# दौसा के बालाहेड़ा में कृषि यूरिया से डीईएफ बनाने वाले अवैध ठिकाने पर छापा, 3000 लीटर केमिकल जब्त

> दौसा जिले के बालाहेड़ा गांव में कृषि विभाग और पुलिस ने देर रात छापा मारकर खेतों वाले नीम कोटेड यूरिया से वाहनों के लिए तैयार किया जा रहा 3000 लीटर डीईएफ जब्त किया। इस मामले में बैजूपाड़ा थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/dausa-ke-balaheda-men-krishi-yuriya-se-def-banane-vale-avaidha-thikane-para-chhapa-3000-litara-kemikala-jabta-36261 · **Language:** Hindi
**Tags:** दौसा, कृषि विभाग, नीम कोटेड यूरिया, डीईएफ, बैजूपाड़ा पुलिस, आवश्यक वस्तु अधिनियम

राजस्थान के दौसा जिले में खेती-किसानी के लिए मिलने वाले नीम कोटेड यूरिया के गैर-कानूनी इस्तेमाल का एक बड़ा मामला सामने आया है। कृषि विभाग की एक विशेष टीम ने देर रात बालाहेड़ा गांव में चल रही एक गुप्त निर्माण इकाई पर औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई के दौरान वहां भारी मात्रा में कृषि यूरिया की थैलियां मिलीं, जिनका उपयोग वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण घोल यानी डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड (डीईएफ) को बनाने में किया जा रहा था। प्रशासनिक टीम ने कार्रवाई करते हुए मौके से करीब 3000 लीटर तैयार रासायनिक घोल को अपने नियंत्रण में ले लिया।

## देर रात बालाहेड़ा गांव में प्रशासनिक कार्रवाई
कृषि विभाग के सहायक निदेशक अशोक मीणा की अगुवाई में अधिकारियों की टीम ने बालाहेड़ा गांव स्थित इस परिसर की घेराबंदी की। जांच के दौरान परिसर के भीतर नीम कोटेड यूरिया की कई बोरियां रखी हुई पाई गईं। इसके अलावा वहां रखी बड़ी टंकियों में करीब 3000 लीटर तैयार डीईएफ तरल भरा हुआ मिला। स्थिति की गंभीरता और अवैध व्यावसायिक गतिविधि को देखते हुए तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद बैजूपाड़ा थाना अधिकारी मनीषा मीणा अपने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और संयुक्त रूप से कार्रवाई को आगे बढ़ाया।

## खेती के रियायती उर्वरक का गैर-कानूनी कारोबार
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि खेतों में फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए रियायती दरों पर मिलने वाले यूरिया को अवैध तरीके से गाड़ि‍यों के व्यावसायिक फ्लूइड में बदला जा रहा था। कृषि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कृषि यूरिया का इस तरह किसी भी व्यावसायिक अथवा औद्योगिक उत्पाद में इस्तेमाल करना कानूनन जुर्म है। टीम ने परिसर में मौजूद पूरे नीम कोटेड यूरिया के स्टॉक और तैयार 3000 लीटर तरल को जब्त कर लिया ताकि इसे बाजार में खपाया न जा सके।

## मुकेश कुमार के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज
अवैध निर्माण और उर्वरक के दुरुपयोग को लेकर मुकेश कुमार नामक व्यक्ति के खिलाफ बैजूपाड़ा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने यह कानूनी कार्रवाई उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 25 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत दर्ज की है। पुलिस प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि आरोपी के पास इतनी बड़ी तादाद में सरकारी यूरिया की आपूर्ति कहां से हो रही थी और यह अवैध यूनिट कितने समय से चलाई जा रही थी।

## डीजल वाहनों में क्या भूमिका निभाता है डीईएफ
डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड दरअसल आधुनिक डीजल इंजनों से निकलने वाली हानिकारक गैसों और धुएं को नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक जलीय घोल है। यह तकनीक वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को घटाने का काम करती है। हालांकि इसके अधिकृत निर्माण के लिए औद्योगिक ग्रेड का उपयोग तय मानकों के अनुसार किया जाता है, लेकिन यहां मुनाफा कमाने के चक्कर में किसानों के हक के नीम कोटेड यूरिया का अवैध घोल तैयार किया जा रहा था।

