# बीकानेर के नापासर थाने में अनोखी पहल, मोहिता पारीक बनीं एक दिन की थानेदार

> रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बीकानेर के नापासर थाने में एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली, जहां 12वीं कक्षा की छात्रा मोहिता पारीक को एक दिन के लिए थानाधिकारी की कुर्सी सौंपी गई।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-08-29 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/bikanera-ke-napasar-thane-men-anokhi-pahala-mohita-parekh-banin-eka-dina-ki-thanedara-24216 · **Language:** Hindi
**Tags:** बीकानेर, नापासर थाना, महिला सशक्तिकरण, मोहिता पारीक, कविता पुनिया, रक्षाबंधन

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बीकानेर के नापासर थाने में महिला सशक्तिकरण और बेटियों के आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयां देने वाली एक अनूठी तस्वीर सामने आई। यहां कक्षा 12वीं में अध्ययनरत छात्रा मोहिता पारीक को प्रतीकात्मक रूप से एक दिन के लिए नापासर थाने की थानाधिकारी की कमान सौंपी गई। थानाधिकारी कविता पुनिया ने खुद अपनी कुर्सी से उठकर मोहिता को कुर्सी पर बैठाया, ताकि वह पुलिसिंग की कार्यप्रणाली को बहुत करीब से समझ सकें और समाज की अन्य बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा सके।

 

## थानाधिकारी की कुर्सी पर बैठकर दिए बेबाक जवाब

थानाधिकारी की कुर्सी संभालने के बाद मोहिता पारीक ने बेहद आत्मविश्वास के साथ पुलिस विभाग और कानून व्यवस्था से जुड़े तमाम सवालों के सटीक जवाब दिए। जब उनसे बीकानेर जिले के पुलिस अधीक्षक का नाम पूछा गया, तो उन्होंने तुरंत मृदुल कच्छवा का नाम बताया। इसके अलावा, पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने ऑपरेशन नीलकंठ की पूरी जानकारी दी। मोहिता ने इस दौरान महिला सुरक्षा से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों का भी जिक्र किया और लड़कियों को पूरी तरह सतर्क और जागरूक रहने की सलाह दी।

 

## मेहनत और लगन को बताया सफलता का एकमात्र रास्ता

एक दिन की थानाधिकारी बनने के अपने इस खास अनुभव को साझा करते हुए मोहिता ने इसे अपने जीवन का सबसे यादगार पल बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी की इस प्रतिष्ठित कुर्सी पर बैठना उनके लिए एक बिल्कुल नया और अद्भुत अनुभव रहा। मोहिता का मानना है कि जीवन में ऐसी बड़ी जिम्मेदारियों को हासिल करने के लिए कठिन परिश्रम, लगन और मन लगाकर पढ़ाई करना बेहद जरूरी है। उन्होंने क्षेत्र की सभी बेटियों को अपने जीवन के लक्ष्यों के प्रति गंभीर रहने और लगातार प्रयास करते रहने का मजबूत संदेश दिया।

 

## पुलिस कार्यप्रणाली और सुरक्षा उपायों पर हुई चर्चा

इस पूरे कार्यक्रम के दौरान थानाधिकारी कविता पुनिया ने मोहिता के साथ-साथ वहां उपस्थित अन्य बहनों को भी पुलिस विभाग के कामकाज के तरीके, महिला सुरक्षा और पुलिस सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने लड़कियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि किसी भी कठिन परिस्थिति या परेशानी के समय बिना किसी झिझक के पुलिस की मदद लेनी चाहिए और अपने कानूनी अधिकारों के प्रति हमेशा जागरूक रहना चाहिए। रक्षाबंधन के मौके पर नापासर थाने की इस पहल ने न सिर्फ बेटियों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि उन्हें पुलिस व्यवस्था के और करीब लाने का काम किया। एक दिन की थानाधिकारी बनकर मोहिता ने जहां एक ओर प्रशासनिक जिम्मेदारी का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया, वहीं दूसरी ओर इस आयोजन ने वहां मौजूद तमाम बेटियों के दिलों में बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की ललक पैदा कर दी।

## इसका आप पर असर
यह अनूठी पहल स्थानीय स्तर पर महिलाओं और छात्राओं में सुरक्षा और प्रशासनिक कार्यों को लेकर जागरूकता बढ़ाती है।

- **भारत में:** देश भर के थानों और प्रशासनिक संस्थानों में ऐसे कार्यक्रम लड़कियों में नेतृत्व क्षमता और पुलिस व्यवस्था के प्रति विश्वास जगाते हैं।

- **बीकानेर में:** नापासर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं का मनोबल बढ़ेगा और वे बिना किसी डर के पुलिस व प्रशासन से जुड़ सकेंगी।

## सवाल-जवाब

### 1. मोहिता पारीक कौन हैं?
मोहिता पारीक कक्षा 12वीं में पढ़ने वाली एक छात्रा हैं जिन्हें बीकानेर के नापासर थाने में एक दिन के लिए थानाधिकारी बनाया गया था।

### 2. यह घटना किस अवसर पर हुई?
यह अनूठी पहल रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर आयोजित की गई थी।

### 3. नापासर थाने की असली थानाधिकारी कौन हैं?
नापासर थाने की थानाधिकारी कविता पुनिया हैं जिन्होंने अपनी कुर्सी मोहिता को सौंपी थी।

### 4. मोहिता ने बीकानेर के पुलिस अधीक्षक का क्या नाम बताया?
मोहिता ने बीकानेर जिले के पुलिस अधीक्षक के रूप में मृदुल कच्छवा का नाम बताया।

### 5. पुलिस द्वारा चलाए जा रहे किस अभियान की जानकारी मोहिता ने दी?
मोहिता ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन नीलकंठ की जानकारी दी।

## प्रेरणा और सबक
मोहिता पारीक के एक दिन के थानाधिकारी बनने के सफर से युवा छात्रों के लिए कई महत्वपूर्ण सीख मिलती हैं।

- **कड़ी मेहनत और लगन:** जीवन में किसी भी बड़े मुकाम को हासिल करने के लिए निरंतर पढ़ाई और कठिन परिश्रम आवश्यक है।

- **आत्मविश्वास बनाए रखें:** हर जिम्मेदारी को बिना घबराए स्वीकार करने और पूरी दक्षता के साथ उसका सामना करने की क्षमता विकसित करें।

- **लक्ष्य के प्रति समर्पण:** अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास जारी रखें और आने वाली चुनौतियों से न डरें।

- **जागरूकता जरूरी:** अपने अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े उपायों की जानकारी रखना हर नागरिक का कर्तव्य है।

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