भिवाड़ी के सांथलका में पैकेजिंग इकाई आग की चपेट में आई, कर्मचारियों की सूझबूझ से बचीं जानें खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी स्थित सांथलका औद्योगिक क्षेत्र की डीए पैकेजिंग कंपनी में आग लगने से हड़कंप मच गया, हालांकि सभी कामगारों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया। राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले में स्थित प्रमुख औद्योगिक केंद्र भिवाड़ी के सांथलका इलाके में एक पैकेजिंग फैक्ट्री में अचानक भीषण आग भड़क उठी। यह हादसा डीए पैकेजिंग कंपनी के परिसर में हुआ, जहाँ देखते ही देखते आसमान में काले धुएं का विशाल गुबार छा गया और आग की लपटें काफी ऊंचाई तक उठने लगीं। लपटें और धुआं दूर से ही साफ नजर आ रहे थे, जिसके चलते पूरे औद्योगिक क्षेत्र में काम कर रहे लोगों के बीच डर और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। ज्वलनशील सामग्री के कारण तेजी से भड़की आग इस औद्योगिक इकाई में मुख्य रूप से गत्ते के डिब्बे और अन्य पैकेजिंग सामान तैयार किए जाते हैं। परिसर के भीतर भारी मात्रा में सूखा गत्ता, कागज और संबंधित कच्चा माल जमा था। अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री मौजूद होने की वजह से लपटों ने पलक झपकते ही पूरी इमारत को अपने घेरे में ले लिया। आग की तीव्रता के साथ-साथ वहां से निकला जहरीला और दमघोंटू धुआं आसपास के समूचे वातावरण में फैल गया, जिसके परिणामस्वरूप आसपास की सड़कों और परिसरों में दृश्यता का स्तर काफी गिर गया। कर्मचारियों का सुरक्षित बचाव और खाली कराई गईं फैक्ट्रियां हादसे के वक्त फैक्ट्री के अंदर करीब आधा दर्जन श्रमिक रोजमर्रा के कामकाज में जुटे हुए थे। जैसे ही परिसर के एक हिस्से से धुआं और चिंगारियां उठती दिखाई दीं, वैसे ही सभी कर्मचारियों को बिना किसी देरी के तुरंत इमारत से बाहर निकाल लिया गया। त्वरित निकासी के चलते एक बड़ा जानी नुकसान होने से टल गया। घटना की गंभीरता को भांपते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा की दृष्टि से आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों को भी फौरन खाली करने का आदेश दिया। सभी श्रमिकों को घटनास्थल से काफी दूर एक सुरक्षित स्थान पर रोक दिया गया ताकि यदि आग पास की इमारतों तक पहुंचे तो किसी को आंच न आए। अग्निशमन कर्मियों का अभियान और इलाके की घेराबंदी हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस का दस्ता मौके पर आ पहुंचा और तुरंत दमकल विभाग को अलर्ट भेजा गया। कुछ ही देर में दमकल की कई गाड़ियां सांथलका औद्योगिक क्षेत्र में पहुंच गईं और दमकलकर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए चारों तरफ से पानी की बौछारें शुरू कर दीं। राहत और बचाव कार्यों को निर्बाध रूप से संचालित करने के लिए पुलिस ने प्रभावित फैक्ट्री के आसपास के पूरे रास्ते की घेराबंदी कर दी ताकि आम लोगों और अनावश्यक वाहनों की आवाजाही को रोका जा सके। शॉर्ट सर्किट की आशंका और नुकसान की स्थिति घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती निरीक्षण के आधार पर यह अंदेशा जताया जा रहा है कि यह हादसा संभवतः शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ। हालांकि आग लगने के पुख्ता कारणों की पुष्टि अग्निशमन विभाग और संबंधित तकनीकी दलों की मुकम्मल जांच के बाद ही हो सकेगी। भारी मात्रा में तैयार माल, कच्चे गत्ते और मशीनरी के जल जाने से कंपनी को भारी आर्थिक क्षति पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। फिलहाल स्थिति को सामान्य बनाने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद