दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे: अलवर में नींद की झपकी से हादसे रोकने के लिए लगेंगी 35 रंबल स्ट्रिप, ऐसे जागते रहेंगे ड्राइवर अलवर से गुजरने वाले दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के करीब 75 किलोमीटर हिस्से में NHAI और पुलिस मिलकर हर 2 से ढाई किलोमीटर पर कुल 35 रंबल स्ट्रिप लगाएंगे, ताकि रात में झपकी लेने वाले चालक कंपन से तुरंत जाग जाएं। राजस्थान के अलवर जिले से गुजरने वाला दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे अपनी चमचमाती और सीधी सड़कों के लिए जाना जाता है, लेकिन यही खूबी अब जानलेवा साबित हो रही थी। लगातार बढ़ते सड़क हादसों को थामने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने मिलकर एक तकनीकी रास्ता निकाला है। हाईवे के चुनिंदा हिस्सों पर अब ‘रंबल स्ट्रिप’ यानी सड़क पर बनी विशेष उभरी धारियां लगाई जाएंगी, जिनका मकसद रात के समय गाड़ी चलाते वक्त चालकों को आने वाली झपकी की वजह से होने वाले भीषण हादसों पर रोक लगाना है। आधी रात से सुबह तक का खतरनाक समय हादसों की पड़ताल में एक चौंकाने वाली बात सामने आई। इस एक्सप्रेसवे पर ज्यादातर बड़ी दुर्घटनाएं रात 12 बजे से सुबह 5 बजे के बीच हुई हैं। वजह भी दिलचस्प और चिंताजनक दोनों है — यहां सड़क की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर की है और रास्ते बेहद सीधे हैं। लंबे सफर की थकान और सामने किसी तरह की बाधा न होने के चलते चालक की आंख अनजाने में ही झपक जाती है। चूंकि रफ्तार पहले से तेज होती है, इसलिए एक पल की झपकी में ही वाहन बेकाबू होकर आगे चल रहे ट्रक में जा घुसता है या डिवाइडर से टकरा जाता है। 75 किलोमीटर के पैच पर 35 स्ट्रिप अलवर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) डॉ. प्रियंका रघुवंशी के मुताबिक, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का करीब 75 किलोमीटर लंबा हिस्सा अलवर जिले की सीमा से होकर गुजरता है। इसी पूरे हिस्से को सुरक्षित बनाने के लिए अलवर पुलिस ने NHAI को सुझाव दिया है कि हर 2 से ढाई किलोमीटर की दूरी पर एक रंबल स्ट्रिप लगाई जाए। इस योजना के तहत पूरे पैच में कुल 35 रंबल स्ट्रिप बनाई जाएंगी। इनका काम करने का तरीका भी सरल है। जैसे ही कोई तेज रफ्तार गाड़ी इन उभरी धारियों के ऊपर से गुजरेगी, वैसे ही उसमें तेज कंपन और घड़घड़ाहट की आवाज पैदा होगी। अगर चालक को नींद की झपकी आ रही होगी, तो यह अचानक होने वाला झटका और आवाज उसकी आंख तुरंत खोल देगी और वह सतर्क होकर वाहन को संभाल लेगा। 10 महीनों में दो दर्जन से ज्यादा मौतें हादसों की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीते महज 10 महीनों में ही दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के अलवर सेक्शन में दो दर्जन से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। इसी दौरान सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल होकर अपाहिज हो चुके हैं। डॉ. प्रियंका रघुवंशी ने यह भी साफ किया कि सुरक्षा सिर्फ रंबल स्ट्रिप तक सीमित नहीं रहेगी। पुलिस जमीनी स्तर पर भी लगातार सख्ती बरत रही है। सुरक्षित लेन ड्राइविंग का पालन न करने वाले भारी वाहनों और नो-पार्किंग जोन में अवैध रूप से गाड़ी खड़ी करने वाले चालकों के खिलाफ भारी-भरकम चालान काटने की मुहिम चलाई जा रही है, ताकि आगे किसी बेकसूर की जान न जाए। https://trendkia.com/rajasthan/delhi-munbai-eksapresave-alavara-men-ninda-ki-jhapaki-se-hadase-rokane-ke-lie-la-656 TrendKia — Har trend, sabse pehle.