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  "title": "बीकानेर निकाय चुनाव में टिकट पर संग्राम, कांग्रेस नेताओं पर धोखाधड़ी का मुकदमा",
  "summary": "बीकानेर नगर निगम चुनावों के बीच कांग्रेस पार्टी में उम्मीदवारी का मामला गर्मा गया है। वार्ड नंबर 50 से टिकट न मिलने पर एक पूर्व पार्षद ने पार्टी के बड़े पदाधिकारियों समेत तीन लोगों पर धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा करने का गंभीर आरोप लगाया है।",
  "content": "राजस्थान के बीकानेर नगर निगम चुनाव के माहौल के बीच कांग्रेस पार्टी के भीतर टिकट वितरण को लेकर खड़ा हुआ विवाद अब थानों की दहलीज तक जा पहुंचा है। इस सियासी घमासान के केंद्र में वार्ड नंबर 50 का चुनावी मैदान है, जहां से प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को लेकर बड़ा बखेड़ा खड़ा हो गया है। पूर्व पार्षद दीपक अरोड़ा ने स्थानीय सदर थाने में औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल, देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग और इसी वार्ड से कांग्रेस के आधिकारिक प्रत्याशी बनाए गए नवरत्न डागा को नामजद आरोपी बनाया गया है। इस शिकायत के सामने आने के बाद से ही स्थानीय राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और विरोधी दलों को भी बैठे-बिठाए मुद्दा मिल गया है।\n\nटिकट पक्का होने के बाद पलटने का दावा\nदीपक अरोड़ा की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, वार्ड नंबर 50 से उनके बेटे मोहित अरोड़ा की उम्मीदवारी पर मुहर लग चुकी थी। उनका दावा है कि उन्होंने इस सिलसिले में पार्टी के जिला पर्यवेक्षकों के साथ-साथ पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल गहलोत से भी लंबी चर्चा की थी। अरोड़ा का कहना है कि पार्टी के जिम्मेदार लोगों ने उन्हें हरी झंडी देते हुए पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार में जुट जाने को कहा था। उनका आरोप है कि जब उनका परिवार चुनावी तैयारियों में व्यस्त था, तब अचानक पर्दे के पीछे से पूरी बाजी पलट दी गई। उनका कहना है कि शहर इकाई के प्रमुख और अन्य प्रबंधकों ने कथित तौर पर एक फर्जी और कूटरचित सिंबल तैयार करवाया और नवरत्न डागा को मैदान में उतार दिया।\n\nधोखाधड़ी और सिंबल चोरी के गंभीर आरोप\nपूर्व पार्षद ने अपनी शिकायत में सीधे तौर पर सिंबल चोरी और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप जड़े हैं। उनका तर्क है कि पुलिस की निष्पक्ष जांच से ही यह सच सामने आ सकेगा कि वार्ड नंबर 50 के लिए पार्टी का असली और पहला सिंबल आखिर किसके नाम पर जारी किया गया था और बाद में इसमें फेरबदल किस अधिकार के तहत किया गया। उनका यह भी कहना है कि उनके बेटे को प्रत्याशी बनाए जाने का भरोसा देकर चुनावी मैदान में उतारा गया था, लेकिन बाद में चालाकी से टिकट दूसरे व्यक्ति की झोली में डाल दिया गया। इसी प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितता को उजागर करने के लिए उन्होंने कानूनी रास्ते का सहारा लिया है।\n\nकांग्रेस अध्यक्ष ने नकारे सभी आरोप\nदूसरी तरफ, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। मेघवाल का कहना है कि राजनीतिक रूप से उन्हें नुकसान पहुंचाने और उनकी छवि धूमिल करने के मकसद से कुछ लोग दीपक अरोड़ा को मोहरा बनाकर इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सिंबल वितरण को लेकर लगाए गए सारे आरोप मनगढ़ंत हैं। उनके मुताबिक, पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे प्रकरण की असली सच्चाई जनता के सामने आएगी। उन्होंने अपने ऊपर लगे किसी भी प्रकार के गलत काम के आरोप को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया है।