# बिजली का करंट लगने से मासूम की मौत, दौसा के ठीकरिया में मुआवजे और कार्रवाई की मांग पर अड़े ग्रामीण

> दौसा जिले के ठीकरिया गांव में करंट से बच्चे राहुल योगी की मौत के बाद ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार रोक दिया है। ग्रामीण बिजली विभाग के लापरवाह अफसरों पर सख्त कानूनी कदम उठाने और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/bijali-ka-karnta-lagane-se-masuma-ki-mauta-dausa-ke-thikariya-men-muavaje-aura-karravai-ki-manga-para-are-gramina-41428 · **Language:** Hindi
**Tags:** दौसा, ठीकरिया, करंट से मौत, राहुल योगी, बिजली विभाग, राजस्थान पुलिस, दौसा कलेक्ट्रेट

दौसा जिले के ठीकरिया गांव में गुरुवार को उस समय तनाव का माहौल बन गया, जब करंट की चपेट में आने से जान गंवाने वाले एक बच्चे का पार्थिव शरीर पोस्टमार्टम के बाद गांव लाया गया। मृतक बालक की पहचान राहुल योगी के रूप में हुई है। शव के गांव में पहुंचते ही सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण एकत्र हो गए और उन्होंने अंतिम संस्कार करने से साफ मना कर दिया। ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता नहीं मिलती, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

## हादसे के बाद जयपुर में तोड़ा दम
यह दुखद घटनाक्रम मंगलवार को शुरू हुआ था, जब राहुल योगी अचानक बिजली के करंट की चपेट में आ गया था। करंट लगने की वजह से मासूम की हालत बेहद नाजुक हो गई थी। स्थानीय स्तर पर प्राथमिक देखभाल के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत जयपुर रेफर कर दिया था। जयपुर के अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझते हुए इलाज के दौरान बच्चे ने दम तोड़ दिया। वहां चिकित्सकों द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को परिजनों को सौंपा गया।

## कलेक्ट्रेट कूच की तैयारी और पुलिस की सतर्कता
घटना के बाद से ही ग्रामीणों और परिजनों में बिजली विभाग के प्रति भारी गुस्सा देखा जा रहा था। ग्रामीणों की प्राथमिक योजना थी कि वे जयपुर से शव प्राप्त करने के बाद सीधे दौसा जिला कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे और शव को सामने रखकर जोरदार विरोध प्रदर्शन करेंगे। वे जिला प्रशासन के समक्ष बिजली विभाग के दोषी कर्मियों पर सख्त कार्रवाई और परिवार के लिए मुआवजे की गुहार सीधे तौर पर लगाना चाहते थे।

हालांकि, इस संभावित उग्र प्रदर्शन को भांपते हुए पुलिस प्रशासन पहले से ही पूरी तरह सतर्क हो गया। कलेक्ट्रेट पर किसी भी प्रकार के गतिरोध या जाम की आशंका को टालने के लिए पुलिस बल की कड़ी निगरानी में शव वाहन को जयपुर से सीधे कलेक्ट्रेट ले जाने के बजाय ठीकरिया गांव पहुंचा दिया गया।

## गांव में पुलिस छावनी जैसा माहौल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
जैसे ही शव ठीकरिया पहुंचा, ग्रामीणों का रोष और अधिक गहरा गया। ग्रामीणों के अड़ियल रुख और माहौल की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग ने गांव में सुरक्षा के अभूतपूर्व बंदोबस्त किए हैं। मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नांगल, सदर और कोतवाली थाना क्षेत्रों के थानाधिकारी स्वयं मौजूद हैं। इसके अतिरिक्त स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए क्यूआरटी यानी त्वरित प्रतिक्रिया दल और भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है।

