# चूरू के तारानगर में हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में लगी भीषण आग, सात कस्बों से बुलाई गईं दमकल गाड़ियां

> तारानगर कस्बे में एक हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में बुधवार सुबह लगी भीषण आग में पूरी इमारत ध्वस्त हो गई और करोड़ों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। दमकल कर्मियों ने सात इलाकों से वाहन मंगाकर कई घंटों की मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाया।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/churu-ke-taranagar-men-haindikraphta-phaiktri-men-lagi-bhishana-aga-sata-kasbon-se-bulai-gain-damakala-gariyan-44739 · **Language:** Hindi
**Tags:** चूरू समाचार, तारानगर, फैक्ट्री में आग, अग्निकांड, राजस्थान समाचार, हैंडीक्राफ्ट

राजस्थान के चूरू जिले में स्थित तारानगर कस्बे में बुधवार सुबह एक हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। सुबह के समय भड़की इस आग ने चंद मिनटों में इतना विकराल रूप ले लिया कि लपटें पूरी इमारत में फैल गईं। आग की भीषण तपिश और लपटों के जोर से फैक्ट्री की पूरी इमारत ढह गई, जबकि अंदर रखा करोड़ों रुपये का तैयार सामान, कच्चा माल और आधुनिक मशीनें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। समय रहते स्थिति को भांप लिए जाने से कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस हादसे ने पूरे इलाके के व्यापारियों और फैक्ट्री संचालक को गहरे सदमे में डाल दिया है।

## काले धुएं के गुबार के साथ भड़की लपटें
बुधवार सुबह फैक्ट्री परिसर से अचानक गहरा काला धुआं उठता देखकर आसपास के लोग स्तब्ध रह गए। जब तक स्थानीय नागरिक माजरा समझ पाते और मदद के लिए दौड़ते, आग की लपटों ने विकराल रूप ले लिया था। आग इतनी प्रचंड थी कि आम लोगों के लिए उस पर काबू पाना मुमकिन नहीं था। लपटें और धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से आसमान में साफ नजर आ रहा था, जिससे पूरे तारानगर कस्बे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

## सात इलाकों से पहुंचे दमकल वाहन
हादसे की भयावहता को देखते हुए तुरंत आसपास के क्षेत्रों से दमकल की मदद मांगी गई। स्थानीय तारानगर अग्निशमन दल के अलावा सरदारशहर, रतनगढ़, राजगढ़, चूरू, नोहर और भादरा से दर्जनों दमकल गाड़ियों को तत्काल रवाना किया गया। दमकलकर्मियों ने पानी के टैंकरों की सहायता से मोर्चा संभाला और कई घंटों तक लगातार पानी की बौछारें कीं। घंटों की भारी मशक्कत के बाद आखिरकार आग को शांत किया जा सका, हालांकि तब तक फैक्ट्री का ढांचा और अंदर रखी सामग्री पूरी तरह राख के ढेर में बदल चुकी थी। आग लगने की वास्तविक वजह का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है।

## प्रशासनिक अमला पहुंचा मौके पर
अग्निकांड की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और जनसेवक तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। स्थिति का जायजा लेने के लिए पालिकाध्यक्ष हरी इंदौरिया और भाजपा नेता राकेश जांगिड़ के साथ एसडीएम प्रियंका कड़ेला, डीएसपी रोहित सांखला, ईओ अजय प्रताप सिंह तथा थानाधिकारी पुष्पेंद्र सिंह पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर उपस्थित रहे। अधिकारियों ने तबाही का बारीकी से निरीक्षण कर नुकसान का प्रारंभिक आकलन किया और पीड़ित पक्ष को हरसंभव प्रशासनिक मदद उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।

## आर्थिक क्षति और रोजगार पर संकट
इस बड़े अग्निकांड के चलते जहां फैक्ट्री संचालक को करोड़ों रुपये का आर्थिक आघात लगा है, वहीं इस इकाई से जुड़े स्थानीय कामगारों के रोजगार पर भी अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। पुलिस और अग्निशमन महकमा अब संयुक्त रूप से पड़ताल कर रहा है कि यह हादसा शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ या इसके पीछे कोई अन्य कारण जिम्मेदार था।

