# डीग में जुड़वां भाइयों की सनसनीखेज हत्या का खुलासा, मां और उसका प्रेमी गिरफ्तार

> राजस्थान के डीग जिले में दो मासूम जुड़वां भाइयों की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। प्रेम प्रसंग के खुलासे के डर से मां और उसके प्रेमी ने मिलकर दोनों बच्चों की हत्या कर दी थी।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/deeg-men-juravan-bhaiyon-ki-sanasanikheja-hatya-ka-khulasa-man-aura-usaka-premi-giraphtara-50385 · **Language:** Hindi
**Tags:** डीग मर्डर केस, राजस्थान अपराध, जुड़वां बच्चों की हत्या, बडेसरा गांव, ऑपरेशन संकल्प

राजस्थान के डीग जिले से एक अत्यंत झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पुलिस ने दो मासूम जुड़वां भाइयों की हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए एक सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस वीभत्स हत्याकांड में किसी बाहरी का नहीं बल्कि बच्चों की अपनी मां प्रीति और उसके प्रेमी राजेश का हाथ सामने आया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है और हर कोई इस बेरहमी से हैरान है।

## प्रेम प्रसंग बना मासूमों की मौत की वजह
जांच में यह बात सामने आई है कि प्रीति और राजेश के बीच अवैध संबंध थे। आरोपियों को इस बात का डर सता रहा था कि उनके प्रेम प्रसंग का राज सबके सामने खुल जाएगा। इसी बात को छिपाने और रास्ते का कांटा हटाने के लिए दोनों ने मिलकर इन मासूमों को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची। योजना के तहत, रात के समय धारदार हथियारों से वार करके विनय और विष्णु की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की नीयत से दोनों बच्चों के शवों को गांव में ही कड़बी के पूंजों के बीच छिपा दिया, ताकि किसी को तुरंत इसकी भनक न लग सके।

## ऑपरेशन संकल्प के तहत पुलिस की त्वरित कार्रवाई
यह पूरा मामला डीग जिले के बडेसरा गांव का है। दो मासूम बच्चों की अचानक मौत और उनके शव मिलने की सूचना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। इस हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए जनूथर थाना पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और ऑपरेशन संकल्प के तहत इस अंधे कत्ल की तह तक जाने के लिए जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से पुख्ता सबूत जुटाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इसके लिए फॉरेंसिक साइंस लैब यानी एफएसएल टीम, डॉग स्क्वायड और मोबाइल यूनिट यानी एमओबी टीम की विशेष मदद ली गई ताकि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचा जा सके।

## मनोवैज्ञानिक पूछताछ में आरोपियों ने कबूला जुर्म
पुलिस अधीक्षक गोपीनाथ शरण कांबले ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती दौर में पुलिस के सामने कोई ठोस सुराग नहीं था, लेकिन तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक तरीके से की गई पूछताछ ने रंग दिखाया। जब पुलिस ने दोनों से कड़ाई से पूछताछ की, तो प्रीति और राजेश टूट गए और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरी साजिश को किस तरह से अंजाम दिया गया और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भी कोई भूमिका थी या नहीं।

## बडेसरा गांव में पसरा मातम और ग्रामीणों में आक्रोश
बडेसरा गांव में हुई इस दिल दहला देने वाली वारदात के बाद से शोक और गुस्से का माहौल है। जुड़वां भाइयों की इस तरह से हत्या किए जाने के बाद से स्थानीय लोग गहरे सदमे में हैं। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब अन्य सभी तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों का सत्यापन करना शुरू कर दिया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में कोर्ट में मजबूत चार्जशीट पेश की जाएगी ताकि दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिल सके और न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

## इसका आप पर असर
यह घटना समाज में पारिवारिक रिश्तों की टूटन और बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति को उजागर करती है, जिसका सीधा असर आम नागरिकों की सुरक्षा और संवेदनशीलता पर पड़ता है।

- **राजस्थान में:** स्थानीय निवासियों और विशेषकर ग्रामीण इलाकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता बढ़ गई है। इस तरह की घटनाएं पारिवारिक व सामाजिक ताने-बाने पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
- **कानूनी कार्रवाई में:** पुलिस प्रशासन और न्याय प्रणाली पर इस बात का दबाव रहता है कि ऐसे जघन्य मामलों में स्पीडी ट्रायल के जरिए जल्द से जल्द सजा सुनिश्चित की जाए। इससे इस प्रकार के अपराधों में लिप्त होने वाले असामाजिक तत्वों में कानून का खौफ पैदा होता है।
- **सुरक्षा के मोर्चे पर:** इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस और खुफिया तंत्र को ग्रामीण इलाकों में पारिवारिक विवादों तथा ऐसे मामलों पर अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता महसूस होती है। समय रहते सतर्कता बरतने से कई बार ऐसी अनहोनी को रोका जा सकता है।
- **मानवीय संवेदनाओं पर:** यह मामला पारिवारिक रिश्तों की संवेदनशीलता और विश्वास के अंत को दर्शाता है, जिससे आम जनता के बीच मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक परामर्श की जरूरत महसूस होती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह दर्दनाक घटना आपसी संबंधों को छिपाने और आपराधिक मानसिकता के कारण घटी, जिसके पीछे कई परिस्थितियां और कारण जिम्मेदार रहे।

- **प्रेम प्रसंग का दबाव:** आरोपियों प्रीति और राजेश के बीच अवैध संबंध थे, जिन्हें वे समाज और परिवार से छुपाए रखना चाहते थे।
- **खौफ और बौखलाहट:** बच्चों द्वारा इस रिश्ते को देख लिए जाने या इसके उजागर होने के डर से आरोपियों ने खौफनाक कदम उठाया।
- **वैज्ञानिक जांच की भूमिका:** पुलिस ने एफएसएल, डॉग स्क्वायड और मनोवैज्ञानिक पूछताछ का सहारा लेकर इस छिपे हुए जुर्म का पर्दाफाश किया।

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना किस जिले में हुई है?
यह घटना राजस्थान के डीग जिले के बडेसरा गांव में हुई है।

### 2. इस मामले में किन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने बच्चों की मां प्रीति और उसके प्रेमी राजेश को गिरफ्तार किया है।

### 3. मृतक बच्चे कौन थे?
मृतक बच्चे विनय और विष्णु नाम के दो मासूम जुड़वां भाई थे।

### 4. हत्या का मुख्य कारण क्या था?
प्रेम प्रसंग उजागर होने के डर से दोनों आरोपियों ने मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी।

### 5. बच्चों के शवों को कहाँ छिपाया गया था?
हत्या के बाद आरोपियों ने दोनों बच्चों के शवों को गांव में कड़बी के पूंजों के बीच छिपा दिया था।

### 6. पुलिस ने इस मामले का खुलासा किस अभियान के तहत किया?
जनूथर थाना पुलिस ने ऑपरेशन संकल्प के तहत इस मामले का खुलासा किया है।

### 7. मामले की जांच में किन टीमों की मदद ली गई?
जांच के दौरान एफएसएल, डॉग स्क्वायड और एमओबी टीम की मदद ली गई।

### 8. पुलिस अधीक्षक का क्या नाम है?
पुलिस अधीक्षक का नाम गोपीनाथ शरण कांबले है।

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