# बीकानेर के बड़ा गणेश मंदिर में धोती पहनाने की अनूठी परंपरा, 400 वर्षों से जारी है जनआस्था

> बीकानेर में नत्थूसर गेट के बाहर स्थित बड़ा गणेश मंदिर अपनी 400 साल पुरानी परंपरा के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ भगवान गणेश को वस्त्र के रूप में धोती पहनाई जाती है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/bikaner-ke-bada-ganesh-mndira-men-dhoti-pahanane-ki-anuthi-parnpara-400-varshon-se-jari-hai-janaastha-31842 · **Language:** Hindi
**Tags:** बीकानेर, बड़ा गणेश मंदिर, धोती वाले गणेश जी, राजस्थान मंदिर, गणेश चतुर्थी, नत्थूसर गेट

राजस्थान के ऐतिहासिक शहर बीकानेर में नत्थूसर गेट के बाहर स्थित एक प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं की अगाध आस्था का केंद्र बना हुआ है। लगभग 400 वर्ष पुराने इस बड़ा गणेश मंदिर की सबसे अनोखी पहचान भगवान गणेश की प्रतिमा को धोती पहनाने की परंपरा है। इसी खास व्यवस्था और श्रृंगार की वजह से स्थानीय लोग और दूर-दराज से आने वाले भक्त भगवान विनायक को प्यार से 'धोती वाले गणेश जी' के नाम से पुकारते हैं।

## नत्थूसर गेट का 400 साल पुराना धार्मिक धरोहर
बीकानेर शहर में भगवान गणेश के कई मंदिर स्थित हैं, लेकिन नत्थूसर गेट के बाहर स्थित यह परिसर अपनी विशिष्ट परंपराओं के कारण सबसे अलग स्थान रखता है। इस मंदिर की स्थापना करीब चार शताब्दियों पहले हुई थी। इतने लंबे समय के बाद भी यह मंदिर अपने प्राचीन स्वरूप को बनाए हुए है। यहाँ प्रतिदिन भगवान गणेश का विशेष श्रृंगार किया जाता है, जिसमें उन्हें पारंपरिक धोती धारण कराई जाती है। यही अनूठी परंपरा इसे बीकानेर की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ती है।

## बुधवार और गणेश चतुर्थी पर उमड़ती है भारी भीड़
स्थानीय निवासियों के बीच यह दृढ़ मान्यता है कि इस दरबार में सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है। इसी विश्वास के कारण लोग किसी भी नए काम, व्यापार या शुभ अवसर की शुरुआत करने से पहले यहाँ माथा टेकने जरूर पहुंचते हैं। सप्ताह के हर बुधवार को, जो भगवान गणेश की पूजा के लिए विशेष माना जाता है, मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी पंक्तियां देखने को मिलती हैं। वहीं गणेश चतुर्थी और अन्य प्रमुख त्योहारों के मौके पर यहाँ भव्य सजावट, विशेष पूजा और महाआरती का आयोजन किया जाता है।

## परंपरा और जनआस्था का अटूट संगम
दशकों से चली आ रही लोककथाओं और व्यक्तिगत अनुभवों ने इस मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं की श्रद्धा को और गहरा किया है। विघ्नहर्ता के आशीर्वाद से काम में आने वाली रुकावटें दूर होने का अटूट विश्वास ही है कि सालों से लोग नियमित रूप से यहाँ दर्शन के लिए आते हैं। नत्थूसर गेट के पास का यह पावन स्थल आज भी अपनी पुरानी सादगी और धार्मिक मूल्यों को संजोए हुए है, जहाँ धोती वाले गणेश जी का आशीर्वाद पाने हर दिन सैकड़ों भक्त पहुँचते हैं।

## इसका आप पर असर
बीकानेर के इस ऐतिहासिक मंदिर की परंपराएं धार्मिक पर्यटन और स्थानीय सांस्कृतिक ताने-बाने को सुदृढ़ करती हैं।

- **भारत भर के श्रद्धालुओं के लिए:** राजस्थान आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए यह मंदिर एक अनूठा सांस्कृतिक अनुभव प्रस्तुत करता है। यहाँ की प्राचीन पोशाक परंपरा भारतीय मंदिर संस्कृति की विविधता को दर्शाती है।
- **बीकानेर (राजस्थान) में:** स्थानीय निवासियों के लिए यह मंदिर नए कार्यों और व्यावसायिक गतिविधियों की शुरुआत का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। नत्थूसर गेट क्षेत्र में बुधवार और गणेश चतुर्थी पर श्रद्धालुओं की आवाजाही से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलता है।

## ऐसा क्यों हुआ
बीकानेर का बड़ा गणेश मंदिर लगभग चार शताब्दियों से अपनी अनूठी परंपरा और धार्मिक महत्व के कारण चर्चा में रहा है।

- **प्राचीन निर्माण और अवस्थिति:** यह मंदिर लगभग 400 वर्ष पूर्व बीकानेर के नत्थूसर गेट के बाहर स्थापित किया गया था, जिससे यह शहर के पुराने प्रवेश मार्गों से जुड़ा एक प्रमुख स्थान बना।
- **विशेष पोशाक परंपरा:** मंदिर में भगवान गणेश की प्रतिमा को पारंपरिक धोती पहनाकर श्रृंगार करने का प्रचलन शुरू हुआ, जिससे इन्हें 'धोती वाले गणेश जी' का विशिष्ट नाम मिला।
- **मनोकामना पूर्ति का विश्वास:** श्रद्धालुओं का मानना है कि यहाँ सच्चे मन से की गई प्रार्थनाएं स्वीकार होती हैं, जिसके चलते पीढ़ियों से लोग शुभ काम से पहले यहाँ आशीर्वाद लेते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. बड़ा गणेश मंदिर बीकानेर में कहाँ स्थित है?
यह मंदिर राजस्थान के बीकानेर शहर में नत्थूसर गेट के बाहर स्थित है।

### 2. बीकानेर का बड़ा गणेश मंदिर कितना पुराना है?
इस ऐतिहासिक मंदिर का निर्माण लगभग 400 साल पहले हुआ था।

### 3. इस मंदिर के गणेश जी को 'धोती वाले गणेश जी' क्यों कहा जाता है?
भगवान गणेश की प्रतिमा को पारंपरिक धोती धारण कराने की अनूठी परंपरा के कारण भक्त इन्हें धोती वाले गणेश जी कहते हैं।

### 4. मंदिर में किन दिनों में श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ होती है?
हर बुधवार और गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगती हैं।

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