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  "type": "article",
  "title": "बीकानेर में करवा चौथ पर छाई चीनी के करवे की रौनक, सिर्फ दस दिन के कारोबार में पांच हजार पीस की मांग",
  "summary": "बीकानेर में करवा चौथ के पर्व पर चीनी से बने करवे की जबरदस्त मांग है। राजस्थान के अलावा पंजाब और हरियाणा तक इन करवों की आपूर्ति की जा रही है, जिन्हें बनाने का काम जोर-शोर से चल रहा है।",
  "content": "बीकानेर में करवा चौथ का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में चहल-पहल काफी बढ़ गई है। पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य के लिए रखे जाने वाले इस व्रत का महिलाओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व होता है। इस विशेष अवसर पर पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों के साथ-साथ चीनी से तैयार किए जाने वाले करवों की भी खासी मांग रहती है। बीकानेर शहर में इन दिनों चीनी के करवे बनाने का कार्य बहुत तेजी से चल रहा है। इन मीठे करवों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनका इस्तेमाल पूरे साल में केवल एक बार करवा चौथ के दिन ही पूजन के लिए किया जाता है। त्योहार से लगभग दस दिन पूर्व बनने की शुरुआत होने वाले ये विशेष करवे राजस्थान के तमाम जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा तक भी पहुंचाए जाते हैं।\n\nव्रत की परंपरा और इस बार की तारीख\nहिन्दू पंचांग के अनुसार करवा चौथ का यह पावन पर्व हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जल और निराहार रहकर कठोर उपवास रखती हैं। रात को चांद निकलने के बाद चंद्रमा का षोडशोपचार विधि से पूजन किया जाता है और उन्हें अर्घ्य अर्पित किया जाता है। इसके पश्चात पारंपरिक कथा सुनने के बाद महिलाएं अपना व्रत खोलती हैं। इस वर्ष करवा चौथ का यह पर्व 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा, जिसके चलते पर्व से काफी पहले ही बीकानेर में चीनी के करवे गढ़ने और उन्हें बाजारों तक सुरक्षित पहुंचाने की प्रक्रिया ने तेजी पकड़ ली है।\n\nबड़े पैमाने पर मिल रहे हैं आर्डर\nचीनी के करवे तैयार करने वाले व्यापारी विवेक अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि करवा चौथ पर पूजा-अर्चना के दौरान चीनी से बने करवे का प्रयोग शगुन के रूप में बहुत शुभ माना जाता है। इस पारंपरिक मांग को ध्यान में रखते हुए हर साल त्योहार से ठीक दस दिन पहले इनका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाता है। इस बार भी कारोबारियों को चीनी के करवे तैयार करने के लिए लगभग पांच हजार पीस का बड़ा आर्डर मिला है। ग्राहकों की भारी मांग को समय पर पूरा करने के लिए कारीगरों द्वारा रोजाना एक हजार से दो हजार करवे बनाए जा रहे हैं।\n\nनिर्माण प्रक्रिया और कीमत\nकारीगरों के अनुसार केवल एक चीनी का करवा पूरी तरह तैयार करने में लगभग 15 मिनट का समय लग जाता है। बाजार में इन मीठे करवों की कीमत करीब 30 रुपए प्रति पीस तय की गई है। इन्हें बनाने की प्रक्रिया में सबसे पहले शुद्ध चीनी को अच्छी तरह पिघलाया जाता है। इसके बाद तैयार किए गए इस मीठे घोल को करवे के आकार वाले सांचों में डाला जाता है। कुछ समय तक हवा में सुखाने के बाद तरल चीनी पूरी तरह जमकर करवे का ठोस आकार ले लेती है। इस प्रकार पूजा-पाठ में उपयोग होने वाला यह चीनी का करवा पूरी तरह बनकर तैयार हो जाता है।\n\nदूसरे राज्यों तक पहुंच रहे हैं करवे\nबीकानेर में तैयार होने वाले इन विशेष चीनी के करवों की लोकप्रियता केवल स्थानीय सीमाओं तक ही सीमित नहीं है। बीकानेर के शहरी इलाकों और ग्रामीण अंचलों के अलावा राजस्थान के अन्य कई जिलों में इनकी लगातार आपूर्ति की जाती है। इसके साथ ही पंजाब और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों से भी इन करवों की अच्छी खासी मांग बनी रहती है। जैसे-जैसे करवा चौथ का दिन पास आता है, इन मिठाइयों और बर्तनों के व्यवसायी पूरी तरह व्यस्त हो जाते हैं। अपने सभी ऑर्डर्स को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए कारीगर दिन-रात मेहनत करने में जुटे रहते हैं।