## प्रशासन और ग्रामीणों के बीच वार्ता का दौर जारी
वर्तमान में बालक का शव ठीकरिया गांव में रखा हुआ है और माहौल में तनाव बना हुआ है। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार आक्रोशित ग्रामीणों के साथ बातचीत कर रहे हैं ताकि उन्हें समझा-बुझाकर गतिरोध को खत्म कराया जा सके और बच्चे का अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। ग्रामीण अपनी दो टूक मांग पर टिके हैं कि मासूम की जान लेने वाले बिजली विभाग के लापरवाह तंत्र को बख्शा न जाए और गरीब परिवार को उचित आर्थिक राहत राशि मुहैया कराई जाए।

## इसका आप पर असर
बिजली के खुले या असुरक्षित तारों की लापरवाही ग्रामीण इलाकों में आम जनता और विशेष रूप से बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है।

- **भारत में:** सार्वजनिक स्थानों पर विद्युत लाइनों के रखरखाव में ढिलाई होने पर उपभोक्ता बिजली विभाग के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। विभाग की लापरवाही से जानमाल के नुकसान पर तय नियमों के तहत प्रशासनिक मुआवजे का दावा किया जा सकता है।
- **दौसा में:** ठीकरिया और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस तैनाती के कारण कानून-व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। स्थानीय निवासियों को इलाके में संभावित गतिरोध और रूट डायवर्जन के प्रति सतर्क रहना चाहिए।
- **पीड़ित परिवारों के लिए:** ऐसे मामलों में प्रशासनिक और विभागीय स्तर पर आर्थिक सहायता व अनुग्रह राशि पाने का प्रावधान होता है। परिवार विधिक और प्रशासनिक प्रक्रिया के जरिए अपनी मांग मजबूती से रख सकते हैं।
- **ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा:** खुले तारों या झूलते बिजली के खंभों की तुरंत संबंधित डिस्कॉम कार्यालय में लिखित शिकायत करनी चाहिए। सतर्कता बरतने से मासूम बच्चों को ऐसे घातक हादसों का शिकार होने से बचाया जा सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना मंगलवार को बच्चे के विद्युत प्रवाह की चपेट में आने और बाद में इलाज के दौरान दम तोड़ने से उपजे जनआक्रोश के कारण घटी।

- **सीधा कारण:** राहुल योगी नामक बच्चा मंगलवार को बिजली के करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी हालत अत्यंत गंभीर हो गई थी। जयपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिसके बाद ग्रामीणों का रोष फूट पड़ा।
- **आक्रोश की वजह:** ग्रामीणों का आरोप है कि यह हादसा बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही का परिणाम है। इसी वजह से वे जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार के लिए वित्तीय सहायता की मांग कर रहे हैं।
- **प्रशासनिक हस्तक्षेप:** ग्रामीणों द्वारा कलेक्ट्रेट पर शव रखकर प्रदर्शन करने की तैयारी को भांपते हुए पुलिस ने शव को सीधे गांव पहुंचाया, जिससे ग्रामीणों की नाराजगी और बढ़ गई और उन्होंने अंतिम संस्कार रोक दिया।

## सवाल-जवाब

### 1. ठीकरिया गांव में ग्रामीण अंतिम संस्कार क्यों नहीं कर रहे हैं?
ग्रामीण बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने और मृतक के परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा देने की मांग पर अड़े हैं।

### 2. करंट की चपेट में आने वाले बच्चे का क्या नाम था?
करंट की चपेट में आकर जान गंवाने वाले बच्चे का नाम राहुल योगी था।

### 3. बच्चे की मौत कहां और कब हुई?
मंगलवार को करंट लगने के बाद बच्चे को जयपुर रेफर किया गया था, जहां अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हुई।

### 4. ग्रामीणों की शुरुआती योजना क्या थी?
ग्रामीण बच्चे के शव को लेकर दौसा कलेक्ट्रेट जाना चाहते थे और वहां प्रशासन के समक्ष विरोध प्रदर्शन करने की योजना बना रहे थे।

### 5. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर कौन-कौन से सुरक्षा बल तैनात हैं?
मौके पर नांगल, सदर और कोतवाली थाना के एसएचओ, क्यूआरटी टीम और अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है।

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