{
  "type": "article",
  "title": "चंद्रेसल मठ हत्याकांड में चार्जशीट दाखिल, सात सौ पचास बीघा जमीन और चार करोड़ से ज्यादा की संपत्ति के विवाद में रची गई थी खूनी साजिश",
  "summary": "कोटा के ऐतिहासिक चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज हत्याकांड में पुलिस ने अदालत में चार्जशीट पेश कर दी है। जांच में सामने आया कि साढ़े सात सौ बीघा जमीन और करोड़ों की संपत्ति के लालच में एक वकील ने साजिश रची थी और बदमाशों को एक लाख रुपये की सुपारी दी थी।",
  "content": "राजस्थान के कोटा शहर में स्थित ग्यारह सौ साल पुराने चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के मामले में पुलिस ने अपनी तफ्तीश पूरी करते हुए अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस सनसनीखेज वारदात के पीछे करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति और मठ पर वर्चस्व स्थापित करने की लालसा मुख्य वजह रही है। कोटा पुलिस द्वारा इस हाई-प्रोफाइल मामले में मुख्य षड्यंत्रकारी वकील, सुपारी किलर और पूर्व पुजारी समेत सात आरोपियों के साथ एक विधि से संघर्षरत किशोर के खिलाफ पुख्ता सबूतों के आधार पर चालान पेश किया गया है ताकि अपराधियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।\n\nसंपत्ति और वर्चस्व के लिए रची गई खूनी साजिश\nजांच के दौरान पुलिस के सामने यह तथ्य आया कि पूरा विवाद सात सौ पचास बीघा बेशकीमती जमीन और बैंक खातों में जमा चार करोड़ तैंतीस लाख रुपये की भारी-भरकम संपत्ति को हड़पने से जुड़ा हुआ था। इस पूरी खूनी साजिश का मुख्य मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि एडवोकेट संतोष कुमार राय था, जिसने मठ की संपत्ति पर कब्जा जमाने के इरादे से महंत देवानंद महाराज को रास्ते से हटाने का षड्यंत्र रचा था। इस जघन्य कृत्य को अंजाम तक पहुंचाने के लिए अपराधियों को केवल एक लाख रुपये की सुपारी देकर तैयार किया गया था, ताकि वे इस वारदात को सफलतापूर्वक पूरा कर सकें।\n\nसाजिश छिपाने के लिए रची गई थी खास चाल\nपुलिस की पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों से पता चला कि मुख्य षड्यंत्रकारी संतोष राय ने अपनी संलिप्तता छिपाने और पुलिस के शक से बचने का नायाब तरीका निकाला था। घटना से ठीक पहले वह जयपुर के एक अस्पताल में पैर की सर्जरी के बहाने खुद को भर्ती करा लिया था ताकि वह अदालत या पुलिस के सामने शहर से बाहर होने का मजबूत बहाना पेश कर सके। पांच जून की रात को बदमाशों ने गहरी नींद में सो रहे देवानंद महाराज पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमले किए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह डरावना खुलासा हुआ था कि महंत के शरीर पर करीब छब्बीस गंभीर घाव आए थे, जिनमें से अधिकांश वार उनकी छाती और पीठ पर किए गए थे।\n\nपोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस कार्रवाई\nमठ के कोषाध्यक्ष बृजमोहन गुर्जर ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ बोरखेड़ा थाने में इस घटना की सूचना दी थी, जिसके आधार पर पुलिस ने फौरन हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। गंभीर रूप से घायल अवस्था में महंत को तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस पेचीदा अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए कोटा पुलिस ने साइबर सेल और तकनीकी साक्ष्यों का पूरा सहारा लिया। एसआईटी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने दिन-रात मेहनत करके इस सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश किया और ग्यारह जून तक सभी मुख्य आरोपियों को शिकंजे में ले लिया।\n\nकेस ऑफिसर स्कीम के तहत तेज सुनवाई\nबोरखेड़ा थाना पुलिस ने इस बहुचर्चित मामले में अनुसंधान पूरा कर माननीय न्यायालय में चार्जशीट सौंप दी है। इस गंभीर प्रकरण को राजस्थान सरकार की केस ऑफिसर स्कीम के तहत लिया गया है ताकि मुकदमे की सुनवाई तेजी से हो सके और दोषियों को कानून के तहत जल्द से जल्द कठोर सजा मिल सके। अदालत में इस मामले की न्यायिक प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है और पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों पर शिकंजा कसा जा रहा है।\n\nइसका आप पर असर\nइस सनसनीखेज हत्याकांड से जुड़े कानूनी घटनाक्रम का असर स्थानीय प्रशासन और न्याय व्यवस्था पर सीधा पड़ता है।\n\n• भारत में: देश भर के धार्मिक ट्रस्टों और मठों की संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक निगरानी और सतर्कता बढ़ाई जाती है।\n• कोटा में: स्थानीय नागरिकों और धार्मिक संस्थानों से जुड़े लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है, जबकि पुलिस ने हाई-प्रोफाइल मामलों में त्वरित कार्रवाई का संदेश दिया है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह खूनी वारदात संपत्ति पर कब्जा करने की लालसा और वर्चस्व की होड़ के कारण अंजाम दी गई थी।\n\n• मुख्य वजह: सात सौ पचास बीघा जमीन और चार करोड़ तैंतीस लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति पर नियंत्रण हासिल करना मुख्य कारण था।\n• मास्टरमाइंड की भूमिका: एडवोकेट संतोष कुमार राय ने संपत्ति हथियाने के लिए महंत को रास्ते से हटाने की साजिश रची और एक लाख रुपये की सुपारी दी।\n• बचाव की चाल: पुलिस की पकड़ से बचने के लिए मुख्य षड्यंत्रकारी ने जयपुर के अस्पताल में भर्ती होकर फर्जी अलीबी तैयार की थी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. चंद्रेसल मठ के किस महंत की हत्या हुई थी?\nमठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या हुई थी।\n\n2. यह घटना किस स्थान पर हुई थी?\nयह घटना राजस्थान के कोटा शहर में स्थित चंद्रेसल मठ में हुई थी।\n\n3. हत्या का मुख्य षड्यंत्रकारी कौन था?\nपुलिस जांच के अनुसार एडवोकेट संतोष कुमार राय इस हत्याकांड का मुख्य मास्टरमाइंड था।\n\n4. हत्या की मुख्य वजह क्या थी?\nसात सौ पचास बीघा बेशकीमती जमीन और चार करोड़ तैंतीस लाख रुपये की संपत्ति को हड़पना मुख्य वजह थी।\n\n5. बदमाशों को कितनी सुपारी दी गई थी?\nमहंत को रास्ते से हटाने के लिए बदमाशों को एक लाख रुपये की सुपारी दी गई थी।\n\n6. पुलिस ने चार्जशीट किस थाने से पेश की है?\nबोरखेड़ा थाना पुलिस ने इस मामले में अदालत में चार्जशीट पेश की है।",
  "url": "https://trendkia.com/rajasthan/chandresal-math-murder-case-over-property-dispute-30933",
  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-09-10",
  "tags": [
    "कोटा मर्डर",
    "चंद्रेसल मठ",
    "महंत देवानंद",
    "क्राइम न्यूज",
    "राजस्थान पुलिस",
    "बोरखेड़ा थाना"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}