चित्तौड़गढ़ में ढाई साल से फरार 20 हजार का इनामी ड्रग्स तस्कर खेताराम बिश्नोई गिरफ्तार राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे 20 हजार रुपये के इनामी तस्कर खेताराम बिश्नोई को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर नाकेबंदी के दौरान पुलिस पर हमला करने समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में पुलिस ने अपराधियों और अवैध मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने लंबे वक्त से कानून की पकड़ से दूर चल रहे 20 हजार रुपये के इनामी और कुख्यात ड्रग्स तस्कर खेताराम बिश्नोई को आखिरकार दबोच लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी पर नाकेबंदी के दौरान पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने और एनडीपीएस एक्ट के तहत कई संगीन मामले पहले से ही दर्ज हैं। यह पूरा मामला करीब ढाई साल पुराना है, जब चित्तौड़गढ़ जिले के निकुम्भ थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा एक सख्त नाकेबंदी की गई थी। उस दौरान खेताराम बिश्नोई पुलिस टीम को चकमा देकर मौके से फरार होने में कामयाब हो गया था। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही स्थानीय पुलिस उसकी धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही थी, लेकिन वह शातिर अपराधी हर बार अपनी लोकेशन बदलकर और सुरक्षा बलों को छकाकर भाग निकलता था। लंबे समय तक हाथ न आने के कारण जिला पुलिस प्रशासन ने उसकी गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये के नकद इनाम की घोषणा कर रखी थी। पाली में हुई थी पुलिस मुठभेड़ और लंबे समय से चल रही थी तलाश पुलिस की पूछताछ और आपराधिक इतिहास के विश्लेषण से पता चला है कि इस इनामी तस्कर का अवैध नेटवर्क काफी दूर-दूर तक फैला हुआ है। लगभग 6 से 7 महीने पहले पाली जिले के रानी थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस और इस कुख्यात तस्कर के बीच आमने-सामने की मुठभेड़ भी हो चुकी है। उस वाकये के दौरान भी आरोपी अंधाधुंध गोलियां चलाते हुए पुलिस के शिकंजे से बच निकला था। पाली की उस मुठभेड़ के बाद से ही राजस्थान के तमाम जिलों की पुलिस और स्पेशल खुफिया एजेंसियां उसकी हर गतिविधि पर लगातार बारीक नजर बनाए हुए थीं। विशेष टीम और पुख्ता मुखबिर तंत्र ने बिछाया जाल आखिरकार चित्तौड़गढ़ पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देशों के तहत एक विशेष पुलिस दल का गठन किया गया। इस टीम ने आधुनिक साइबर तकनीक की मदद और अपने खास मुखबिर तंत्र से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर बेहद सुनियोजित घेराबंदी करते हुए वांछित इनामी तस्कर खेताराम बिश्नोई को धर दबोचा। फिलहाल निकुम्भ थाना पुलिस गिरफ्तार आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। पुलिस का मानना है कि इस पूछताछ के दौरान अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय नेटवर्क, हथियारों की अवैध आपूर्ति और उसके अन्य साथियों के बारे में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। इसका आप पर असर पुलिस द्वारा इस कुख्यात अपराधी की गिरफ्तारी से क्षेत्र में बढ़ते संगठित अपराध और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर लगाम कसने में मदद मिलेगी। • चित्तौड़गढ़ और निकुम्भ में: स्थानीय नागरिकों और कारोबारियों को अपराधियों के खौफ से राहत मिलेगी तथा इलाके में कानून-व्यवस्था मजबूत होगी। • व्यापक स्तर पर: इस कार्रवाई से पुलिस को अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश करने में अहम सुराग हाथ लगेंगे। • सुरक्षा और कानून: पुलिस बल पर हमले करने वाले बदमाशों के मन में कानून का डर बैठेगा और फरार आरोपियों की धरपकड़ तेज होगी। • जांच के दायरे में: पकड़े गए आरोपी से पूछताछ के बाद हथियारों की अवैध आपूर्ति और उसके सहयोगियों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। • आम जनता के लिए: इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों और मादक पदार्थों की सुलभता पर रोक लगने की उम्मीद है। ऐसा क्यों हुआ यह गिरफ्तारी पुलिस द्वारा लंबे समय से चलाए जा रहे विशेष अभियान और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल का नतीजा है। आरोपी पिछले ढाई साल से लगातार अपनी पहचान और ठिकाने बदलकर कानून से बच रहा था। • फरार रहने की रणनीति: आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदलता रहा और पाली जिले में हुई पुलिस मुठभेड़ के दौरान भी गोलीबारी करके भाग निकला था। • खुफिया तंत्र का इस्तेमाल: जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बनी विशेष टीम ने आधुनिक साइबर तकनीकी और पुख्ता मुखबिर सूचना का तालमेल बिठाया। • इनामी घोषणा: लंबे समय तक पकड़ में न आने के कारण पुलिस प्रशासन ने उसकी सूचना देने या पकड़ने वाले के लिए 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। • पुलिस की प्राथमिकता: पुलिस बल पर जानलेवा हमला करने और एनडीपीएस एक्ट के मामलों में वांछित होने के कारण राज्य की विभिन्न एजेंसियां इस तस्कर की तलाश में जुटी थीं। सवाल-जवाब 1. खेताराम बिश्नोई कौन है? खेताराम बिश्नोई एक कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर है जिस पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह ढाई साल से फरार चल रहा था। 2. उसे किस मामले में गिरफ्तार किया गया है? उसे नाकेबंदी के दौरान पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने और एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज गंभीर मामलों में गिरफ्तार किया गया है। 3. उसकी गिरफ्तारी पर कितना इनाम था? जिला पुलिस प्रशासन द्वारा खेताराम बिश्नोई की गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया गया था। 4. वह पुलिस से पहली बार कब और कैसे भागा था? वह करीब ढाई साल पहले चित्तौड़गढ़ के निकुम्भ थाना क्षेत्र में नाकेबंदी के दौरान पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ था। 5. क्या इससे पहले भी उसकी पुलिस से मुठभेड़ हुई थी? हाँ, करीब 6-7 महीने पहले पाली जिले के रानी थाना क्षेत्र में उसकी पुलिस के साथ आमने-सामने की मुठभेड़ हुई थी जहाँ से वह गोलियां चलाकर भाग निकला था। https://trendkia.com/rajasthan/chittorgarh-men-dhai-sala-se-pharara-20-hajara-ka-inami-dragsa-taskara-khetaram-bishnoi-giraphtara-49753 TrendKia — Har trend, sabse pehle.