# चूरू पॉक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला, नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी बाल अपचारी को 6 साल की सजा और 6 लाख मुआवजा

> राजस्थान के चूरू जिले में पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत ने साल 2024 के एक दुष्कर्म मामले में बाल अपचारी को दोषी करार देते हुए 6 साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़िता को 6 लाख रुपये का मुआवजा देने के भी निर्देश दिए हैं।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/churu-pocso-court-sentences-juvenile-to-6-years-in-rape-case-orders-rs-6-lakh-compensation-for-victim-31786 · **Language:** Hindi
**Tags:** चूरू न्यूज, पॉक्सो कोर्ट, दुष्कर्म मामला, राजस्थान क्राइम, बाल अपचारी, चूरू पुलिस

राजस्थान के चूरू जिले की पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत ने एक बेहद गंभीर और महत्वपूर्ण मामले में सख्त फैसला सुनाते हुए बाल अपचारी को दोषी ठहराया है। अदालत ने साल 2024 में दर्ज किए गए दुष्कर्म के इस मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद दोषी को 6 साल के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय की ओर से दिए गए निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि बाल अपचारी को उसकी 21 वर्ष की आयु पूरी होने तक बीकानेर के संरक्षण गृह में रखा जाएगा। इसके अलावा, अदालत ने पीड़िता को राहत प्रदान करने के लिए पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत छह लाख रुपए का मुआवजा दिए जाने का भी आदेश दिया है।

## साल 2024 में महिला थाने में दर्ज हुआ था मामला
यह पूरा सनसनीखेज मामला अगस्त 2024 के दौरान चूरू के महिला पुलिस थाने में दर्ज कराया गया था। पुलिस को दी गई आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, रतनगढ़ थाना क्षेत्र की रहने वाली करीब 15 साल की एक नाबालिग किशोरी चूरू के ही एक ग्रामीण इलाके में अपने ननिहाल में रहकर अपनी पढ़ाई के साथ-साथ सिलाई सीखने का काम कर रही थी। वह अपनी सिलाई की ट्रेनिंग के सिलसिले में रोजाना अपने गांव से चूरू आया-जाया करती थी। इसी नियमित आवाजाही के दौरान चूरू बस स्टैंड पर उसकी मुलाकात एक बाल अपचारी से हो गई थी, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा।

## होटल में ले जाकर दिया था कुकृत्य को अंजाम
पीड़िता पक्ष की तरफ से पुलिस और अदालत में पेश किए गए आरोपों के मुताबिक, उस मुलाकात के अगले ही दिन बाल अपचारी किशोरी को बातचीत करने के बहाने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। वह उसे चूरू के पुराने बस स्टैंड के नजदीक स्थित सनराइज होटल में लेकर गया, जहां उसने नाबालिग के साथ इस घृणित और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने वारदात के बाद पीड़िता को डराते हुए यह धमकी भी दी थी कि अगर उसने इस घटना के बारे में किसी को भी बताया, तो उसे जान से मार दिया जाएगा। इस भयानक खौफ और मानसिक दबाव के बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर अपने परिजनों को पूरी आपबीती बताई, जिसके तुरंत बाद चूरू महिला थाने में औपचारिक मामला दर्ज कराया गया।

## पुलिस की त्वरित जांच और न्यायालय का कड़ा रुख
मामला दर्ज होने के बाद चूरू महिला थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बेहद तत्परता के साथ जांच को आगे बढ़ाया और सभी जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने अपनी गहन अनुसंधान प्रक्रिया पूरी करने के बाद नियत समय पर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। इसके बाद पॉक्सो अदालत में इस बहुचर्चित मामले की नियमित सुनवाई शुरू हुई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को विस्तार से सुना और फाइल पर आए तमाम सबूतों तथा गवाहों के बयानों का बारीकी से परीक्षण किया। इसके आधार पर पीठासीन अधिकारी ने बाल अपचारी को इस गंभीर अपराध का दोषी करार दिया। न्यायालय के इस कड़े और सख्त फैसले से जहां एक तरफ पीड़िता को न्याय मिलने की आस बंधी है, वहीं समाज में बाल अपराधों के खिलाफ न्यायपालिका की सख्ती का एक कड़ा संदेश भी गया है।

## इसका आप पर असर
इस फैसले का समाज और सुरक्षा व्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ता है, खासकर बाल अपराधों से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय की उम्मीद जगती है।

- **भारत में:** बाल अपराधों और पॉक्सो मामलों में अदालतों की सख्ती से ऐसे मामलों में अपराधियों के मन में डर पैदा होता है और पीड़ितों को समय पर राहत मिलने की प्रक्रिया मजबूत होती है।
- **चूरू में:** स्थानीय स्तर पर इस प्रकार के त्वरित फैसलों से सुरक्षा व्यवस्था और महिला थाने की कार्रवाई को लेकर जनता में न्याय के प्रति विश्वास मजबूत होता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह मामला अगस्त 2024 में दर्ज हुआ था जब पीड़िता ने अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने साक्ष्य जुटाकर कानूनी कार्रवाई पूरी की।

- **त्वरित जांच और चार्जशीट:** महिला पुलिस थाने ने घटना के बाद तुरंत साक्ष्य जुटाए और समय पर अदालत में चालान पेश किया जिससे सुनवाई तेजी से आगे बढ़ी।
- **साक्ष्यों का परीक्षण:** अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और दस्तावेजों का बारीकी से परीक्षण करने के बाद बाल अपचारी को दोषी पाया।
- **कानूनी प्रावधान:** पॉक्सो अधिनियम और पीड़ित प्रतिकर स्कीम के नियमों के तहत अदालत ने दोषी को संरक्षण गृह भेजने और मुआवजे का आदेश दिया।

## सवाल-जवाब

### 1. यह मामला किस जिले और अदालत से संबंधित है?
यह मामला राजस्थान के चूरू जिले की पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत से संबंधित है।

### 2. बाल अपचारी को कितनी सजा सुनाई गई है?
बाल अपचारी को 6 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है और उसे 21 वर्ष की आयु तक बीकानेर के संरक्षण गृह में रखा जाएगा।

### 3. घटना कब और कहाँ दर्ज की गई थी?
यह मामला अगस्त 2024 में चूरू के महिला पुलिस थाने में दर्ज कराया गया था।

### 4. पीड़िता को कितना मुआवजा देने का आदेश दिया गया है?
अदालत ने पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत पीड़िता को छह लाख रुपए का मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।

### 5. घटना किस स्थान पर घटित हुई थी?
यह घटना चूरू के पुराने बस स्टैंड के पास स्थित सनराइज होटल में हुई थी।

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