बूंदी में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए नामांकन का काम पूरा, भाजपा और कांग्रेस के उम्‍मीदवारों ने दिखाए तेवर बूंदी में शहरी निकाय चुनाव की हलचल तेज हो गई है। नामांकन के आखिरी दिन विभिन्न राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने पर्चे दाखिल किए और अपनी जीत के दावे किए। राजस्थान के बूंदी में स्थानीय निकाय चुनाव 2026 की सरगर्मी इन दिनों परवान पर है। शहर की स्थानीय सरकार के गठन के लिए राजनीतिक दलों और स्वतंत्र उम्मीदवारों के बीच मुकाबला बेहद रोचक मोड़ पर पहुंच गया है। नामांकन भरने की आखिरी तारीख होने की वजह से आज जिला मुख्यालय और उपखंड कार्यालयों में खासी गहमागहमी और जोश का माहौल दिखाई दिया। नामांकन के लिए किए गए थे खास इंतजाम पर्चा दाखिल करने की इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए जिला निर्वाचन विभाग की तरफ से विशेष बंदोबस्त किए गए थे। तय की गई व्यवस्था के अनुसार वार्ड संख्या 1 से 30 तक के उम्मीदवारों ने उपखंड कार्यालय में अपने दस्तावेज जमा कराए, जबकि वार्ड 30 से 60 तक के दावेदारों के लिए सहायक कार्यालय में आवेदन करने का प्रबंध किया गया था। आखिरी दिन होने के कारण सुबह से ही प्रशासनिक दफ्तरों के बाहर उम्मीदवारों और उनके समर्थकों का भारी जमावड़ा लगा रहा। अनूठे तरीके से किया गया शक्ति प्रदर्शन अंतिम अवसर का फायदा उठाते हुए तमाम राजनीतिक दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपने-अपने तरीके से ताकत दिखाई। कुछ उम्मीदवार पूरी सादगी से चुनिंदा प्रस्तावकों के साथ पर्चा भरने पहुंचे, तो कई बड़े चेहरे अपने समर्थकों के साथ ढोल-नगाड़ों की गूंज, नारों और बड़ी-बड़ी मालाओं के साथ कार्यालयों तक पहुंचे। इस दौरान शहर के मुख्य रास्तों पर चुनावी रंग पूरी तरह छा गया। समर्थकों के जोश और आतिशबाजी ने चुनावी मुकाबले के रोमांच को कई गुना बढ़ा दिया। मीडिया से बातचीत में प्रत्याशियों ने अपने एजेंडे और जीत के दावों को खुलकर सामने रखा। उम्मीदवारों का साफ कहना था कि वे पार्टी हाईकमान के निर्देशों और स्थानीय विकास के मुद्दों के सहारे चुनावी मैदान में उतरे हैं। इस दौरान कांग्रेस और भाजपा दोनों ही प्रमुख दलों के दावेदारों ने नगर परिषद में पूर्ण बहुमत के साथ अपना बोर्ड बनाने का पूरा दावा किया। सात नगर पालिकाओं में होना है कड़ा मुकाबला बूंदी जिले में इस बार जंग सिर्फ नगर परिषद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके अलावा कुल 7 नगर पालिकाओं में भी पार्षद पदों के लिए चुनाव होने हैं। ग्रामीण इलाकों के इन स्थानीय निकायों के चुनावों को लेकर अब हर किसी की नजरें नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी के बाद साफ होने वाली असल तस्वीर पर टिकी हैं। फिलहाल आखिरी दिन उमड़ी भारी भीड़ ने यह साफ कर दिया है कि इस बार का निकाय चुनाव काफी संघर्षपूर्ण रहने वाला है। अब यह देखना वाकई दिलचस्प रहेगा कि आने वाले दिनों में मतदाता विकास के वादों पर कितना भरोसा जताते हैं और किसके सिर जीत का ताज सजता है। इसका आप पर असर स्थानीय निकाय चुनाव का असर सीधे तौर पर शहर के निवासियों के रोजमर्रा के विकास कार्यों और प्रशासनिक कामकाज पर पड़ता है। • भारत में: स्थानीय स्तर पर चुने जाने वाले प्रतिनिधि ही गलियों की सफाई, सड़क निर्माण, जलापूर्ति और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाओं का प्रबंधन करते हैं। • बूंदी में: जिले की नगर परिषद और सात नगर पालिकाओं में नया बोर्ड बनने से आगामी पांच वर्षों तक शहरी विकास योजनाओं की गति और शहर की तस्वीर तय होगी। सवाल-जवाब 1. बूंदी में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख क्या थी? नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन आज था। 2. वार्ड 1 से 30 तक के प्रत्याशियों के लिए पर्चा दाखिल करने का स्थान कहां तय किया गया था? वार्ड संख्या 1 से 30 तक के प्रत्याशियों ने उपखंड कार्यालय में अपने कागजात जमा कराए। 3. वार्ड 30 से 60 तक के उम्मीदवारों ने अपने आवेदन कहां जमा किए? वार्ड 30 से 60 तक के प्रत्याशियों के लिए सहायक कार्यालय में आवेदन दाखिल करने की व्यवस्था की गई थी। 4. बूंदी जिले में नगर परिषद के अलावा कुल कितनी नगर पालिकाओं में चुनाव होने हैं? बूंदी जिले में नगर परिषद के साथ-साथ कुल 7 नगर पालिकाओं में पार्षद पद के लिए चुनाव संपन्न होने हैं। 5. कौन से दो प्रमुख दल इस चुनाव में अपनी जीत का दावा कर रहे हैं? कांग्रेस और भाजपा दोनों ही प्रमुख दलों के प्रत्याशियों ने नगर परिषद में अपना बोर्ड बनाने का दावा किया है। https://trendkia.com/rajasthan/bundi-men-sthaniya-nikaya-chunava-ke-lie-namankana-ka-kama-pura-bjp-aura-congress-ke-um-midavaron-ne-dikhae-tevara-25058 TrendKia — Har trend, sabse pehle.