# चाकसू के बृजपुरा में बीमार मवेशी खुले में चरते दिखे, लम्पी संक्रमण की आशंका से पशुपालकों में खौफ

> जयपुर जिले के चाकसू इलाके में सरकारी स्कूल के पास लम्पी वायरस के संदिग्ध लक्षणों वाले पशु खुले में घूमते मिले हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/chaksu-ke-brijpura-men-bimara-maveshi-khule-men-charate-dikhe-lumpy-snkramana-ki-ashnka-se-pashupalakon-men-khaupha-44462 · **Language:** Hindi
**Tags:** लम्पी वायरस, चाकसू, जयपुर, गोवंश, पशुपालन, राजस्थान

जयपुर जिले के ग्रामीण अंचल से पशुपालकों की चिंता बढ़ाने वाला मामला सामने आया है। चाकसू क्षेत्र के तहत आने वाली कोथून ग्राम पंचायत के बृजपुरा गांव में लम्पी वायरस जैसे गंभीर लक्षणों से पीड़ित मवेशी खुले में घूमते और चारा चरते देखे गए हैं। इस स्थिति के सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों और पशुपालकों के बीच गहरा डर फैल गया है, क्योंकि पूर्व में इस बीमारी ने राजस्थान भर में पशुधन को व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचाया था।

## सरकारी स्कूल के नजदीक बीमार गोवंश की मौजूदगी से अभिभावक परेशान
बृजपुरा गांव में हालात उस वक्त अधिक गंभीर नजर आने लगे जब इन बीमार मवेशियों को गांव के राजकीय विद्यालय के बिल्कुल पास देखा गया। स्कूल के आसपास छात्र-छात्राओं की निरंतर आवाजाही बनी रहती है। सार्वजनिक रास्ते और शिक्षण संस्थान के करीब अस्वस्थ पशुओं के स्वच्छंद विचरण से बच्चों के अभिभावक भी उनकी सुरक्षा को लेकर फिक्रमंद हो गए हैं।

## स्वस्थ पशुओं में संक्रमण फैलने का गहराया संकट
स्थानीय बाशिंदों का कहना है कि संक्रमित बताए जा रहे मवेशी आम रास्तों और स्कूल परिसर के आसपास खुले में घूम रहे हैं, जिससे अन्य तंदुरुस्त पशुओं के भी इस वायरस की चपेट में आने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। ग्रामीणों को इस बात की आशंका सता रही है कि यदि अस्वस्थ गोवंश को समय रहते अलग नहीं किया गया, तो यह संक्रामक बीमारी पूरे इलाके के पशुधन को अपनी गिरफ्त में ले सकती है। पशुपालकों के अनुसार पूर्व में इस महामारी ने जिस तरह तबाही मचाई थी, उसकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए फौरी कदम उठाना बेहद जरूरी है।

## पशु चिकित्सा विभाग से तत्काल दखल और जांच की गुहार
खतरे की गंभीरता को देखते हुए बृजपुरा के ग्रामीणों ने प्रशासन और पशुपालन विभाग से त्वरित कार्रवाई की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने मांग रखी है कि विभाग की विशेषज्ञ टीमें फौरन गांव का दौरा करें और लम्पी जैसे लक्षणों से ग्रस्त पशुओं को चिह्नित कर उन्हें तुरंत प्रभाव से आइसोलेट करें। इसके साथ ही घर-घर और बाड़ों में मौजूद पशुओं का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए ताकि बीमारी के फैलाव की कड़ी को शुरू में ही तोड़ा जा सके।

## टीकाकरण और स्वच्छता से ही रुकेगा फैलाव
मवेशियों में फैलने वाले इस किस्म के वायरल प्रकोप की रोकथाम के लिए समय पर टीकाकरण और बाड़ों में स्वच्छता बनाए रखना सबसे अहम कदम माने जाते हैं। स्थानीय लोगों ने आगाह किया है कि अगर प्रशासनिक स्तर पर ढिलाई बरती गई और पुख्ता इंतजाम नहीं हुए, तो यह स्थिति बेकाबू होकर महामारी का रूप ले सकती है। इससे पशुपालकों को न केवल भावनात्मक आघात पहुंचेगा, बल्कि भारी आर्थिक क्षति भी झेलनी पड़ सकती है।

