जयपुर नगर निगम मेयर की कुर्सी के लिए मंथन तेज, सुनील कोठारी और पुनीत कर्नावट रेस में सबसे आगे जयपुर नगर निगम में मेयर के चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर राजनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है। पार्टी नेतृत्व पुनीत कर्नावट और सुनील कोठारी के नामों पर विचार कर रहा है, जबकि मतदान 25 सितंबर को होना तय किया गया है। जयपुर नगर निगम के भीतर मेयर पद की कुर्सी पर काबिज होने के लिए राजनीतिक गहमागहमी अपने चरम पर पहुंच गई है। चुनावी परिणाम सामने आने के बाद से ही सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है कि आखिर पार्टी किस पार्षद के कंधों पर शहर की कमान सौंपेगी। इस रेस में फिलहाल पुनीत कर्नावट और सुनील कोठारी के नाम सबसे आगे चल रहे हैं, जिन्हें लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच बैठकों और मंत्रणा का दौर लगातार जारी है। हालांकि, संगठन की तरफ से अभी तक किसी भी नाम पर औपचारिक मुहर नहीं लगाई गई है और अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान के स्तर पर ही लिया जाना है। पार्षदों की राय और समीकरणों पर जोर मेयर पद के लिए केवल नामों पर चर्चा ही नहीं हो रही, बल्कि पार्टी के शीर्ष नेता स्थानीय राजनीतिक समीकरणों और पार्षदों की व्यक्तिगत राय को भी पूरी अहमियत दे रहे हैं। दोनों प्रमुख नामों को लेकर अलग-अलग स्तर पर मंथन चल रहा है और सभी पहलुओं को बारीकी से परखा जा रहा है। भाजपा के पार्षदों की चल रही बाड़ेबंदी के बीच इस पद को लेकर लगातार चल रही चर्चाओं ने राजधानी जयपुर की स्थानीय राजनीति के तापमान को काफी बढ़ा दिया है। पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि बोर्ड गठन के समय किसी तरह की अंदरूनी कलह या असंतोष की स्थिति पैदा न हो। रेस में शामिल चेहरों की स्थिति जयपुर के मेयर पद की इस महत्वपूर्ण दौड़ में पुनीत कर्नावट और सुनील कोठारी के नाम सबसे प्रमुखता से उभरकर सामने आए हैं। इन दोनों प्रबल दावेदारों को लेकर संगठन के भीतर विभिन्न स्तरों पर लगातार फीडबैक लिया जा रहा है। सुनील कोठारी ने वार्ड 112 से शानदार चुनावी जीत हासिल की है और चुनाव परिणाम आते ही उनका नाम चर्चाओं के केंद्र में आ गया था। दूसरी तरफ, पुनीत कर्नावट का नाम भी पार्टी के उन संभावित और अनुभवी चेहरों में शामिल है जिन पर संगठन भरोसा जता सकता है। नेतृत्व जल्द ले सकता है अंतिम निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व जल्द ही मेयर के नाम को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाने की तैयारी में है। नामांकन की प्रक्रिया बेहद नजदीक आ चुकी है, जिसके चलते पार्टी कार्यालयों और बैठकों में सरगर्मी काफी बढ़ गई है। मेयर के चयन के साथ-साथ नगर निगम में नए बोर्ड के गठन की तैयारियों को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिसमें पार्षदों के आपसी समीकरणों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। जयपुर नगर निगम के कुल 150 वार्डों में से भाजपा के पास अपने 78 पार्षद हैं, जो कि बहुमत के जादुई आंकड़े 76 से दो सीटें ज्यादा हैं। जोगाराम पटेल का बड़ा राजनीतिक दावा इसी बीच, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने जयपुर और जोधपुर दोनों जगह मेयर पद और बोर्ड गठन को लेकर बड़ा और स्पष्ट बयान दिया है। पटेल ने विश्वास जताया है कि दोनों ही महत्वपूर्ण नगर निगमों में केवल भाजपा का ही बोर्ड अस्तित्व में आएगा। उन्होंने स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार समर्थित बोर्ड के गठन का दावा किया है। मंत्री के इस बयान के बाद मेयर की कुर्सी और बोर्ड गठन की पूरी प्रक्रिया को लेकर सियासी सरगर्मी और अधिक तेज हो गई है। जोधपुर में बदला हुआ सियासी समीकरण जोगाराम पटेल ने जोधपुर के राजनीतिक हालात का जिक्र करते हुए वहां भी पार्टी की जीत का पूरा भरोसा जताया है। जोधपुर नगर निगम के हालिया चुनावों के बाद भाजपा के पास अपने 45 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के