## इसका आप पर असर
इस भीषण अग्निकांड का सीधा असर स्थानीय कामगारों और आसपास के व्यापारिक तंत्र पर पड़ेगा।

- **भारत में:** हस्तशिल्प आपूर्ति श्रृंखला पर सीमित असर पड़ेगा क्योंकि यह स्थानीय निर्माण इकाई थी। अन्य राज्यों के खरीदारों को ऑर्डर की डिलीवरी में थोड़ी देरी का सामना करना पड़ सकता है।
- **चूरू और तारानगर में:** फैक्ट्री से जुड़े स्थानीय कारीगरों और मजदूरों के रोजगार पर अचानक संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है जिससे प्रभावित पक्ष को राहत मिलने की उम्मीद है।
- **आसपास के प्रतिष्ठानों पर:** पड़ोस के दुकानदारों और कारखानों को अग्नि सुरक्षा मानकों की दोबारा जांच करनी होगी। कस्बे में सुरक्षा सतर्कता को लेकर प्रशासनिक निगरानी बढ़ सकती है।
- **नागरिक सुरक्षा पर:** आग से कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इमारत गिरने से मलबे की सफाई तक आवाजाही सीमित रहेगी। स्थानीय लोग भविष्य में ऐसे हादसों से बचाव के लिए आपातकालीन इंतजामात दुरुस्त करने की मांग कर सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
तारानगर की हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में आग लगने के प्राथमिक कारणों की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है, और अधिकारी विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहे हैं।

- **आग का आरंभ:** बुधवार सुबह इमारत के भीतर से अचानक धुआं उठने के बाद कुछ ही मिनटों में आग ने भीषण रूप ले लिया। आग की लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि स्थानीय स्तर पर प्राथमिक बुझाने के उपाय नाकाफी साबित हुए।
- **संभावित तकनीकी खामी:** पुलिस और अग्निशमन दल इस संभावना की पड़ताल कर रहे हैं कि हादसा शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ या किसी अन्य तकनीकी खराबी से। हालांकि इस पर कोई अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।
- **ज्वलनशील सामग्री की मौजूदगी:** हैंडीक्राफ्ट इकाई होने के कारण कच्चा माल और तैयार सामान तेजी से आग पकड़ने वाला था। इसी वजह से आग देखते ही देखते बेकाबू हो गई और पूरी इमारत ढह गई।
- **आधिकारिक जांच:** एसडीएम, डीएसपी और पुलिस थानाधिकारी सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। आग के सटीक कारण की आधिकारिक पुष्टि विस्तृत तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. तारानगर में आग का हादसा कब और कहां हुआ?
यह हादसा बुधवार सुबह राजस्थान के चूरू जिले के तारानगर कस्बे में स्थित एक हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में हुआ।

### 2. क्या इस अग्निकांड में किसी व्यक्ति की जान गई है?
नहीं, समय रहते स्थिति को भांप लिए जाने की वजह से किसी भी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ।

### 3. आग बुझाने के लिए किन-किन इलाकों से दमकल गाड़ियां बुलाई गईं?
तारानगर के अलावा सरदारशहर, रतनगढ़, राजगढ़, चूरू, नोहर और भादरा से दर्जनों दमकल गाड़ियां मौके पर बुलाई गईं।

### 4. फैक्ट्री में हुए नुकसान का दायरा कितना बड़ा है?
आग की तपिश से पूरी इमारत ध्वस्त हो गई और अंदर रखी आधुनिक मशीनें, कच्चा माल तथा तैयार उत्पाद जलकर खाक होने से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।

### 5. घटनास्थल पर कौन-कौन से प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे?
एसडीएम प्रियंका कड़ेला, डीएसपी रोहित सांखला, ईओ अजय प्रताप सिंह, थानाधिकारी पुष्पेंद्र सिंह, पालिकाध्यक्ष हरी इंदौरिया और भाजपा नेता राकेश जांगिड़ मौके पर पहुंचे।

### 6. आग लगने की मुख्य वजह क्या बताई गई है?
आग लगने के असली कारणों का अभी खुलासा नहीं हो पाया है, और पुलिस व दमकल विभाग शॉर्ट सर्किट सहित सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।

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