# चित्तौड़गढ़ में पंचायत चुनावों का बिगुल, बैलेट पेपर से होगी वोटिंग और 1131 बूथों की तैयारी

> चित्तौड़गढ़ जिले में पंचायती राज चुनावों की प्रशासनिक तैयारियां और राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कुल 359 ग्राम पंचायतों में होने वाले इन चुनावों के लिए 1131 मतदान केंद्र बनाए जा रहे हैं और वोटिंग बैलेट पेपर से कराई जाएगी।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/chittauragarha-pnchayata-chunava-set-with-1131-booths-and-ballot-paper-voting-39834 · **Language:** Hindi
**Tags:** चित्तौड़गढ़ पंचायत चुनाव, पंचायती राज चुनाव, बैलेट पेपर वोटिंग, चित्तौड़गढ़ न्यूज, सरपंच चुनाव

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में पंचायती राज चुनावों का माहौल पूरी तरह गर्माने लगा है। राजनीतिक दलों और स्थानीय संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता के साथ-साथ जिला प्रशासन ने भी मतदान की सभी आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। सरपंच और वार्ड पंच के पदों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब ग्रामीण इलाकों में सियासी समीकरणों पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि निर्वाचन आयोग की तरफ से अभी तक आधिकारिक चुनाव तारीखों का ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन प्रशासनिक अमले ने अपनी तरफ से पुख्ता बंदोबस्त करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है ताकि समय रहते सारी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की जा सकें।

## बैलेट पेपर से होगा मतदान और तैयार हो रहीं मतपेटियां
इस बार होने वाले इन स्थानीय चुनावों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम की जगह पारंपरिक बैलेट पेपर के माध्यम से संपन्न कराया जाएगा। मतपत्रों से होने वाले इस मतदान के कारण मतपेटियों की भूमिका बेहद अहम हो गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने युद्ध स्तर पर मतपेटियों और अन्य चुनावी साजो-सामान को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया है। शहर के इंदिरा गांधी स्टेडियम परिसर को मुख्य निर्वाचन स्टोर बनाया गया है, जहां से जिले के सभी बूथों के लिए सामग्री का वितरण किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए करीब 40 समर्पित कर्मचारियों की एक टीम को अलग-अलग कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

## हजारों की संख्या में तैयार हो रही हैं बड़ी और छोटी मतपेटियां
चित्तौड़गढ़ जिले के अंतर्गत कुल 359 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए मतदान होना है, जिसके लिए लगभग 1131 मतदान केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इतने बड़े भौगोलिक और मतदाताओं के दायरे में चुनाव कराने के लिए प्रशासन को भारी मात्रा में मतपेटियों की आवश्यकता है। निर्वाचन स्टोर में कुल 1200 बड़ी और 900 छोटी मतपेटियों को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इन बक्से नुमा मतपेटियों की केवल गिनती ही नहीं हो रही, बल्कि उनकी पूरी तरह से साफ-सफाई, उनके तालों की जांच, ग्रीसिंग और ऑयलिंग का काम भी बारीकी से किया जा रहा है ताकि मतदान के दिन किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा सामने न आए।

## प्रशासन की कार्ययोजना और मैदान में सक्रिय हुए उम्मीदवार
अब तक के प्रशासनिक कार्यों में लगभग 975 बड़ी मतपेटियों को पूरी तरह से तैयार करके उपयोग के योग्य बना दिया गया है, जबकि बाकी बची हुई पेटियों को भी लगातार दुरुस्त किया जा रहा है। प्रशासनिक रूपरेखा के अनुसार, मतदान के समय प्रत्येक मतदान दल के साथ सुरक्षा और सुविधा की दृष्टि से दो बड़ी और एक छोटी मतपेटी भेजी जाएगी ताकि किसी भी बूथ पर मतपेटी की कमी न खले। दूसरी तरफ, आरक्षण की तस्वीर साफ होने के बाद गांवों में संभावित दावेदारों ने भी जनसंपर्क साधना शुरू कर दिया है। तारीखों के ऐलान से पहले ही ग्रामीण अंचलों में चौपालों पर चुनावी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और हर कोई अपनी जीत के समीकरण तलाशने में जुट गया है।

## इसका आप पर असर
चित्तौड़गढ़ जिले में होने वाले पंचायत चुनावों से ग्रामीण इलाकों के विकास कार्यों और स्थानीय प्रशासन की गति पर सीधा असर पड़ेगा।

- **ग्रामीण क्षेत्रों में:** **359 ग्राम पंचायतों के निवासियों को अपने गांवों के विकास के लिए नए जनप्रतिनिधि चुनने का अवसर मिलेगा।** चुनाव की सरगर्मी बढ़ने से स्थानीय स्तर पर सड़क, पानी और बिजली जैसे बुनियादी मुद्दों पर चर्चा तेज हो गई है।
- **संभावित उम्मीदवारों के लिए:** **आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्याशियों को अपनी चुनावी रणनीति और जनसंपर्क अभियान शुरू करने का स्पष्ट मौका मिल गया है।** उम्मीदवारों को अब तय नियमों और प्रशासनिक गाइडलाइंस के तहत अपनी तैयारियों को आगे बढ़ाना होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल पूरा होने और नए प्रतिनिधियों के चयन की संवैधानिक अनिवार्यता के कारण इन चुनावों का आयोजन किया जा रहा है। प्रशासनिक तंत्र चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत समय पर सभी लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा प्रबंध पूरे करने के लिए प्रतिबद्ध है।

- **संवैधानिक प्रक्रिया:** **नियमित अंतराल पर स्थानीय सरकारों का नवीनीकरण लोकतांत्रिक व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा है।** इसी प्रक्रिया के तहत सरपंच और वार्ड पंच के पदों के लिए नए सिरे से चुनाव कराए जा रहे हैं।
- **प्रशासनिक तैयारी:** **ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से मतदान कराने का निर्णय विशिष्ट चुनाव नियमों और स्थानीय व्यवस्थाओं के आधार पर लिया गया है।** यही कारण है कि प्रशासन को मतपेटियों की मरम्मत और वितरण के लिए अतिरिक्त समय और श्रम की आवश्यकता पड़ रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. चित्तौड़गढ़ में कितने ग्राम पंचायतों में चुनाव होने हैं?
चित्तौड़गढ़ जिले में कुल 359 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव होने हैं।

### 2. इस बार चुनाव में मतदान किस माध्यम से कराया जाएगा?
इस बार चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की जगह पारंपरिक बैलेट पेपर के जरिए कराए जाएंगे।

### 3. चित्तौड़गढ़ में कुल कितने मतदान केंद्र बनाए जा रहे हैं?
इन चुनावों के लिए जिले भर में लगभग 1131 मतदान केंद्र बनाए जा रहे हैं।

### 4. चुनावी सामग्री और मतपेटियों के लिए मुख्य केंद्र कहां बनाया गया है?
शहर के इंदिरा गांधी स्टेडियम को मुख्य निर्वाचन स्टोर बनाया गया है जहां से सामग्री तैयार और वितरित की जाएगी।

### 5. कितनी मतपेटियां तैयार की जा रही हैं?
प्रशासन द्वारा जिले के लिए करीब 1200 बड़ी और 900 छोटी मतपेटियां तैयार की जा रही हैं।

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