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  "type": "article",
  "title": "भिवाड़ी के खिजूरीबास टोल पर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, सरकार को 4 महीने का समय",
  "summary": "राजस्थान हाईकोर्ट ने भिवाड़ी के खिजूरीबास टोल प्लाजा को स्थानांतरित करने के लिए राज्य सरकार को चार महीने की समय सीमा तय की है। यह राहत की खबर स्थानीय निवासियों और उद्योगों के कर्मचारियों के लिए है जो लंबे समय से जाम और अतिरिक्त टोल शुल्क की समस्या से जूझ रहे थे।",
  "content": "अलवर जिले के प्रमुख औद्योगिक केंद्र भिवाड़ी में काम करने वाले हजारों श्रमिकों और उद्यमियों के लिए खिजूरीबास टोल प्लाजा हमेशा से एक बड़ी समस्या रहा है। औद्योगिक इकाइयों में आने-जाने वाले लोगों को रोजाना इस टोल पर न केवल लंबे जाम का सामना करना पड़ता था, बल्कि कम दूरी तय करने के बावजूद शुल्क भी देना पड़ता था। स्थानीय निवासियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और उद्योगपतियों ने इस टोल को नगर परिषद की सीमा से बाहर ले जाने की मांग कई बार उठाई थी। जनता की परेशानियों को देखते हुए प्रशासन ने पहले टोल को मसीत गांव में शिफ्ट करने की योजना बनाई थी और इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी आरंभ की गई थी। हालांकि, लंबे समय तक काम पूरा न होने के कारण मामला राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ तक पहुंच गया।\n\nचार महीने में प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश\nभिवाड़ी के निवासी डॉ. अनिल कुमार सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़े निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि सरकार को आगामी चार महीने के भीतर टोल प्लाजा को स्थानांतरित करने की संपूर्ण आवश्यक कार्रवाई पूरी करनी होगी। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि मसीत गांव में शिफ्टिंग के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अदालत ने राज्य सरकार, राजस्थान रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (RIDCOR) और नगर परिषद भिवाड़ी को पक्षकार बनाते हुए अपना आदेश दिया। इस न्यायिक हस्तक्षेप से अब शहरवासियों में यह उम्मीद जगी है कि जल्द ही उन्हें इस टोल से राहत मिलेगी।\n\n90 किलोमीटर के सफर में तीन टोल की मार\nभिवाड़ी से अलवर के बीच के 90 किलोमीटर लंबे मेगा हाईवे पर वर्तमान में तीन टोल प्लाजा काम कर रहे हैं, जो मानकों के विपरीत हैं। सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार दो टोल प्लाजा के बीच की न्यूनतम दूरी 60 किलोमीटर होनी चाहिए, लेकिन इस मार्ग पर स्थिति अलग है। इस रोड पर पहला टोल खिजूरीबास में है, दूसरा करीब 29 किलोमीटर दूर तिजारा में और तीसरा उससे महज 31 किलोमीटर दूर पापड़ी में स्थित है। इस तरह एक ही यात्रा में यात्रियों को तीन अलग-अलग टोल शुल्क चुकाने पड़ते हैं।\n\nस्थानीय औद्योगिक क्षेत्र का बढ़ता विस्तार\nभिवाड़ी से टपूकड़ा के बीच का क्षेत्र तेजी से एक बड़े औद्योगिक हब के रूप में उभरा है। होंडा चौक से लेकर खुशखेड़ा, कारोली और सलारपुर तक जाने वाला यह मार्ग सबसे अधिक व्यस्त रहता है। भिवाड़ी से टपूकड़ा तक के बीच कई नई आवासीय सोसायटियां भी विकसित हो चुकी हैं, जिससे वहां ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ गया है। औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारी और स्थानीय लोग टोल के कारण न केवल आर्थिक बोझ उठा रहे हैं, बल्कि समय की बर्बादी से भी परेशान हैं। प्रशासन द्वारा मसीत गांव में टोल शिफ्ट करने की कवायद शुरू करने से अब इस व्यस्त मार्ग के उपयोगकर्ताओं को अपनी यात्रा सुगम होने की आशा है।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: नई सड़क गाइडलाइंस के अनुसार टोल प्लाजा के बीच की दूरी कम होने से आम यात्रियों पर आर्थिक बोझ कम होने की उम्मीद है।\n\nभिवाड़ी में: स्थानीय कर्मचारियों और निवासियों के लिए रोजाना के सफर में लगने वाला समय और अतिरिक्त टोल खर्च में बचत होगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. खिजूरीबास टोल को शिफ्ट करने का आदेश किसने दिया है?\nराजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने खिजूरीबास टोल प्लाजा को स्थानांतरित करने का आदेश दिया है।\n\n2. सरकार को टोल शिफ्ट करने के लिए कितना समय दिया गया है?\nअदालत ने राज्य सरकार को अधिकतम चार महीने के भीतर टोल शिफ्ट करने की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।\n\n3. यह टोल कहाँ शिफ्ट किया जाएगा?\nयोजना के अनुसार टोल प्लाजा को मसीत गांव में स्थानांतरित किया जाएगा।\n\n4. भिवाड़ी से अलवर के रास्ते में कितने टोल हैं?\n90 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर कुल तीन टोल प्लाजा स्थित हैं।",
  "url": "https://trendkia.com/rajasthan/bhiwadi-ke-khijuribas-toll-par-high-court-ka-bada-aadesh-6779",
  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-07-11",
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    "भिवाड़ी",
    "राजस्थान हाईकोर्ट",
    "खिजूरीबास टोल",
    "अलवर",
    "सड़क परिवहन"
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  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
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