# चूरू के राजलदेसर में कचरे के ढेर और झाड़ियों में मिली लावारिस नवजात बच्ची, अस्पताल में भर्ती

> राजस्थान के चूरू जिले में कचरे और कंटीली झाड़ियों के बीच फेंकी गई एक नवजात बच्ची को रोने की आवाज सुनकर राहगीरों ने सुरक्षित बचाया।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/churu-ke-rajaldesar-men-kachare-ke-dhera-aura-jhariyon-men-mili-lavarisa-navajata-bachchi-aspatala-men-bharti-41809 · **Language:** Hindi
**Tags:** चूरू, राजलदेसर, राजस्थान पुलिस, नवजात शिशु, भावनदेसर रोड, अपराध

राजस्थान के चूरू जिले में मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां राजलदेसर इलाके में सड़क किनारे लावारिस हालत में छोड़ी गई एक नवजात बच्ची को सुरक्षित बरामद किया गया है। बच्ची को कीकरों यानी बबूल के पेड़ों और कचरे के ढेर के बीच छिपाकर फेंका गया था। स्थानीय राहगीरों ने जब नवजात के रोने की चीखें सुनीं, तब जाकर इस अमानवीय घटना की जानकारी सामने आई और समय रहते मासूम की जान बचाई जा सकी।

## रोने की आवाज सुनकर मौके पर जुटे स्थानीय लोग
यह पूरी घटना राजलदेसर क्षेत्र के अंतर्गत भावनदेसर रोड पर स्थित वार्ड नंबर 26 और 27 के समीप घटित हुई। रास्ते से गुजर रहे लोगों का ध्यान अचानक झाड़ियों की तरफ से आ रही सिसकियों और रोने की आवाज पर गया। जब पास जाकर देखा गया, तो बबूल के कंटीले पेड़ों और गंदगी के ढेर में एक लावारिस बच्ची लाचार पड़ी थी। इस दृश्य को देखकर आसपास के तमाम लोग इकट्ठा हो गए और तुरंत स्थानीय पुलिस प्रशासन को मामले की सूचना दी गई।

## अस्पताल में प्राथमिक उपचार और आगे की जांच
सूचना प्राप्त होते ही पुलिस दल ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और नवजात शिशु को तत्काल राजकीय अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सीय जांच के दौरान बच्ची की स्थिति स्थिर पाई गई, हालांकि उसके कोमल शरीर पर खरोंच और मामूली चोटों के निशान मौजूद थे। डॉक्टरों ने बेहतर निगरानी और समुचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए उसे उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नवजात को झाड़ियों में कौन छोड़ गया था।

## इसका आप पर असर
यह घटना समाज में बच्चों की सुरक्षा, कानूनी संरक्षण और निगरानी तंत्र को लेकर सतर्कता बढ़ाने की सख्त जरूरत रेखांकित करती है।

- **भारत में:** बाल परित्याग के मामलों में कानून बेहद सख्त सजा का प्रावधान करता है। नागरिक किसी भी लावारिस या संकटग्रस्त बच्चे की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 अथवा स्थानीय पुलिस को देकर जीवन बचा सकते हैं।
- **चूरू में:** राजलदेसर क्षेत्र के नागरिकों को संदिग्ध गतिविधियों और ऐसे संवेदनशील मामलों में तुरंत पुलिस व स्वास्थ्य विभाग से समन्वय बनाए रखना चाहिए। आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों में सुरक्षित बाल सुपुर्दगी से जुड़े कानूनी विकल्पों के प्रति जागरूकता बढ़ाना बेहद आवश्यक है।
- **सामान्य नागरिकों के लिए:** नवजात के मिलने पर बिना देरी किए तत्काल चिकित्सीय मदद और पुलिस को सूचित करना चाहिए। किसी भी घायल बच्चे को निजी तौर पर रखने के बजाय कानूनी रूप से अस्पताल पहुंचाना अनिवार्य प्रक्रिया है।
- **सुरक्षा एवं निगरानी:** सुनसान रास्तों और झाड़ियों वाले इलाकों में स्थानीय प्रशासन को गश्त बढ़ानी चाहिए। इस कदम से ऐसी अमानवीय वारदातों पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना नवजात शिशु को लावारिस हालत में फेंकने की आपराधिक मानसिकता और सामाजिक संवेदनहीनता के कारण सामने आई।

- **सीधा कारण:** अज्ञात व्यक्तियों द्वारा नवजात बच्ची को जन्म के तुरंत बाद छुपाने की नीयत से झाड़ियों और कूड़े के ढेर में फेंक दिया गया था। समय पर रोने की आवाज बाहर आने से मासूम की जान बच सकी।
- **परिस्थितिजन्य वजह:** सुनसान सड़क और घने बबूल के पेड़ों की आड़ का फायदा उठाकर आरोपियों ने बच्ची को वहां छोड़ा। अंधेरे या एकांत का उपयोग अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से किया गया प्रतीत होता है।
- **कानूनी कार्रवाई:** पुलिस ने नवजात को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाकर अज्ञात परिजनों व दोषियों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है। घटना के पीछे के सटीक कारणों और पारिवारिक परिस्थितियों की पुष्टि पुलिसिया छानबीन के बाद ही हो सकेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. नवजात बच्ची कहां और किस हालत में मिली?
बच्ची राजस्थान के चूरू जिले में राजलदेसर के भावनदेसर रोड पर बबूल के पेड़ों और कचरे के ढेर के बीच लावारिस हालत में मिली।

### 2. बच्ची के वहां होने का पता कैसे चला?
रास्ते से गुजर रहे राहगीरों ने झाड़ियों से नवजात के रोने की आवाज सुनी, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे।

### 3. बच्ची की स्वास्थ्य स्थिति कैसी है?
शुरुआती जांच में बच्ची की हालत स्थिर बताई गई है, हालांकि उसके शरीर पर मामूली चोट के निशान पाए गए हैं।

### 4. अस्पताल में क्या कदम उठाए गए हैं?
राजकीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बच्ची को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया है।

### 5. मामले में पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है?
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को अस्पताल पहुंचाया और अब बच्ची को फेंकने वाले अज्ञात लोगों की पहचान करने में जुटी है।

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