# दहेज मामले में सुनवाई न होने पर गंगापुर सिटी में एएसपी दफ्तर की छत पर चढ़ी युवती, पुलिस ने सूझबूझ से सुरक्षित उतारा

> सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी में ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज न होने से आहत युवती एएसपी कार्यालय की छत पर जा चढ़ी, जिसे पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित बचा लिया।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-11-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/daheja-mamale-men-sunavai-na-hone-para-gangapur-city-men-asp-daphtara-ki-chhata-para-charhi-yuvati-pulisa-ne-sujhabujha-se-suraksh-54247 · **Language:** Hindi
**Tags:** गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर, राजस्थान पुलिस, दहेज प्रताड़ना, एएसपी कार्यालय, क्राइम न्यूज़

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के अंतर्गत आने वाले गंगापुर सिटी इलाके में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक व्यथित युवती सीधे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) कार्यालय की छत पर जा पहुंची। छत की मुंडेर पर युवती की मौजूदगी देखते ही प्रशासनिक परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों, कर्मचारियों और अन्य आगंतुकों के हाथ-पांव फूल गए। ससुराल पक्ष की प्रताड़ना और पुलिस द्वारा दहेज मामले में प्राथमिकी दर्ज न किए जाने के विरोध में उठाया गया यह कदम पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।

## ससुराल पक्ष से विवाद और केस दर्ज न होने की नाराजगी
पीड़िता का अपने ससुराल के लोगों के साथ लंबे समय से गंभीर पारिवारिक कलह चल रहा था। उसका सीधा आरोप था कि दहेज उत्पीड़न को लेकर वह लगातार कानूनी कार्रवाई की गुहार लगा रही थी, लेकिन थाने के स्तर पर उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। बार-बार चक्कर काटने के बावजूद जब संबंधित पक्षों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने में टालमटोल की गई, तो हताशा और क्षोभ में आकर उसने यह जोखिम भरा रास्ता अख्तियार किया। उसका मकसद उच्चाधिकारियों तक अपनी आवाज पहुंचाना और न्याय की गुहार लगाना था।

## घंटों चली मान-मनौव्वल और छत पर बना रहा तनाव
एएसपी दफ्तर की छत पर युवती के खड़े होने की जानकारी जैसे ही अधिकारियों और जवानों को मिली, परिसर में त्वरित रूप से बचाव की कवायद शुरू कर दी गई। पुलिसकर्मियों ने नीचे से और छत के रास्ते पहुंचकर उससे निरंतर बातचीत की तथा समझा-बुझाकर नीचे आने का आग्रह किया। काफी देर तक चले संवाद के बावजूद युवती अपनी मांगों पर अड़ी रही और साफ कह दिया कि जब तक उसकी शिकायत पर ठोस कानूनी कार्रवाई का भरोसा नहीं मिलता, वह नीचे नहीं आएगी।

## रणनीति बनाकर पुलिस ने पीछे से पकड़ा, टला बड़ा हादसा
जब बातचीत के सामान्य प्रयास विफल साबित होने लगे और समय बीतने के साथ किसी भी अनहोनी की आशंका गहराने लगी, तब पुलिस दल ने एक सुविचारित रणनीति तैयार की। कुछ पुलिसकर्मियों ने युवती का ध्यान बातचीत में उलझाए रखा, जबकि अन्य कर्मियों ने दबे पांव पीछे से पहुंचकर उसे अचानक दोनों हाथों से सुरक्षित पकड़ लिया। त्वरित सूझबूझ और सावधानी से उसे मुंडेर से दूर खींचकर नीचे सुरक्षित लाया गया। इस सफल बचाव अभियान के बाद परिसर में मौजूद सभी लोगों ने राहत की गहरी सांस ली, वहीं अब सभी का ध्यान इस बात पर है कि पीड़िता की मूल दहेज शिकायत पर विभाग आगे क्या कानूनी कदम उठाता है।

## इसका आप पर असर
यह घटना थानों में महिलाओं की गंभीर शिकायतों के त्वरित पंजीकरण और पुलिस संवेदनशीलता की अनिवार्य आवश्यकता को उजागर करती है।