बना हुआ है। इसका आप पर असर औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों और आसपास के प्रतिष्ठानों के लिए यह घटना कार्यस्थल सुरक्षा और त्वरित आपातकालीन प्रतिक्रिया की महत्ता को रेखांकित करती है। • खैरथल-तिजारा और भिवाड़ी में: सांथलका औद्योगिक क्षेत्र की संबंधित लेन में सुरक्षा और मलबा हटाने के कार्यों के चलते स्थानीय यातायात प्रभावित हो सकता है। आसपास की फैक्ट्रियों के प्रबंधकों को अपने परिसरों में अग्निशमन उपकरणों और आपातकालीन निकासी मार्गों की तुरंत समीक्षा करनी होगी। • औद्योगिक कामगारों के लिए: ज्वलनशील सामग्री वाली फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों को सतर्क रहने और अलार्म बजते ही तुरंत बाहर निकलने के नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। समय पर परिसर खाली करने से जान का जोखिम पूरी तरह टाला जा सकता है। • फैक्ट्री संचालकों के लिए: गत्ता, प्लास्टिक और कागज का भंडारण करने वाली इकाइयों को विद्युत वायरिंग की नियमित जांच करानी चाहिए ताकि शॉर्ट सर्किट से बचा जा सके। परिसर में पर्याप्त मात्रा में चालू हालत वाले अग्निशामक यंत्र रखना कानूनी व व्यावहारिक रूप से अनिवार्य है। • पर्यावरण और वायु गुणवत्ता पर: प्लास्टिक और गत्ते के जलने से निकला घना धुआं स्थानीय वायु गुणवत्ता को कुछ समय के लिए खराब कर सकता है। पास के इलाकों के निवासियों और श्रमिकों को सांस की तकलीफ से बचने के लिए बाहर निकलते समय मास्क पहनने की सलाह दी जाती है। ऐसा क्यों हुआ यह अग्निकांड पैकेजिंग सामग्री के अत्यधिक ज्वलनशील होने और प्रारंभिक तौर पर संदिग्ध विद्युत खराबी की वजह से घटित हुआ। • संभावित तकनीकी खराबी: शुरुआती प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर मौजूद कर्मियों के आकलन के अनुसार आग लगने का प्राथमिक कारण विद्युत तारों में शॉर्ट सर्किट होना माना जा रहा है। हालांकि वास्तविक और प्रमाणित कारण का पता आग पूरी तरह ठंडी होने के बाद होने वाली तकनीकी जांच से ही चल सकेगा। • ज्वलनशील सामग्री की अधिकता: परिसर में पैकेजिंग डिब्बे तैयार करने के लिए प्रचुर मात्रा में सूखा गत्ता और कागज मौजूद था। इस तरह का सूखा कच्चा माल आग पकड़ते ही ईंधन की तरह काम करता है, जिससे चिंगारी को विकराल लपटों में बदलने में महज कुछ ही मिनट लगे। • धुएं का तेजी से प्रसार: सूखे गत्ते और पैकेजिंग सामग्री के सुलगने से बेहद घना और जहरीला धुआं उत्पन्न हुआ। उचित वेंटिलेशन और खुले रास्तों के बावजूद अंदरूनी भंडारण के कारण पूरे ढांचे में धुएं का गुबार भर गया। सवाल-जवाब 1. यह आग किस जगह और किस कंपनी में लगी? यह हादसा राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले में भिवाड़ी के सांथलका औद्योगिक क्षेत्र स्थित डीए पैकेजिंग कंपनी में हुआ। 2. हादसे के समय फैक्ट्री के अंदर कितने मजदूर मौजूद थे? आग भड़कने के दौरान इमारत के भीतर करीब आधा दर्जन मजदूर काम कर रहे थे। 3. क्या इस घटना में कोई हताहत हुआ है? नहीं, आग लगते ही सभी कर्मचारियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। 4. आग इतनी तेजी से क्यों फैल गई? फैक्ट्री में भारी मात्रा में सूखा गत्ता और पैकेजिंग सामग्री जमा थी, जो बेहद ज्वलनशील होने के कारण तेजी से जलने लगी। 5. आग लगने की प्राथमिक वजह क्या मानी जा रही है? शुरुआती जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। https://trendkia.com/rajasthan/bhiwadi-ke-santhalaka-men-paikejinga-ikai-aga-ki-chapeta-men-ai-karmachariyon-ki-sujhabujha-se-bachin-janen-49936 TrendKia — Har trend, sabse pehle.