।

## इसका आप पर असर
इस पहल से समाज में कैंसर मरीजों की भावनात्मक जरूरतों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ती है और हेयर डोनेशन को प्रोत्साहन मिलता है।

- **भारत में:** कैंसर पीड़ित महिलाओं के लिए मुफ्त या किफायती विग उपलब्ध कराने के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ेगी। इससे अन्य नागरिकों को भी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए हेयर डोनेशन जैसी पहलों से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी।
- **भीलवाड़ा में:** स्थानीय स्तर पर हेयर डोनेशन की सुविधा मिलने से जिले के लोगों को समाज सेवा का सीधा मंच प्राप्त हुआ है। हेयर स्टाइलिस्ट राजेश सेन की इस मुहिम से जुड़कर स्थानीय महिलाएं बिना किसी वित्तीय बोझ के कैंसर पीड़ितों का सहारा बन सकती हैं।
- **मरीजों के परिवारों के लिए:** बाजार में 30 हजार रुपये तक मिलने वाली विग के मुकाबले दान किए गए बालों से बनी विग मरीजों को बड़ा आर्थिक संबल देती है। इससे इलाज के भारी खर्च के बीच परिवारों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव नहीं पड़ता।
- **भावनात्मक स्वास्थ्य पर:** कीमोथेरेपी के दौरान बाल खोने वाली महिलाओं को प्राकृतिक विग मिलने से उनका आत्मसम्मान और सामाजिक आत्मविश्वास फिर से लौट आता है। वे बिना किसी संकोच या तनाव के सामान्य दिनचर्या में भाग ले सकती हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
यह कदम कैंसर मरीजों की शारीरिक स्थिति के साथ-साथ उनके मानसिक दर्द को समझने और महंगे विग के विकल्प तैयार करने के उद्देश्य से उठाया गया।

- **सीधा कारण:** मंजू धाबाई ने दो साल पहले कैंसर पीड़ित महिलाओं को बिना बालों के और गहरे तनाव में देखा था। उनके चेहरे की मायूसी देखकर उन्होंने खुद बाल बढ़ाकर उन्हें दान करने का फैसला किया।
- **आर्थिक परिस्थितियां:** बाजार में प्राकृतिक बालों वाली अच्छी विग की कीमत लगभग 30 हजार रुपये तक होती है। आम परिवारों के लिए कैंसर के महंगे इलाज के साथ इसे खरीदना संभव नहीं होता, जिसके चलते बाल दान करने की आवश्यकता महसूस हुई।
- **स्थानीय प्रोत्साहन:** भीलवाड़ा के हेयर आर्टिस्ट राजेश सेन लंबे समय से हेयर डोनेशन का मिशन चला रहे हैं। उनकी निरंतर प्रेरणा के कारण ही मंजू अपने 30 इंच लंबे बाल दान करने के संकल्प को सफलतापूर्वक पूरा कर सकीं।

## सवाल-जवाब

### 1. मंजू धाबाई कहां की रहने वाली हैं?
मंजू धाबाई राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की रहने वाली हैं।

### 2. मंजू धाबाई ने कितने इंच बाल दान किए हैं?
उन्होंने अपने 50 इंच लंबे बालों में से 30 इंच बाल कैंसर पीड़ित महिलाओं के लिए दान किए हैं।

### 3. मंजू ने कितने समय तक अपने बाल नहीं कटवाए थे?
उन्होंने करीब दो साल तक अपने बाल नहीं कटवाए ताकि वे दान करने योग्य लंबाई तक पहुंच सकें।

### 4. दान किए गए 30 इंच बालों से कितनी विग तैयार हो सकती हैं?
इन बालों से अच्छी गुणवत्ता की लगभग दो विग आसानी से तैयार की जा सकती हैं।

### 5. भीलवाड़ा के हेयर आर्टिस्ट राजेश सेन की इस काम में क्या भूमिका है?
राजेश सेन हेयर डोनेशन का मिशन चलाते हैं और उन्होंने मंजू को प्रेरित करने के साथ-साथ अब तक 100 से अधिक महिलाओं के बाल दान करवाए हैं।

### 6. बाजार में एक अच्छी प्राकृतिक विग की कीमत कितनी होती है?
बाजार में प्राकृतिक बालों वाली एक अच्छी विग की कीमत करीब 30 हजार रुपये तक होती है।

## प्रेरणा और सबक
मंजू धाबाई का यह प्रयास दर्शाता है कि बिना बड़े धन खर्च के भी सिर्फ दृढ़ संकल्प और करुणा के जरिए किसी की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

- **सहानुभूति को कर्म में बदलना:** दूसरों के दर्द को केवल महसूस करने के बजाय उसके समाधान के लिए आगे आना चाहिए। मंजू ने मरीजों की उदासी देखकर तुरंत मदद का रास्ता चुना।
- **धैर्य और अनुशासन:** किसी नेक मकसद को पूरा करने के लिए लंबा इंतजार और अनुशासन जरूरी होता है। मंजू ने पूरे दो साल तक अपने बालों की देखभाल की और उन्हें 50 इंच तक बढ़ने दिया।
- **संसाधनों से परे परोपकार:** दान करने के लिए सिर्फ पैसों की जरूरत नहीं होती, बल्कि हमारे पास मौजूद साधन भी किसी के काम आ सकते हैं। अपने बाल दान करके मंजू ने एक मिसाल कायम की।
- **सामाजिक मुहिम को बल देना:** राजेश सेन जैसे समाजसेवियों के साथ जुड़कर व्यक्तिगत प्रयास को व्यापक प्रभाव में बदला जा सकता है। सामूहिक सोच से ही 100 से ज्यादा महिलाएं इस अभियान से जुड़ सकीं।

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