- **भारत में:** देश भर में दहेज उत्पीड़न या वैवाहिक विवाद के मामलों में थानों पर समय से प्राथमिकी दर्ज न होने की शिकायतें अक्सर सामने आती रहती हैं। पीड़ित नागरिकों के लिए आवश्यक है कि वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण या वरिष्ठ अधिकारियों के पास लिखित अर्जी देकर कानूनी उपचार की मांग करें।
- **गंगापुर सिटी में:** सवाई माधोपुर और गंगापुर सिटी क्षेत्र के स्थानीय थानों में घरेलू उत्पीड़न संबंधी शिकायतों की त्वरित जांच और सुनवाई की मांग अब तेज होगी। स्थानीय निवासियों और न्याय के लिए प्रयासरत महिलाओं के लिए यह प्रशासनिक जवाबदेही तय करने का एक प्रमुख संदर्भ बन गया है।
- **पीड़ितों के अधिकार:** यदि कोई थाना गंभीर शिकायत पर संज्ञान नहीं लेता, तो नागरिक सीधे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक या मजिस्ट्रेट की अदालत में गुहार लगा सकते हैं। कानून के तहत एफआईआर दर्ज करने से मना किए जाने पर उच्च स्तरीय औपचारिक शिकायत निवारण प्रणाली का उपयोग किया जा सकता है।
- **प्रशासनिक प्रोटोकॉल:** पुलिस परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था और संकट में घिरे नागरिकों के साथ पेशेवर व्यवहार को लेकर दिशा-निर्देश कड़े किए जा सकते हैं। इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर त्वरित काउंसलिंग और महिला सहायता डेस्क को अधिक सक्रिय करने की जरूरत रेखांकित हुई है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना मुख्य रूप से ससुराल पक्ष से चल रहे घरेलू विवाद और उसके बाद पुलिस द्वारा दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज न करने के कारण उपजे आक्रोश की वजह से घटी।

- **दहेज मामले में शिथिलता:** पीड़िता लंबे समय से अपने ससुराल के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करवाने के प्रयास में थी, लेकिन स्थानीय पुलिस द्वारा समय पर मामला दर्ज नहीं किया गया। इस प्रशासनिक उदासीनता ने युवती को अपनी बात मनवाने के लिए यह हताश कदम उठाने पर विवश किया।
- **पारिवारिक कलह का दबाव:** ससुराल पक्ष के साथ निरंतर चल रहा विवाद और न्याय पाने के सामान्य रास्तों के बंद होने का आभास तनाव की मुख्य वजह बना। जब थाने में सामान्य माध्यमों से राहत नहीं मिली, तो उसने उच्चाधिकारियों का ध्यान खींचने का फैसला किया।
- **कार्यालय परिसर में सुरक्षा चूक:** युवती आसानी से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय की छत तक पहुंच गई, जिससे स्पष्ट होता है कि सरकारी भवनों के ऊपरी हिस्सों तक सामान्य पहुंच पर पर्याप्त निगरानी का अभाव था। इस स्थिति ने उसे छत की मुंडेर तक जाने का अवसर दे दिया।

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना किस स्थान पर और किस कार्यालय में हुई?
यह घटना राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में गंगापुर सिटी स्थित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) कार्यालय की छत पर हुई।

### 2. युवती ने एएसपी दफ्तर की छत पर चढ़ने का कदम क्यों उठाया?
युवती का आरोप था कि ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के मामले में पुलिस उसकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं कर रही थी।

### 3. पुलिस ने युवती को छत से नीचे उतारने के लिए क्या किया?
पुलिसकर्मियों ने पहले बातचीत से उसे समझाने का प्रयास किया और फिर रणनीति के तहत पीछे से पकड़कर सुरक्षित नीचे उतार लिया।

### 4. घटना के बाद आगे क्या कानूनी कार्रवाई अपेक्षित है?
घटना के बाद सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि युवती द्वारा लगाए गए आरोपों और उसकी दहेज संबंधी शिकायत पर पुलिस क्या कदम उठाती है।

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