## इसका आप पर असर
इस घटनाक्रम का सीधा असर क्षेत्र के पशुपालकों की आजीविका और दैनिक सुरक्षा पर पड़ रहा है।

- **भारत में:** मवेशियों में संक्रामक वायरस उभरने से दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित होने का जोखिम रहता है। देश भर के पशुपालकों को अपने मवेशियों के टीकाकरण और बाड़ों की साफ-सफाई पर तुरंत सतर्कता बरतनी चाहिए।
- **चाकसू और जयपुर में:** बृजपुरा गांव के सरकारी स्कूल के नजदीक बीमार पशुओं के घूमने से बच्चों की सुरक्षा और आवागमन को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय पशुपालकों को अपने स्वस्थ मवेशियों को खुले में चरने भेजने से बचना चाहिए और संदिग्ध लक्षण दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सकों से संपर्क करना चाहिए।
- **पशुधन सुरक्षा:** बीमारी की रोकथाम के लिए प्रभावित मवेशियों को तुरंत अलग बाड़े में रखना अनिवार्य हो गया है। स्वस्थ गोवंश के संपर्क में आने से रोकने पर ही इस संक्रमण की कड़ी तोड़ी जा सकती है।
- **आर्थिक सुरक्षा:** समय पर उपचार न मिलने पर पशुपालकों को गंभीर वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्रशासन की ओर से त्वरित जांच और टीकाकरण अभियान से ही बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
जयपुर के ग्रामीण क्षेत्र में लम्पी वायरस के संभावित मामले दोबारा सामने आने के पीछे कुछ प्रमुख कारण और स्थितियां जिम्मेदार हैं।

- **सीधा कारण:** बृजपुरा गांव में बीमार मवेशियों को खुले में छोड़ दिया गया, जहां वे सार्वजनिक मार्गों और स्कूल परिसर के आसपास बेरोकटोक घूमते पाए गए। खुले में चारा चरने के कारण संक्रमण के अन्य मवेशियों तक पहुंचने का सीधा जोखिम पैदा हो गया है।
- **संक्रमण की पृष्ठभूमि:** राजस्थान पहले भी लम्पी वायरस के विनाशकारी प्रभाव को झेल चुका है, जहां संक्रमण की कड़ी टूटने से पहले बड़ी संख्या में मवेशी प्रभावित हुए थे। निगरानी और समय पर आइसोलेशन की कमी से यह वायरस तेजी से दोबारा पांव पसार सकता है।
- **प्रशासनिक देरी की आशंका:** स्थानीय स्तर पर शुरुआती पहचान और त्वरित चिकित्सा जांच की कमी के चलते ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया है। विभाग की ओर से फौरी हस्तक्षेप न होने की स्थिति में संक्रमण के व्यापक पैमाने पर फैलने की संभावना बन जाती है।

## सवाल-जवाब

### 1. बृजपुरा गांव में ग्रामीणों की चिंता का मुख्य कारण क्या है?
गांव में सरकारी स्कूल के पास लम्पी वायरस के संदिग्ध लक्षणों से ग्रस्त मवेशी खुले में घूमते और चारा चरते पाए गए हैं, जिससे संक्रमण फैलने का डर है।

### 2. यह घटना किस क्षेत्र से संबंधित है?
यह मामला राजस्थान के जयपुर जिले में चाकसू क्षेत्र की कोथून ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले बृजपुरा गांव का है।

### 3. स्कूल के पास बीमार पशुओं की मौजूदगी से क्या जोखिम है?
इससे रास्ते से गुजरने वाले स्कूली बच्चों की सुरक्षा को खतरा है और स्वस्थ पशुओं के संपर्क में आने से बीमारी फैलने की आशंका बढ़ गई है।

### 4. ग्रामीणों ने पशु चिकित्सा विभाग से क्या मांग की है?
ग्रामीणों ने तत्काल पशु चिकित्सा टीम भेजने, बीमार गोवंश को आइसोलेट करने और घर-घर जाकर पशुओं की स्वास्थ्य जांच करने की मांग की है।

### 5. विशेषज्ञों के अनुसार इस वायरल संक्रमण को रोकने के लिए क्या जरूरी है?
विशेषज्ञों के अनुसार समय पर टीकाकरण और बाड़ों व आसपास स्वच्छता बनाए रखना संक्रमण रोकने के सबसे अहम उपाय हैं।

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