## इसका आप पर असर
सब्सिडी वाले यूरिया के अवैध दोहन पर प्रशासनिक कार्रवाई से उर्वरक वितरण और वाहन चालकों की सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है।

- **किसानों के लिए:** कृषि यूरिया की कालाबाजारी रुकने से ग्रामीण क्षेत्रों में असली किसानों को खाद की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। उचित निगरानी रहने से समय पर फसलों के लिए सरकारी दरों पर यूरिया उपलब्ध हो सकेगा।
- **वाहन मालिकों के लिए:** घटिया और अनधिकृत डीईएफ के उपयोग से गाड़ियों के महंगे साइलेंसर और प्रदूषण नियंत्रण उपकरण खराब होने का खतरा टलता है। गाड़ी चालकों को हमेशा प्रमाणित आउटलेट से ही मानक गुणवत्ता वाला फ्लूइड खरीदना चाहिए।
- **दौसा जिले में:** स्थानीय स्तर पर कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त सख्ती से अवैध गोदामों व कालाबाजारी करने वालों पर लगाम लगेगी। प्रशासन अब खाद की आपूर्ति श्रृंखला की जांच कर रहा है ताकि संदिग्ध वितरण केंद्रों पर शिकंजा कसा जा सके।
- **कानूनी जवाबदेही:** आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज होने से बिचौलियों में कड़ा संदेश जाएगा। कृषि सामग्री का दुरुपयोग करने वाले व्यापारियों को सख्त सजा और जब्ती की कार्रवाई झेलनी पड़ सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना कृषि के लिए दी जाने वाली भारी सब्सिडी और व्यावसायिक उत्पादों में कच्चे माल की ऊंची कीमत के बीच के अंतर का नाजायज फायदा उठाने के कारण सामने आई है।

- **लागत बचाने का लालच:** कृषि उपयोग के लिए मिलने वाले नीम कोटेड यूरिया पर सरकार भारी सब्सिडी देती है, जबकि औद्योगिक यूरिया की दरें काफी अधिक होती हैं। मुनाफाखोर सस्ता कृषि यूरिया खरीदकर उसे तरल रूप में घोलकर महंगे दामों पर व्यावसायिक डीईएफ बनाकर बेचते हैं।
- **गुप्त तरीके से संचालन:** ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी की कमी का फायदा उठाकर बालाहेड़ा गांव में यह अनधिकृत यूनिट रात के समय चलाई जा रही थी। अधिकारियों को सूचना मिलने पर तुरंत रात में छापा मारा गया, जहां बोरियां और टंकियां बरामद हुईं।
- **आपूर्ति श्रृंखला की जांच:** मामले में यह पड़ताल अभी जारी है कि कृषि यूरिया का इतना बड़ा कोटा किस खाद विक्रेता या एजेंसी से आरोपी मुकेश कुमार तक पहुंचा। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. दौसा में कृषि विभाग ने किस जगह पर छापा मारा?
कृषि विभाग ने दौसा जिले के बालाहेड़ा गांव में एक गुप्त परिसर पर देर रात छापा मारा।

### 2. छापेमारी के दौरान कितनी मात्रा में डीईएफ बरामद किया गया?
कार्रवाई के दौरान टंकियों में भरा हुआ करीब 3000 लीटर तैयार डीईएफ जब्त किया गया।

### 3. इस कार्रवाई का नेतृत्व किस अधिकारी ने किया?
इस छापे का नेतृत्व कृषि विभाग के सहायक निदेशक अशोक मीणा ने किया, जबकि मौके पर बैजूपाड़ा थाना अधिकारी मनीषा मीणा भी पहुंचीं।

### 4. डीईएफ बनाने में किस सामग्री का गलत इस्तेमाल किया जा रहा था?
वाहनों में उपयोग होने वाले डीईएफ को बनाने के लिए किसानों को मिलने वाले नीम कोटेड यूरिया का अवैध इस्तेमाल किया जा रहा था।

### 5. इस मामले में किसके खिलाफ और किन धाराओं में केस दर्ज हुआ है?
मुकेश कुमार के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 25 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

### 6. वाहनों में डीईएफ (डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड) का क्या काम होता है?
डीईएफ एक खास रासायनिक घोल है, जिसका उपयोग आधुनिक डीजल वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण और जहरीली गैसों को कम करने के लिए किया जाता है।

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