\n\nकारखानों में होता है बड़े पैमाने पर उत्पादन\nचीनी से विभिन्न उत्पाद और वस्तुएं तैयार करने वाले व्यवसायियों ने जानकारी दी कि बीकानेर में हर साल करवा चौथ के पावन अवसर पर लगभग आधा दर्जन कारखानों में कुल मिलाकर पांच टन से भी अधिक चीनी का उपयोग करके करवे बनाए जाते हैं। इन्हें बनाने के लिए पहले चीनी की गाढ़ी चाशनी तैयार की जाती है और फिर उसे सांचों में भरा जाता है। इसके बाद इन्हें भली-भांति सुखाकर इस्तेमाल के योग्य बनाया जाता है। करवा चौथ के दिन चीनी के करवे के साथ-साथ पारंपरिक मिट्टी से बने करवे का भी अपना एक अलग धार्मिक महत्व होता है। व्रत रखने वाली महिलाएं पूजा के समय दोनों का उपयोग करती हैं। पर्व के दिन शहर के घर-घर में इन करवों की मांग रहती है और बाजारों में इनकी जमकर खरीदारी की जाती है।\n\nइसका आप पर असर\nकरवा चौथ के पर्व से जुड़े इस विशेष कारोबार का सीधा असर स्थानीय दुकानदारों, कारीगरों और त्योहारी खरीदारी करने वाले ग्राहकों पर पड़ता है।\n\n• बीकानेर में: स्थानीय कारीगरों और निर्माताओं को इस सीजन में पांच हजार पीस के बड़े ऑर्डर मिले हैं, जिससे उनके दस दिन के कारोबार को मजबूत गति मिलती है।\n• भारत में: व्रत रखने वाली महिलाओं को पूजा के लिए पारंपरिक चीनी के करवे 30 रुपए प्रति पीस की किफायती कीमत पर आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं।\n• बाजार के स्तर पर: राजस्थान के अलावा पंजाब और हरियाणा तक इन विशेष उत्पादों की आपूर्ति होने से क्षेत्रीय कारीगरों को बेहतर व्यावसायिक मुनाफा प्राप्त होता है।\n• आपूर्ति के संबंध में: रोजाना एक से दो हजार पीस तैयार करने के लिए कारीगरों को तय समय सीमा के भीतर अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ानी पड़ती है।\n• त्योहारी मांग: साल में सिर्फ एक बार उपयोग होने वाले इन उत्पादों की मांग के कारण त्योहार के दौरान कारखानों और बाजारों में विशेष चहल-पहल बनी रहती है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nकरवा चौथ पर चीनी के करवों की विशेष मांग और सीमित समय के कारोबार के पीछे पारंपरिक मान्यताएं और भौगोलिक आपूर्ति श्रृंखला जुड़ी हुई हैं।\n\n• धार्मिक परंपरा: करवा चौथ के व्रत में चीनी से बने करवे को शगुन के रूप में पूजने की प्राचीन परंपरा है, जिसके कारण महिलाएं हर साल इनकी खरीदारी करती हैं।\n• सीमित उत्पादन अवधि: यह उत्पाद साल में केवल एक बार उपयोग होता है, इसलिए कारीगर त्योहारी सीजन से ठीक दस दिन पहले ही इसका उत्पादन शुरू करते हैं।\n• उत्पादन का समय: प्रत्येक चीनी के करवे को सांचे में ढालकर सुखाने और तैयार करने में लगभग 15 मिनट का निश्चित तकनीकी समय लगता है।\n• बृहद मांग क्षेत्र: बीकानेर के अलावा राजस्थान के अन्य जिलों और पड़ोसी राज्यों पंजाब व हरियाणा में इस विशेष परंपरा का प्रसार होने से मांग काफी बढ़ जाती है।\n• कारखानों का योगदान: स्थानीय कारखानों में पांच टन से अधिक चीनी की चाशनी का उपयोग कर बड़े पैमाने पर करवों का निर्माण किया जाता है ताकि सभी ऑर्डर समय पर पूरे हो सकें।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. इस बार करवा चौथ का पर्व कब मनाया जाएगा?\nइस बार करवा चौथ का पर्व 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा।\n\n2. चीनी के करवे बनाने का कारोबार कितने दिनों का होता है?\nचीनी के करवे तैयार करने और बेचने का मुख्य कारोबार पर्व से करीब दस दिन पहले शुरू होता है।\n\n3. इस साल चीनी के करवों के कितने पीस का ऑर्डर मिला है?\nइस सीजन में दुकानदारों को चीनी के करवे बनाने के लिए लगभग पांच हजार पीस का ऑर्डर मिला है।\n\n4. बाजार में एक चीनी के करवे की कीमत कितनी है?\nबाजार में एक चीनी के करवे की कीमत करीब 30 रुपए है।\n\n5. एक चीनी का करवा तैयार करने में कितना समय लगता है?\nएक चीनी का करवा बनाने में लगभग 15 मिनट का समय लगता है।\n\n6. बीकानेर के अलावा ये करवे किन राज्यों में भेजे जाते हैं?\nबीकानेर में तैयार होने वाले ये करवे राजस्थान के विभिन्न जिलों के अलावा पंजाब और हरियाणा तक भेजे जाते हैं।\n\n7. त्योहार पर बीकानेर में कुल कितनी चीनी से करवे तैयार होते हैं?\nबीकानेर में हर साल करवा चौथ के अवसर पर करीब आधा दर्जन कारखानों में पांच टन से अधिक चीनी से करवे तैयार किए जाते हैं।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-10-27",
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    "करवा चौथ",
    "बीकानेर",
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