\n\nपुलिस ने शुरू की दस्तावेजों की जांच\nसदर थाने के अधिकारी रमेश कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दीपक अरोड़ा की तरफ से थाने में लिखित शिकायत दी गई है। इस शिकायत में मुख्य रूप से यह आरोप लगाया गया है कि मोहित अरोड़ा को वैध रूप से सिंबल मिला था, जिसे दरकिनार कर फर्जी तरीके से नवरत्न डागा का नामांकन दाखिल कराया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और सिंबल से जुड़े फर्जीवाड़े की धाराओं के तहत जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब उन सभी दस्तावेजों, पार्टी के आंतरिक रिकॉर्ड और नामांकन से जुड़ी कागजी कार्रवाई को खंगाल रही है, जिनके आधार पर चुनाव आयोग में पर्चे दाखिल किए गए थे।\n\nचुनाव से ठीक पहले खुलकर आई गुटबाजी\nनगर निगम के इन अहम चुनावों से ठीक पहले इस तरह का विवाद सामने आने से कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही धड़ेबंदी और अंदरूनी कलह एक बार फिर जनता के सामने बेनकाब हो गई है। स्थानीय संगठन में मतभेद का यह कोई पहला मामला नहीं है, क्योंकि इससे पहले शहर कांग्रेस अध्यक्ष के साथ मारपीट की घटना भी सुर्खियों में रह चुकी है। इसके अलावा दीपक अरोड़ा और उनके बेटे मोहित अरोड़ा पर हुई अनुशासनात्मक कार्रवाई और निष्कासन को लेकर भी पार्टी के भीतर काफी हंगामा देखने को मिला था। अब सिंबल से जुड़े इस नए विवाद के पुलिस तक पहुंचने से संगठन की एकजुटता के दावों की हवा निकल गई है। हालांकि, इस पूरे प्रकरण में कितनी सच्चाई है और दस्तावेजों में किस तरह का हेरफेर हुआ है, इसका वास्तविक खुलासा तो पुलिस अनुसंधान की रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा, लेकिन इस उठापटक ने चुनाव से ठीक पहले पार्टी की चुनावी तैयारियों को बड़ा झटका जरूर दिया है।\n\nइसका आप पर असर\nबीकानेर नगर निगम चुनाव के दौरान सामने आए इस विवाद का असर स्थानीय स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं और चुनावी समीकरणों पर पड़ रहा है।\n\n• बीकानेर में: वार्ड नंबर 50 के मतदाताओं और स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है, जिससे चुनाव प्रचार और उम्मीदवारों की स्थिति प्रभावित हो सकती है।\n• राजनीतिक स्तर पर: इस कानूनी विवाद के कारण कांग्रेस पार्टी की आंतरिक एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं, जिसका फायदा विपक्षी दल उठा सकते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. बीकानेर में कांग्रेस सिंबल विवाद किस वार्ड से जुड़ा है?\nयह विवाद बीकानेर नगर निगम के वार्ड नंबर 50 से प्रत्याशी चयन को लेकर है।\n\n2. किसने पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है?\nपूर्व पार्षद दीपक अरोड़ा ने सदर थाने में मामला दर्ज कराया है।\n\n3. शिकायत में किन-किन लोगों को आरोपी बनाया गया है?\nशिकायत में शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल, देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग और प्रत्याशी नवरत्न डागा को आरोपी बनाया गया है।\n\n4. दीपक अरोड़ा का मुख्य आरोप क्या है?\nउनका आरोप है कि उनके बेटे मोहित अरोड़ा का टिकट पक्का होने के बाद फर्जी और कूटरचित सिंबल तैयार कर दूसरे व्यक्ति को उम्मीदवार बना दिया गया।\n\n5. शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी है?\nशहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें बदनाम करने की साजिश बताया है।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-09-05",
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