खाते में 44 पार्षद आए हैं। कुल सात निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से भाजपा का पलड़ा भारी हो गया है और उनके साथ आने के बाद भाजपा का आंकड़ा 52 तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है। सौ सदस्यीय इस निकाय में बहुमत हासिल करने के लिए कम से कम 51 पार्षदों के समर्थन की आवश्यकता होती है। नामांकन और मतदान की तारीखें जयपुर में बहुमत का जादुई आंकड़ा होने के बावजूद सबसे बड़ा सवाल मेयर की कुर्सी को लेकर बना हुआ है। पार्टी के भीतर पुनीत कर्नावट और सुनील कोठारी के नाम पर माथापच्ची जारी है और अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान को ही करना है। इसके साथ ही पार्षदों के रुख, स्थानीय समीकरणों और बोर्ड के गठन की पूरी रूपरेखा पर कड़ी नजर रखी जा रही है। मेयर के चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसके लिए मतदान आगामी 25 सितंबर को होना तय किया गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में भाजपा के द्वारा लिए जाने वाले फैसले पर ही जयपुर नगर निगम का पूरा राजनीतिक भविष्य टिका हुआ है। इसका आप पर असर जयपुर नगर निगम में मेयर के चुनाव और बोर्ड गठन का यह राजनीतिक घटनाक्रम स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था, शहर के विकास कार्यों और जनता से जुड़े नागरिक मुद्दों को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा। • जयपुर में: शहर के निवासियों के लिए नगर निगम के नए बोर्ड के गठन से अटके हुए विकास कार्यों और सड़क, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को गति मिलने की उम्मीद है। वार्डवार योजनाओं का क्रियान्वयन नए मेयर के कार्यभार संभालने के बाद ही तय होगा। • राजस्थान में: राज्य स्तर पर इस चुनाव परिणाम और बोर्ड गठन से शहरी निकायों में राजनीतिक संतुलन पर असर पड़ेगा, जिसका संदेश पूरे प्रदेश की प्रशासनिक राजनीति तक पहुंचेगा। ऐसा क्यों हुआ जयपुर और जोधपुर नगर निगम चुनावों में हाल ही में आए परिणामों के बाद राजनीतिक दलों द्वारा बहुमत साबित करने और अपने पक्ष के पार्षदों को एकजुट रखने की अनिवार्यता के कारण यह मंथन तेज हुआ है। • चुनावी बहुमत: जयपुर में भाजपा के पास 150 में से 78 सीटें हैं जो बहुमत के आंकड़े से अधिक हैं, जिसके कारण पार्टी अब शीर्ष पद के लिए सबसे योग्य और सर्वसम्मत चेहरे की तलाश कर रही है। • नामांकन की समयसीमा: चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित नामांकन प्रक्रिया और 25 सितंबर को होने वाले मतदान की नजदीक आती तारीख के चलते पार्टी नेतृत्व पर उम्मीदवारों के नाम तय करने का दबाव बढ़ गया है। • निर्दलीय समर्थन: जोधपुर में कांटे की टक्कर के बीच निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से समीकरण बदलने के कारण पार्टी के मंत्रियों को सार्वजनिक रूप से बोर्ड गठन का दावा करना पड़ा है। सवाल-जवाब 1. जयपुर नगर निगम मेयर पद के लिए किन नामों पर चर्चा चल रही है? मेयर पद की दौड़ में पुनीत कर्नावट और सुनील कोठारी के नाम सबसे आगे चल रहे हैं। 2. जयपुर नगर निगम चुनाव में मेयर पद के लिए मतदान कब होगा? जयपुर नगर निगम मेयर चुनाव के लिए मतदान 25 सितंबर को होना तय किया गया है। 3. जयपुर में भाजपा के पास कुल कितने पार्षद हैं? जयपुर में भाजपा के पास 150 में से 78 पार्षद हैं, जो बहुमत के आंकड़े से दो ज्यादा हैं। 4. जोगाराम पटेल ने जोधपुर को लेकर क्या दावा किया है? संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने दावा किया है कि जोधपुर नगर निगम में भी भाजपा अपना बोर्ड बनाएगी। 5. जोधपुर में भाजपा के पास कुल कितने पार्षदों का समर्थन बताया जा रहा है? जोधपुर में निर्दलीय पार्षदों के समर्थन के बाद भाजपा का आंकड़ा 52 तक पहुंचने की बात सामने आई है। https://trendkia.com/rajasthan/bjp-intensifies-brainstorming-for-jaipur-mayor-seat-with-punit-karnawat-and-sunil-kothari-in-race-33305 TrendKia — Har trend, sabse pehle.