# डीग के बड़ेसरा में चारे के ढेर में मिले 13 साल के जुड़वा भाइयों के शव, सिर पर गंभीर चोटों के बाद जांच तेज

> राजस्थान के डीग जिले में दो नाबालिग जुड़वा भाइयों के शव मिलने से सनसनी फैल गई है। पुलिस अधीक्षक सहित फॉरेंसिक टीमों ने मौके का मुआयना कर मौत के कारणों की पड़ताल शुरू कर दी है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/deeg-ke-baresara-men-chare-ke-dhera-men-mile-13-sala-ke-jurava-bhaiyon-ke-shava-sira-para-gnbhira-choton-ke-bada-jancha-teja-49934 · **Language:** Hindi
**Tags:** डीग, भरतपुर, क्राइम, राजस्थान पुलिस, डबल मर्डर, बड़ेसरा, फॉरेंसिक जांच

राजस्थान में डीग जिले के बड़ेसरा गांव से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां ज्वार और बाजरे के सूखे चारे के ढेर में दो नाबालिग जुड़वा भाइयों के शव बरामद किए गए हैं। दोनों बच्चों की उम्र करीब 13 वर्ष बताई जा रही है। गांव के भीतर इस तरह रहस्यमय और अस्वाभाविक परिस्थिति में शव मिलने की खबर जैसे ही फैली, पूरे क्षेत्र में भारी अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों के बीच डर का माहौल बन गया। शुरुआती पड़ताल के दौरान दोनों बालकों के सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे घटना के पीछे किसी गहरी आपराधिक साजिश का अंदेशा जताया जा रहा है।

## घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक, आला अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले के आला पुलिस अधिकारी तुरंत हरकत में आ गए। डीग के पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ ने खुद बड़ेसरा गांव पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और स्थानीय पुलिसकर्मियों को जरूरी निर्देश दिए। यह इलाका नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जिसके साथ ही जनूथर थाने की पुलिस टीम भी तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस दल ने पूरे इलाके को घेरे में लेकर स्थानीय लोगों से पूछताछ शुरू की और घटना से जुड़े हर छोटे-बड़े पहलू की पड़ताल में जुट गई। पुलिस अधिकारी हर संभावित दिशा में सुराग तलाशने का प्रयास कर रहे हैं ताकि मौत के कारणों की स्पष्ट कड़ियां जोड़ी जा सकें।

## फॉरेंसिक विशेषज्ञों और श्वान दल की मदद से जुटाए जा रहे साक्ष्य
बालकों के सिर पर चोट के स्पष्ट निशान मिलने के कारण पुलिस इसे एक गंभीर आपराधिक वारदात मानकर आगे बढ़ रही है। मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य सुरक्षित करने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब यानी एफएसएल की विशेष टीम और डॉग स्क्वाड को घटनास्थल पर बुलाया गया है। फॉरेंसिक विशेषज्ञ चारे के ढेर और उसके आसपास के इलाके से उंगलियों के निशान और अन्य भौतिक सबूत एकत्रित कर रहे हैं, जबकि खोजी कुत्ते सुराग की तलाश में गांव के आसपास के रास्तों की खाक छान रहे हैं। जांच एजेंसी यह पुख्ता करने में लगी है कि बालकों की मौत किसी अचानक हुए हादसे का परिणाम है अथवा किसी ने योजनाबद्ध तरीके से इस कृत्य को अंजाम दिया है।

## पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की असली वजह
जांच अधिकारियों ने मौका-मुआयना और प्राथमिक साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों भाइयों के शवों को कब्जे में ले लिया है। पुलिस दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजने की तैयारी कर रही है। चिकित्सकों द्वारा तैयार की जाने वाली विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह पूरी तरह साफ हो पाएगा कि बच्चों की जान किस समय और किन हथियारों या परिस्थितियों में गई। एक साथ दो मासूम जुड़वा बेटों के इस तरह दुनिया से चले जाने के बाद बड़ेसरा गांव में मातम पसरा हुआ है, और परिजन तथा ग्रामीण न्याय की उम्मीद में पुलिस जांच के परिणामों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

## इसका आप पर असर
ग्रामीण इलाकों में बच्चों की सुरक्षा और स्थानीय आपराधिक घटनाओं की निगरानी को लेकर यह घटना बेहद गंभीर चेतावनी देती है।

- **राजस्थान में:** ग्रामीण क्षेत्रों में सुनसान जगहों और कृषि भंडारों के आसपास बच्चों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखने की जरूरत बढ़ गई है। अभिभावकों और ग्राम पंचायतों को अनजान गतिविधियों की तुरंत स्थानीय थाने में सूचना देने की सलाह दी जाती है।
- **डीग जिले में:** बड़ेसरा और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस गश्त और सुरक्षा जांच तेज कर दी गई है। स्थानीय निवासियों को जांच में सहयोग करने और अफवाहों से बचने के निर्देश दिए गए हैं।
- **सामान्य पाठकों के लिए:** किसी भी संदिग्ध परिस्थिति या लावारिस स्थिति में शव अथवा चोटिल व्यक्ति दिखने पर तुरंत आपातकालीन पुलिस नंबर पर कॉल करें। घटनास्थल से किसी भी वस्तु को न छुएं ताकि फॉरेंसिक साक्ष्य नष्ट न हों।
- **कानूनी प्रक्रिया:** ऐसे मामलों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक रिपोर्ट ही संदिग्धों की पहचान और कानूनी कार्रवाई की आधारशिला बनती है। पुलिस जांच पूरी होने तक परिजनों और ग्रामीणों को आधिकारिक बयानों पर ही भरोसा करना चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना डीग जिले के बड़ेसरा गांव में ज्वार-बाजरे की पुंज में दो सगे नाबालिग भाइयों के शव मिलने के बाद सामने आई, जिनकी मौत के कारणों की अभी आधिकारिक जांच की जा रही है।

- **घटना का प्रत्यक्ष कारण:** दोनों बच्चों के सिर पर चोट के गंभीर निशान पाए गए हैं, जिससे अधिकारियों को किसी आपराधिक हमले या भारी वस्तु से प्रहार किए जाने का संदेह है। यद्यपि मौत का सटीक कारण अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही निर्धारित होगा।
- **परिस्थितियां:** शव गांव में रखे ज्वार और बाजरे के सूखे चारे के ढेर में छिपाए या पड़े मिले, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि बच्चे वहां कैसे पहुंचे। सुनसान कृषि स्थान होने के कारण घटना के समय किसी प्रत्यक्षदर्शी की मौजूदगी नहीं थी।
- **वर्तमान स्थिति और जांच:** घटना की पुष्टि होते ही पुलिस अधीक्षक सहित नगर और जनूथर थाने की पुलिस ने मौके पर मोर्चा संभाला। किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले एफएसएल और श्वान दल के माध्यम से मौके से सबूत जुटाए जा रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. डीग के बड़ेसरा गांव में क्या घटना घटी है?
बड़ेसरा गांव में 13 साल के दो जुड़वा भाइयों के शव ज्वार-बाजरे के चारे के ढेर में मिले हैं, जिनके सिर पर चोट के निशान पाए गए हैं।

### 2. घटना की जांच के लिए कौन से वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे?
डीग के पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया और जांच के निर्देश दिए।

### 3. साक्ष्य जुटाने के लिए किन विशेष टीमों को बुलाया गया है?
मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्य एकत्रित करने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) और डॉग स्क्वाड को बुलाया गया है।

### 4. बच्चों की मौत के सही कारणों का पता कब चलेगा?
पुलिस द्वारा शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी।

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